Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल पर ₹5 का झटका, डीजल भी ₹3 महंगा, जानें नया रेट

Petrol Diesel Price Hike: नायरा एनर्जी ने 3 अक्टूबर से पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया। जानें नया रेट और सरकारी पंपों पर क्या बदला।

Jyotsana Singh
Published on: 3 Oct 2026 4:52 PM IST
Petrol Diesel Price Hike 2026
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Petrol Diesel Price Hike 2026

Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर शनिवार को बड़ा बदलाव हुआ है। निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 3 अक्टूबर 2026 से तत्काल प्रभाव से नायरा के देशभर के पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद कंपनी के आउटलेट पर पेट्रोल करीब ₹100.71 प्रति लीटर और डीजल ₹91.31 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। यानी आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नजर रखना जरूरी होगा।

नायरा के पेट्रोल पंप पर आज से कितना महंगा हुआ ईंधन?

नायरा एनर्जी ने अपने पूरे रिटेल नेटवर्क में पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹3 प्रति लीटर बढ़ाई है। कंपनी के देशभर में 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो नायरा के पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदते हैं। जबकि, हर राज्य में ग्राहक को चुकाई जाने वाली अंतिम कीमत एक जैसी होना जरूरी नहीं है। स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्क के कारण अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमत अलग रह सकती है।

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेजी बनी वजह

ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की लागत बढ़ना बताया जा रहा है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए वैश्विक तेल कीमतों में तेजी का असर घरेलू ईंधन कारोबार की लागत पर पड़ता है। नायरा का ताजा फैसला इसी बढ़ती लागत और घरेलू बिक्री कीमत के बीच अंतर को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

मार्च में भी बढ़ाए थे दाम, जुलाई में फिर किए थे कम

नायरा एनर्जी ने इस साल इससे पहले 26 मार्च को पेट्रोल में ₹5 और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। उस समय कंपनी के आउटलेट पर कीमतें क्रमशः करीब ₹100.71 और ₹91.31 प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं।

इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से सप्लाई को लेकर चिंता भी घटी। इसका असर नायरा की कीमतों पर पड़ा। कंपनी ने 1 जुलाई 2026 को पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता कर दिया था। यह कटौती उसके मार्च के इजाफे को लगभग पूरी तरह वापस लेने वाली थी। अब अक्टूबर में कंपनी ने एक बार फिर उसी स्तर का इजाफा किया है। यानी कुछ महीनों में नायरा के ग्राहकों ने कीमतों में दोनों दिशाओं में बड़ा बदलाव देखा है।

सरकारी तेल कंपनियों के पंप पर क्या बदला?

नायरा की कीमत बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल महंगा हो गया है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों की कीमतें अलग हैं।

सरकारी कंपनियों का नेटवर्क देश के ईंधन खुदरा बाजार में 90 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी रखता है। इसलिए नायरा की बढ़ोतरी और सरकारी तेल कंपनियों की कीमतों के बीच अंतर ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। नायरा और अन्य निजी रिटेलरों के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के बीच घरेलू बिक्री कीमत बनाए रखना मार्जिन पर दबाव डाल रहा है। सितंबर में रिटेल ईंधन की लागत को लेकर तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आम आदमी पर क्या असर?

पेट्रोल की कीमत बढ़ने का सबसे सीधा असर कार और बाइक चलाने वाले लोगों के मासिक ईंधन बजट पर पड़ेगा। अब, अगर कोई व्यक्ति महीने में 40 लीटर पेट्रोल खरीदता है, तो ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी से उसका खर्च ₹200 महीने बढ़ जाएगा।

डीजल की कीमत में बढ़ोतरी का असर सिर्फ निजी वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रक, बस और माल ढुलाई में डीजल की बड़ी भूमिका है। इसलिए लंबे समय तक कीमतें ऊंची रहने पर परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत पर भी दबाव बढ़ सकता है। इसका असर कुछ सामानों की ढुलाई लागत के जरिए बाजार तक पहुंच सकता है।

क्या आगे सरकारी कंपनियां भी बढ़ा सकती हैं कीमत?

फिलहाल नायरा की बढ़ोतरी को सरकारी तेल कंपनियों की कीमतों में बदलाव की पहल नहीं माना जा सकता। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की लागत और घरेलू ईंधन बाजार की स्थिति आगे के फैसलों के लिए बड़ी वजह रहेंगी।

हाल के दिनों में सरकार ने निजी ईंधन कंपनियों को पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित नहीं करने का निर्देश भी दिया है। यह कदम ऐसे समय आया है जब कुछ निजी रिटेलरों पर ऊंची अंतरराष्ट्रीय लागत और घरेलू खुदरा कीमतों के बीच अंतर के कारण वित्तीय दबाव की खबरें सामने आई थीं।

इसलिए अभी सबसे अहम बात यह है कि 3 अक्टूबर से नायरा के पंपों पर पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा हो गया है, लेकिन इसका मतलब देशभर के हर पेट्रोल पंप पर समान बढ़ोतरी नहीं है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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