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Petronet LNG की बड़ी योजना: 12,000 करोड़ रुपये के कर्ज से गुजरात में पेट्रोकेमिकल प्लांट का विस्तार
Petronet LNG to raise ₹12,000 crore for expansion: कंपनी का लक्ष्य गुजरात प्लांट विस्तार और ओडिशा में नया LNG टर्मिनल स्थापित करना है।
Petronet LNG to raise ₹12,000 crore for expansion
Petronet LNG to raise ₹12,000 crore for expansion: भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी Petronet LNG आने वाले वर्षों में बड़ी पूंजीगत योजनाओं को मूर्त रूप देने की तैयारी में है। कंपनी अब लगभग 12,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की योजना बना रही है ताकि गुजरात में बन रहे उसके पेट्रोकेमिकल(Petrochemical) प्लांट का विस्तार किया जा सके। इस योजना के तहत Petronet LNG अपने निवेश को बढ़ाकर देश के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाना चाहती है। कंपनी के फाइनेंस हेड सौरव मित्रा ने हाल ही में एक एनालिस्ट कॉल में इस बात की जानकारी दी।
गुजरात में बन रहा है बड़ा पेट्रोकेमिकल प्लांट :
Petronet LNG भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात में एक विशाल पेट्रोकेमिकल संयंत्र का निर्माण कर रही है, जिसकी लागत लगभग 20,685 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह प्लांट कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है, और इसके निर्माण के लिए कंपनी ने स्थानीय मुद्रा में 12,000 करोड़ रुपये के कर्ज की योजना बनाई है। इससे कंपनी न केवल अपने उत्पादन क्षमता को बढ़ा पाएगी, बल्कि डाउनस्ट्रीम गैस सेक्टर में भी मजबूती हासिल करेगी।
अगले कुछ सालों में 30,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी कंपनी :
Petronet LNG ने अगले कुछ वर्षों में कुल 30,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की योजना बनाई है। इस राशि का बड़ा हिस्सा गुजरात में बन रहे पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट पर खर्च किया जाएगा। सौरव मित्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी का कैपेक्स मौजूदा वित्तीय वर्ष (मार्च 2026 तक) के अनुमानित 5,000 करोड़ रुपये से कहीं अधिक रहेगा।
ओडिशा में बनेगा नया LNG टर्मिनल :
गुजरात प्रोजेक्ट के अलावा, कंपनी की योजना देश के पूर्वी हिस्से में भी विस्तार की है। हाल ही में Petronet LNG के बोर्ड ने ओडिशा राज्य में 5 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाला एलएनजी इम्पोर्ट टर्मिनल स्थापित करने को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर लगभग 6,350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह नया टर्मिनल भारत के पूर्वी हिस्से में गैस लाने और लोगों तक पहुंचाने का काम आसान बनाएगा। इससे देश के अलग-अलग इलाकों में गैस की सप्लाई का संतुलन बना रहेगा और ऊर्जा की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
निवेश के पीछे की रणनीति :
भारत में गैस की जरूरतें दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं। अब लोग खाना बनाने से लेकर फैक्ट्रियों तक, हर जगह गैस का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। देश में प्राकृतिक गैस की मांग तेजी से बढ़ रही है और सरकार भी गैस आधारित Economy को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में कंपनी अपने बुनियादी ढांचे और प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाकर इस मांग का लाभ उठाना चाहती है।
देश के ऊर्जा क्षेत्र में Petronet की भूमिका :
Petronet LNG भारत की ऊर्जा कंपनियों में एक बड़ी कंपनी है। यह कंपनी पहले से ही देश में कई बड़े एलएनजी टर्मिनल चला रही है और घरों और फैक्ट्रियों को गैस देती है। अब कंपनी अपने प्रोजेक्ट्स में और पैसा लगाएगी और नए टर्मिनल बनाएगी। इससे भारत को बाहर से कम गैस मंगवानी पड़ेगी और देश ऊर्जा के मामले में और मजबूत होगा।
कंपनी जो 12,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है, उससे उसके काम में तेजी आएगी और देश में गैस की सप्लाई का ढांचा भी बेहतर होगा।


