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PM SVANidhi Scheme: बिना गारंटी 90,000 रुपए तक का लोन, जानें कौन ले सकता है और कैसे करें आवेदन
PM SVANidhi Scheme: PM SVANidhi योजना जिसे प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के नाम से भी जाना जाता है। इसकी शुरुआत 1 जून 2020 से कोरोना महामारी के दौरान की गई थी।
PM SVANidhi Scheme
PM SVANidhi Scheme: अगर आप रेहड़ी-पटरी लगाकर कारोबार कर रहे हैं या छोटा व्यवसाय करना चाहते हैं और पैसों की कमी आपके काम में बाधा दाल रही है, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के चरणबद्ध तरीके से लोन दिया जाता है। सरकार ने योजना को अब 31 मार्च 2030 तक जारी रखने का फैसला किया है।
कोरोना काल से मिल रहा है लाभ
PM SVANidhi योजना जिसे प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के नाम से भी जाना जाता है। इसकी शुरुआत 1 जून 2020 से कोरोना महामारी के दौरान की गई थी। लॉकडाउन के कारण रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबार करने वाले लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई थी। ऐसे कारोबारियों को दोबारा अपना काम शुरू करने के लिए आसान शर्तों पर कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई।
पहले इस स्कीम के तहत 80,000 रूपए दिए जाते थे। 2025 में इस लोन की अधिकतम राशि को बढ़ाकर 90,000 रुपये तक किया गया है।
3 चरणों में मिलता है लोन
योजना के तहत पहली बार पात्र लाभार्थी को 15,000 रुपये तक का लोन मिल सकता है। इस लोन को समय पर चुकाने के बाद अगली बार 25,000 रुपये तक का लोन लेने की पात्रता बनती है। दूसरे चरण का लोन भी समय पर चुकाने पर तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का लोन मिल सकता है।
इस तरह तीनों चरणों को मिलाकर लाभार्थी को कुल 90,000 रुपये तक की ऋण सुविधा मिल सकती है। हालांकि, अगली किस्त की पात्रता पिछली किस्त के समय पर भुगतान और योजना के नियमों पर निर्भर करती है।
बिना गारंटी मिलता है लोन
इस योजना का लाभ लेने के लिए कोई कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होती, सिर्फ पात्रता और आवेदन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर बैंक या संबंधित ऋणदाता संस्था आवेदन की जांच करती है। आवेदन के लिए आधार कार्ड प्रमुख दस्तावेजों में से एक है। लोन की पेमेंट आप EMI के जरिये भी चुका सकते हैं।
कैसे करें आवेदन?
PM स्वनिधि के लिए पात्र स्ट्रीट वेंडर संबंधित बैंक, ऋणदाता संस्था या योजना के निर्धारित माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में आम तौर पर वेंडर की पहचान और कारोबार से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया जाता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद लोन की राशि *3 चरणों में बैंक खाते में भेजी जाती है।
लोन लेने वाले लाभार्थी को निर्धारित समय के भीतर किस्तों के रूप में राशि वापस करनी होती है। समय पर भुगतान करने पर आगे की ऋण सुविधा हासिल करने में मदद मिलती है।
करोड़ों रुपये का बांटा जा चुका है लोन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई 2025 तक PM स्वनिधि योजना के तहत 68 लाख से अधिक लाभार्थियों को 96 लाख से ज्यादा लोन दिए जा चुके थे, जिनकी कुल राशि करीब 13,797 करोड़ रुपये थी। योजना के विस्तार के बाद सरकार को उम्मीद है कि इससे करीब 1.15 करोड़ रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिल सकेगा।


