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Rule of 60 SIP: ₹1,150 की SIP से 60 की उम्र तक बनाएं ₹1 करोड़ का फंड
Rule of 60 SIP से समझें कैसे ₹1,150 की मासिक SIP और 10% Step-up के जरिए 30 साल में करीब ₹1 करोड़ का फंड बनाया जा सकता है।
Rule of 60 SIP: How ₹1,150 Monthly SIP Can Build ₹1 Crore Fund by Age 60
Rule 60 SIP News: क्या छोटी-सी मासिक बचत को लंबे समय में करोड़ों के फंड में बदला जा सकता है? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, बिल्कुल ऐसा संभव है। अगर निवेश में समय, अनुशासन और हर साल बढ़ती SIP का साथ मिल जाए तो आपकी जमा रकम एक बड़ी पूंजी बन सकती है। म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़ा ‘Rule of 60’ इन दिनों इसी सोच को आसान तरीके से समझाने वाला फॉर्मूला है। यह कोई सरकारी योजना, स्कीम या गारंटीड रिटर्न वाला नियम नहीं है, बल्कि लंबे समय तक SIP और कंपाउंडिंग की ताकत समझने का एक तरीका है। इस फॉर्मूले का खास आकर्षण यह है कि शुरुआत करने के लिए बहुत बड़ी रकम जरूरी नहीं होती। उदाहरण के लिए, 30 साल की उम्र में करीब ₹1,150 की मासिक SIP शुरू करके और हर साल इसमें 10% की बढ़ोतरी करते हुए 60 साल तक निवेश जारी रखा जाए, तो 12% औसत सालाना रिटर्न के अनुमान पर फंड करीब ₹1 करोड़ के आसपास पहुंच सकता है।
क्या है Rule of 60?
Rule of 60 को आसान भाषा में समझें तो 30 साल की उम्र से निवेश शुरू करने वाला व्यक्ति 60 साल तक करीब 30 साल निवेश को समय दे सकता है। यही लंबी अवधि इस फॉर्मूले की सबसे बड़ी ताकत है। इसमें एक छोटी SIP से शुरुआत की जाती है और आमदनी बढ़ने के साथ हर साल निवेश की रकम में करीब 10% का इजाफा किया जाता है। यानी शुरुआत में रकम छोटी हो सकती है, लेकिन समय के साथ SIP का आकार भी बढ़ता जाता है।
₹1,150 की SIP से कैसे बनेगा करीब ₹1 करोड़?
मान लीजिए 30 साल की उम्र में आपने हर महीने ₹1,150 की SIP शुरू की। पहले साल आपका सालाना निवेश ₹13,800 होगा। अगले साल 10% स्टेप-अप के साथ मासिक SIP बढ़कर करीब ₹1,265 हो जाएगी। इसके बाद हर साल इसी तरह SIP में 10% की बढ़ोतरी होती रहेगी। इस गणना में 30 साल के दौरान आपकी कुल जेब से करीब ₹22.70 लाख जाएंगे। अगर पूरे निवेश काल में औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो अनुमानित फंड करीब ₹1.01 करोड़ हो सकता है। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि करीब ₹22.70 लाख के कुल निवेश पर बाकी बड़ी रकम कंपाउंडिंग और निवेश पर मिलने वाले अनुमानित रिटर्न से आती है। यही वजह है कि लंबी अवधि में छोटी SIP भी बड़ा आकार ले सकती है।
10% Step-up SIP क्यों है गेमचेंजर?
सिर्फ SIP शुरू करना ही काफी नहीं है। समय के साथ निवेश की रकम बढ़ाना भी महत्वपूर्ण हो सकता है। इसे Step-up SIP कहा जाता है।
मान लीजिए आपकी आय हर साल बढ़ रही है, लेकिन SIP वही ₹1,150 बनी हुई है। ऐसे में निवेश आपकी बढ़ती कमाई के साथ कदम नहीं मिला पाएगा। दूसरी तरफ, हर साल 5% या 10% SIP बढ़ाने से निवेश की रकम धीरे-धीरे बड़ी होती जाती है। 10% बढ़ोतरी हर व्यक्ति के लिए जरूरी या संभव नहीं है। आय, खर्च और वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से 5% का स्टेप-अप भी अपनाया जा सकता है।
निवेश शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
SIP को लंबी अवधि के लक्ष्य से जोड़ना बेहतर होता है। बाजार में गिरावट आने पर घबराकर SIP बंद करने के बजाय अपने लक्ष्य और जोखिम क्षमता की समीक्षा करनी चाहिए। निवेश से पहले इमरजेंसी फंड और जरूरी बीमा जैसी बुनियादी वित्तीय जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सबसे अहम बात है समय बर्बाद न करना। कंपाउंडिंग को जितना ज्यादा समय मिलता है, उसका असर उतना ही बड़ा हो सकता है। लेकिन किसी भी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने से पहले उसके जोखिम, खर्च और अपने वित्तीय लक्ष्य को समझना जरूरी है।


