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अवधूत साठे कौन है? पेनी स्टॉक घोटाले पर सेबी की कड़ी कार्रवाई
SEBI Raids Trading Guru Avdhut Sathe: छापा, पेनी स्टॉक हेरफेर का खुलासा और ट्रेडिंग गुरु अवधूत साठे की फर्जी कमाई पर बड़ा शिकंजा।
SEBI Raids Trading Guru Avdhut Sathe: हाल ही में बाजार सेबी (SEBI) ने खुद को ट्रेडिंग गुरु कहने वाले फिनफ्लुएंसर अवधूत साठे पर बड़ी कार्रवाई की। खबरों के अनुसार, सेबी ने कर्जत में स्थित उनकी ट्रेडिंग एकेडमी पर छापा मारा, जहां से कई डिजिटल डिवाइस और महत्वपूर्ण ट्रेडिंग से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए। अधिकारियों का आरोप है कि साठे अपनी एकेडमी और ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करके पेनी स्टॉक्स में गड़बड़ी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वे निवेशकों को ट्रेनिंग और टिप्स देने के नाम पर शेयर बाजार में हेरफेर कर मुनाफा कमा रहे थे। यह कार्रवाई सेबी की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिसके जरिए वह बिना लाइसेंस काम करने वाले फिनफ्लुएंसर्स और फर्जी तरीके से कमाई करने वालों पर लगाम कसना चाहता है।
अवधूत साठे कौन है?
अवधूत साठे को सोशल मीडिया पर लोग मार्केटिंग गुरु के नाम से जानते हैं। वे खुद को फिनफ्लुएंसर बताते थे और यूट्यूब, ऑनलाइन कोर्स व सेमिनार के जरिए लोगों को ट्रेडिंग व निवेश सिखाते थे।
उनकी कर्जत ट्रेडिंग एकेडमी में हजारों रिटेल इन्वेस्टर्स ट्रेनिंग ले चुके हैं। उनका यूट्यूब चैनल भी बेहद लोकप्रिय है, जहां करीब 9.36 लाख सब्सक्राइबर हैं। कई लोग उनकी टिप्स और सलाह पर भरोसा करके निवेश के फैसले करते थे। लेकिन अब सेबी की छापेमारी के बाद उनकी छवि पर सवाल उठ गए हैं।
क्यों पड़ा सेबी का डंडा?
सेबी का मानना है कि देशभर में कई ट्रेडिंग गुरु और एकेडमियां बिना किसी आधिकारिक लाइसेंस के काम कर रही हैं। ये संस्थान शिक्षा और ट्रेनिंग का दावा तो करते हैं, लेकिन असल में निवेशकों को गुमराह करते हैं। कुछ लोग गारंटी रिटर्न का लालच देकर भोले-भाले निवेशकों को जाल में फंसा लेते हैं। वहीं कई ट्रेनिंग सेंटर क्लास के दौरान लाइव ट्रेडिंग डेटा दिखाकर पेनी स्टॉक्स को बढ़ावा देते हैं। इस प्रक्रिया में वे खास ऑपरेटरों के साथ मिलकर शेयर की कीमतें कृत्रिम रूप से ऊपर चढ़ाते हैं और खुद मोटा मुनाफा कमाते हैं। सेबी के वरिष्ठ अधिकारी कमलेश चंद्र वार्ष्णेय के मुताबिक, यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ है जो आम निवेशकों की मेहनत की कमाई से खिलवाड़ कर रहे हैं।
कैसे हुई कार्रवाई?
सेबी की टीम ने कर्जत में दो दिन तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। इसमें एकेडमी से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ट्रेडिंग से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।
यह छापा अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में गिना जा रहा है। सेबी का मकसद साफ है - बाजार में यह संदेश देना कि गलत काम करने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है।
क्या असर होगा?
इस मामले ने बाकी फिनफ्लुएंसरों और खुद को ट्रेडिंग गुरु कहने वालों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अब यह साफ हो गया है कि नकली वादे और फर्जी कमाई के तरीके लंबे समय तक नहीं चल सकते।
साथ ही, छोटे निवेशकों के लिए यह सीख है कि वे किसी भी अनलाइसेंस्ड ट्रेनिंग सेंटर या यूट्यूब टिप्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। सुरक्षित निवेश हमेशा SEBI से रजिस्टर्ड सलाहकारों से ही करना चाहिए।


