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Share Market Today: US से एशिया तक शेयर बाजारों में हाहाकार! जापान-कोरिया में भारी गिरावट, फिर भी भारत में कैसे आई तेजी?
Share Market Today: जहां विदेशी बाजारों में निवेशक भारी बिकवाली कर रहे थे, वहीं भारत में सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती दबाव से उबरकर हरे निशान में पहुंच गए। आखिर भारतीय बाजार में इस मजबूती का कारण क्या है?
Share Market Today
Share Market Today: पूरे विश्व के शेयर बाजारों (Global Stock Markets) में आज शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को भयंकर रूप से उथल-पुथल देखने को मिली। अमेरिका के वॉल स्ट्रीट (Wall Street) से शुरू हुई बिकवाली ने एशियाई बाजारों को भी हिला कर रख दिया। जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालात इतने ज्यादा बिगड़ गए हैं कि दक्षिण कोरिया में कारोबार तक रोकना पड़ गया। लेकिन इस वैश्विक गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने अलग ही तस्वीर पेश की।
जहां विदेशी बाजारों में निवेशक भारी बिकवाली कर रहे थे, वहीं भारत में सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती दबाव से उबरकर हरे निशान में पहुंच गए। आखिर भारतीय बाजार में इस मजबूती का कारण क्या है?
Japan से कोरिया तक शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट
आज शुक्रवार को सुबह एशियाई शेयर बाजारों (Asian Stock Markets) में गज़ब की बिकवाली देखने को मिली। जापान का निक्केई (Nikkei) लगभग 7 फीसदी तक गिर गया। ताइवान के बाजार में 9 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 9 फीसदी तक लुढ़क गया।
दक्षिण कोरिया में शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार 8.55 फीसदी गिरा, जिसके बाद सर्किट ब्रेकर (Circuit Breaker) लागू करना पड़ा। इसके चलते 20 मिनट तक कारोबार पूरी तरह रोक दिया गया।
भारत में सेंसेक्स-निफ्टी ने नज़र आयी मजबूती
वैश्विक बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। सुबह गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) ने कमजोर शुरुआत के संकेत दिए थे, लेकिन कारोबार शुरू होने के बाद बाजार संभल गया।
सुबह 9:34 मिनट पर सेंसेक्स (Sensex) 220.38 अंक यानी 0.27 फीसदी बढ़कर 79,530.39 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी (Nifty 50) 5.31 अंक यानी 0.02 फीसदी की बढ़त के साथ 24,541.90 के स्तर पर पहुंच गया।
इन शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
सेंसेक्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयर ने सबसे अधिक 2.30 फीसदी की तेजी दिखाई। इंफोसिस (Infosys) 2.01 फीसदी, टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) 1.34 फीसदी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 1.30 फीसदी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) 1.26 फीसदी चढ़े।
हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। पावर ग्रिड (Power Grid) 2.24 फीसदी, बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) 2.14 फीसदी और इंडिगो (IndiGo) लगभग 2 फीसदी गिर गया।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से चमका बाजार
भारतीय बाजार की मजबूती के पीछे विदेशी निवेशकों की खरीदारी (Foreign Investor Buying) को बड़ा कारण बताया जा रहा है। विदेशी निवेशकों ने पिछले दो साल से अधिक वक़्त में भारतीय शेयरों में सबसे बड़ी खरीदारी की है।
इससे पहले बीते गुरुवार को भी सेंसेक्स ने अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी तेजी दर्ज की थी। लगातार खरीदारी से भारतीय बाजार को वैश्विक दबाव के बीच सहारा मिला।
Iran ईरान युद्ध और कच्चे तेल से क्या है कनेक्शन?
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections) के परिणामों के बाद पश्चिमी एशिया में चल रहे ईरान युद्ध के खत्म होने की उम्मीद बढ़ी है। इसी उम्मीद के कारण कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई।
भारत के लिए सस्ता कच्चा तेल सकारात्मक माना जा रहा है। वहीं, अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण बढ़ने से व्हाइट हाउस की नीतियों को लेकर अनिश्चितता कम होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
वॉल स्ट्रीट पर एक दिन में डूबे 2.3 ट्रिलियन डॉलर
अमेरिकी बाजार में गुरुवार को जबरदस्त गिरावट आई। एसएंडपी 500 (S&P 500) इंडेक्स 4.4 फीसदी टूट गया। अप्रैल 2025 में टैरिफ से जुड़ी गिरावट के बाद यह इसका सबसे खराब दिन रहा।
वहीं, नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) में 6.4 फीसदी की गिरावट आई। इससे बाजार की वैल्यू एक दिन में 2.3 ट्रिलियन डॉलर घट गई। मार्च 2020 के बाद यह सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट बताई गई।
AI शेयरों में क्यों मची बिकवाली?
अमेरिका में चिप कंपनियों के शेयर गिरने के बाद एशिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) से जुड़ी कंपनियों में बिकवाली तेज हो गई।
निवेशकों को आशंका है कि डेमोक्रेटिक पार्टी एआई इंडस्ट्री पर सख्त नियम लागू कर सकती है। इसी डर से सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics), एसके हाइनिक्स (SK Hynix) और ताइवान की TSMC जैसी कंपनियों पर दबाव बढ़ा।
दक्षिण कोरिया में सैमसंग और एसके हाइनिक्स के शेयर 9 फीसदी से अधिक टूट गए। उधर, जापान का निक्केई जून के अंत से गिरावट में है और अपने उच्चतम स्तर से 20 फीसदी नीचे पहुंचने के बेहद करीब है। बाजार की भाषा में ऐसी स्थिति को टेक्निकल बियर मार्केट (Technical Bear Market) कहा जाता है।
फिलहाल वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार ने शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाई है। हालांकि, आगे की चाल विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर निर्भर करेगी।


