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टाटा की 120 साल पुरानी कंपनी ने की बंपर कमाई! मुनाफा पहुंचा 3,699 करोड़ के पार, नोएल टाटा ने लिया रिटायरमेंट का फैसला
Tata Steel Q2 Results 2026: नोएल नवल टाटा ने कंपनी के बोर्ड से रिटायर होने का फैसला लिया है। वह 11 नवंबर 2026 को कामकाज के घंटे समाप्त होने के बाद अपने पद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
Tata Steel Q2 Results 2026: देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप (Tata Group) की करीब 120 साल पुरानी कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। शुक्रवार को कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की सितंबर तिमाही में उसका मुनाफा 16.2 प्रतिशत बढ़कर 3,699.59 करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 3,183.09 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इसी बीच टाटा स्टील के बोर्ड से जुड़ी एक बड़ी खबर भी सामने आई है।
नोएल नवल टाटा ने कंपनी के बोर्ड से रिटायर होने का फैसला लिया है। वह 11 नवंबर 2026 को कामकाज के घंटे समाप्त होने के बाद अपने पद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
टाटा स्टील की कमाई में जबरदस्त उछाल
टाटा स्टील के दूसरी तिमाही के नतीजों (Tata Steel Q2FY27 Results) के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) सालाना आधार पर 16.2 प्रतिशत बढ़ा है।
वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) 11.5 प्रतिशत बढ़कर 65,436.24 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 58,689.29 करोड़ रुपये था।
कंपनी की EBITDA में भी शानदार बढ़ोतरी
कंपनी की ब्याज, टैक्स और अन्य खर्चों से पहले की कमाई यानी एबिट्डा (EBITDA) 10,665 करोड़ रुपये रही। इसका मार्जिन करीब 16 प्रतिशत दर्ज किया गया। एबिट्डा में तिमाही आधार पर 14 प्रतिशत और सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
भारत में कंपनी का राजस्व 42,653 करोड़ रुपये रहा, जबकि एबिट्डा 10,634 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसका मार्जिन करीब 25 प्रतिशत रहा।
कच्चे इस्पात (Crude Steel) का उत्पादन तिमाही आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 6.18 मिलियन टन पहुंच गया। वहीं, स्टील की डिलीवरी 16 प्रतिशत बढ़कर 5.98 मिलियन टन रही।
नीदरलैंड में सुधार, ब्रिटेन में घाटा
टाटा स्टील के नीदरलैंड कारोबार (Netherlands Operations) में राजस्व 1,395 मिलियन यूरो और एबिट्डा 72 मिलियन यूरो रहा। अगस्त की शुरुआत में डायरेक्ट शीट प्लांट (Direct Sheet Plant) दोबारा शुरू होने से कंपनी को फायदा मिला। यहां लिक्विड स्टील का उत्पादन 1.52 मिलियन टन और डिलीवरी 1.30 मिलियन टन रही।
हालांकि, ब्रिटेन (UK Operations) में कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यहां राजस्व 411 मिलियन पाउंड रहा, जबकि एबिट्डा में 56 मिलियन पाउंड का घाटा दर्ज किया गया। इस दौरान डिलीवरी 0.38 मिलियन टन रही।
6 महीने में कितनी हुई कंपनी की कमाई?
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में टाटा स्टील का कुल राजस्व 1,26,231 करोड़ रुपये रहा। वहीं, एबिट्डा 20,035 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिसका मार्जिन करीब 16 प्रतिशत था। चुनौतीपूर्ण कारोबारी परिस्थितियों के बावजूद कंपनी के एबिट्डा में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
भारत में राजस्व 79,641 करोड़ रुपये और एबिट्डा 20,541 करोड़ रुपये रहा। यहां मार्जिन 26 प्रतिशत रहा और एबिट्डा में 27 प्रतिशत का सुधार हुआ।
नीदरलैंड में छह महीने का राजस्व 2,840 मिलियन यूरो और एबिट्डा 76 मिलियन यूरो रहा। ब्रिटेन में राजस्व 895 मिलियन पाउंड दर्ज हुआ, जबकि एबिट्डा घाटा 22 प्रतिशत घटकर 83 मिलियन पाउंड रह गया।
नोएल टाटा कब होंगे रिटायर?
कंपनी ने बताया कि नोएल नवल टाटा (Noel Naval Tata) 11 नवंबर 2026 को कामकाज समाप्त होने के बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Non-Executive Non-Independent Director) और बोर्ड के वाइस चेयरमैन (Vice Chairman) के पद से रिटायर हो जाएंगे। इस तरह कंपनी के शानदार वित्तीय नतीजों के बीच बोर्ड स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है।
कंपनी के CEO ने क्या कहा?
टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने कहा कि भू-आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे माल की ऊंची कीमतों के बावजूद कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, ग्राहकों से बेहतर जुड़ाव और मजबूत सप्लाई चेन (Supply Chain) के कारण भारत में उत्पादन और कारोबार बढ़ाने में मदद मिली है।
उन्होंने ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स कारोबार के शानदार प्रदर्शन का जिक्र किया। साथ ही जहाज निर्माण, डेटा सेंटर और कंटेनर जैसे नए क्षेत्रों में कंपनी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
नरेंद्रन ने बताया कि नीदरलैंड में प्लांट दोबारा शुरू होने से लागत और उत्पादों के मिश्रण में सुधार हुआ है। हालांकि, ब्रिटेन में बढ़ते आयात और स्टॉक जमा होने से चुनौतियां बनी हुई हैं।
नीलाचल इस्पात का होगा टाटा स्टील में विलय
कंपनी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चटर्जी ने बताया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसी वित्त वर्ष में नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (Neelachal Ispat Nigam Limited) का टाटा स्टील में विलय पूरा हो जाएगा।उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (Electric Arc Furnace) परियोजना का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कंपनी नकदी प्रवाह (Cash Flow) मजबूत करने के लिए लागत घटाने, परिचालन सुधार और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट (Working Capital Management) पर ध्यान दे रही है।
शेयर बाजार में भी दिखी तेजी
तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर टाटा स्टील का शेयर 2.20 प्रतिशत चढ़कर 186 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 182 रुपये था।
कुल मिलाकर टाटा स्टील के मजबूत तिमाही नतीजों ने कंपनी के भारतीय कारोबार की बेहतर स्थिति दिखाई है। हालांकि, ब्रिटेन में घाटा और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।


