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टर्म इंश्योरेंस लेने में देर क्यों? जितना जल्दी लेंगे, उतनी ज़्यादा बचत होगी
Term Insurance Benefits: जिंदगी में बहुत सी चीजें हम कल पर टालते रहते हैं। कभी कहते हैं पहले घर ले लें, कभी कहते हैं बच्चे थोड़े बड़े हो जाएं, फिर सोचेंगे।
Term Insurance Benefits: जिंदगी में बहुत सी चीजें हम कल पर टालते रहते हैं। कभी कहते हैं पहले घर ले लें, कभी कहते हैं बच्चे थोड़े बड़े हो जाएं, फिर सोचेंगे। लेकिन जब बात परिवार की सुरक्षा की हो, तो यह "कल" कभी-कभी बहुत महंगा पड़ जाता है। टर्म इंश्योरेंस उन चुनिंदा वित्तीय फैसलों में से एक है जिसे जितनी जल्दी लिया जाएँ, उतना फायदा मिलता है।
टर्म इंश्योरेंस क्या होता है और यह जरूरी क्यों है?
टर्म इंश्योरेंस एक साफ और सीधा लाइफ कवर है। आप एक तय अवधि के लिए एक निश्चित प्रीमियम देते हैं और उस दौरान अगर कुछ अनहोनी हो जाए, तो परिवार को एकमुश्त रकम मिलती है। यह रकम घर के खर्चे, बच्चों की पढ़ाई, लोन की किस्त या किसी भी ज़रूरत के काम आ सकती है। जिन लोगों की आय पर पूरा परिवार निर्भर है, उनके लिए यह प्लान किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। अगर आप सोच रहे हैं कि कौन सा प्लान आपके लिए सही रहेगा, तो पहले Best term insurance plans की तुलना करना एक समझदारी भरा पहला कदम है।
जल्दी लेने का फायदा क्या है?
यहीं पर ज्यादातर लोग चूक जाते हैं। टर्म इंश्योरेंस में प्रीमियम की गणना उम्र और सेहत के आधार पर हो है। 25 साल की उम्र में जो प्रीमियम आपको 600 से 700 रुपये महीने में मिलेगा, वही कवर 35 साल की उम्र में लेने पर दोगुने से ज्यादा हो सकता है। और 40 के बाद तो अंतर और भी बड़ा हो जाता है। कम उम्र में शरीर स्वस्थ होता है, बीमारियां कम होती हैं और इसीलिए इंश्योरेंस कंपनियां कम जोखिम मानकर कम प्रीमियम लेती हैं। इसके अलावा, पॉलिसी की अवधि भी लंबी मिलती है जिससे ज़्यादा साल तक कवरेज का फायदा मिलता है।
प्रीमियम पर असर डालने वाली बातें
टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम तय करते समय कुछ बातें सीधे असर डालती हैं। उम्र तो पहला फैक्टर है ही, इसके अलावा आपकी मौजूदा सेहत, परिवार का मेडिकल इतिहास, आपका पेशा और जीवनशैली जैसे धूम्रपान या शराब की आदत भी प्रीमियम तय करने में भूमिका निभाते हैं। जो कवर आप लेना चाहते हैं, जैसे कि लेवल कवर, बढ़ती कवर राशि या अतिरिक्त राइडर, उनका असर भी कुल लागत पर पड़ता है। इसीलिए सही समय पर सही प्लान चुनना ज़रूरी है।
कौन सी कंपनी चुनें?
भारत में कई बीमा कंपनियां टर्म प्लान देती हैं लेकिन हर प्लान एक जैसा नहीं होता। कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो, सॉल्वेंसी रेशियो और ग्राहक सेवा ये सब मिलकर तय करते हैं कि जब ज़रूरत पड़े तो कंपनी कई काम आएगी या नहीं। अगर आप तुलना करना चाहते हैं तो Top 5 Term Insurance Companies in India की जानकारी एक जगह देखना आपकी मदद कर सकता है। Aditya Birla Sun Life, SBI Life eShield, HDFC Life Click 2 Protect Plus, Max Life और Bharti AXA जैसी कंपनियां भारत में भरोसेमंद विकल्प मानी जाती हैं।
नौकरी के साथ मिलने वाला कवर काफी नहीं होता
बहुत से लोग सोचते हैं कि ऑफिस की तरफ से जो ग्रुप इंश्योरेंस मिलती है वही काफी है। लेकिन ग्रुप कवर आमतौर पर सालाना सैलरी का एक से दो गुना ही होता है, जो परिवार की लंबी जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। साथ ही यह कवर नौकरी जाने पर खत्म हो जाता है। इसलिए एक निजी टर्म प्लान होना हर नौकरीपेशा इंसान के लिए समझदारी है।
TROP यानी प्रीमियम वापसी वाला विकल्प
कुछ लोग सोचते हैं कि अगर पॉलिसी की अवधि खत्म होने तक वे जीवित रहे तो पैसे डूब गए। इसके लिए TROP यानी Term Return of Premium प्लान का विकल्प होता है जिसमें पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर भरे गए सारे प्रीमियम वापस मिल जाते हैं। हालांकि इसमें प्रीमियम थोड़ा अधिक होता है, लेकिन जिन्हें "पैसे वापस" का भरोसा चाहिए, उनके लिए यह एक आकर्षक विकल्प है।
सही समय अभी है
टर्म इंश्योरेंस कोई निवेश नहीं है, यह सुरक्षा है और सुरक्षा की ज़रूरत कल की नहीं, आज की है। प्रीमियम पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट मिलती है और डेथ बेनिफिट पर धारा 10 (100) के तहत टैक्स फ्री लाभ भी होता है। यानी फायदा हर तरफ से है जितना जल्दी शुरू करेंगे, उतना कम खर्च में ज्यादा कवरेज मिलेगी। अलग-अलग कंपनियों के प्लान की तुलना करें, अपनी ज़रूरत समझें और बिना देर किए अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करें।


