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TVS परिवार में दौलत की जंग! क्यों नहीं बंट पा रही करोड़ों की संपत्ति? जानें पूरा मामला
TVS Family Dispute: परिवार की संपत्ति किस तरह बांटी जाए, किस सदस्य को क्या हिस्सा मिले और इस प्रक्रिया को कैसे पूरा किया जाए, इन सवालों पर अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
TVS Family Dispute
TVS Family Dispute: भारत के पुराने और मशहूर औद्योगिक घरानों में शामिल टीवीएस (TVS) ग्रुप इन दिनों पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को लेकर चर्चा में है। टीवीएस (TVS) ब्रांड से जुड़ी कंपनियों के रोजमर्रा के कामकाज को लेकर कोई विवाद नहीं है, लेकिन परिवार की संपत्ति का आर्थिक बंटवारा कैसे होगा, इस सवाल पर अब तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। सुदर्शन वेणु (Sudarshan Venu), लक्ष्मी वेणु (Lakshmi Venu) और मल्लिका श्रीनिवासन (Mallika Srinivasan) जैसे बड़े नाम इस मामले के केंद्र में हैं।
आखिर विवाद की असली वजह क्या है और साल 2024 में हुए समझौते के बावजूद संपत्ति का बंटवारा क्यों अटका हुआ है, आइए समझते हैं।
आखिर किस बात पर फंसा है TVS परिवार का मामला?
वेणु श्रीनिवासन परिवार (Venu Srinivasan Family) टीवीएस समूह से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों के कारोबार में अहम भूमिका निभाता है। इनमें टीवीएस होल्डिंग्स (TVS Holdings), टीवीएस मोटर कंपनी (TVS Motor Company), टीवीएस क्रेडिट (TVS Credit) और सुंदरम-क्लेटन (Sundaram-Clayton) जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों का कारोबार कौन संभाल रहा है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट है। असली पेच परिवार की संपत्ति के आर्थिक बंटवारे को लेकर है।
परिवार की संपत्ति किस तरह बांटी जाए, किस सदस्य को क्या हिस्सा मिले और इस प्रक्रिया को कैसे पूरा किया जाए, इन सवालों पर अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। यही वजह है कि टीवीएस परिवार का संपत्ति विवाद (TVS Family Property Dispute) लगातार चर्चा में बना हुआ है।
अप्रैल 2025 में कैसे सामने आया संपत्ति विवाद?
इस मामले ने अप्रैल 2025 में उस समय ज्यादा ध्यान खींचा, जब टीवीएस होल्डिंग्स ने एक अहम जानकारी साझा की। कंपनी ने बताया कि सुदर्शन वेणु को एक ट्रस्ट के माध्यम से ‘सिग्निफिकेंट बेनिफिशियल ओनर’ (Significant Beneficial Owner) यानी एसबीओ (SBO) के रूप में पहचाना गया है।
एसबीओ ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है, जिसका किसी कंपनी में वास्तविक नियंत्रण या लाभकारी मालिकाना हक हो सकता है। हालांकि, सुदर्शन वेणु से जुड़ी यह जानकारी सामने आने के बाद भी परिवार की संपत्ति के बंटवारे का रास्ता साफ नहीं हुआ। इस खुलासे के बाद पारिवारिक संपत्ति को लेकर मतभेद खुलकर चर्चा में आने लगे।
मां मल्लिका श्रीनिवासन निभा रही हैं अहम भूमिका
टीवीएस परिवार के इस विवाद को सुलझाने की कोशिशों में मल्लिका श्रीनिवासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह टैफे (TAFE) की चेयरपर्सन एमेरिटा हैं और सुदर्शन वेणु तथा लक्ष्मी वेणु की मां हैं।
इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मल्लिका श्रीनिवासन चाहती हैं कि परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर बातचीत करें और संपत्ति के बंटवारे पर ऐसा समाधान निकालें, जिस पर सभी की सहमति हो। उनकी कोशिश है कि मामले को लंबा खींचने के बजाय आपसी बातचीत से इसका हल निकाला जाए। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद अभी तक कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है।
2024 के समझौते से भी क्यों नहीं निकला हल?
परिवार के बीच मार्च 2024 में एक समझौता ज्ञापन यानी एमओयू (Memorandum of Understanding) हुआ था। लेकिन इस समझौते में संपत्ति के आर्थिक बंटवारे को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई थी।
यह समझौता मुख्य रूप से टीवीएस ब्रांड (TVS Brand) के इस्तेमाल और परिवार के सदस्यों के कारोबारी संबंधों से जुड़ा था। इसके तहत ब्रांड के उपयोग को लेकर नियम तय किए गए थे और यह भी सहमति बनी थी कि परिवार का कोई सदस्य दूसरे के कारोबार के खिलाफ काम नहीं करेगा। ऐसे में समझौते के बावजूद संपत्ति के बंटवारे का मुद्दा अनसुलझा रह गया।
2020 के बंटवारे वाला फॉर्मूला क्यों है मुश्किल?
टीवीएस समूह के करीब 115 साल पुराने इतिहास में साल 2020 का बंटवारा भी महत्वपूर्ण रहा है। उस समय संस्थापक टी वी सुंदरम अयंगर के परिवार की अलग-अलग शाखाओं के बीच समूह का बंटवारा किया गया था। संपत्तियों का मूल्यांकन करके संबंधित शाखाओं को उनका हिस्सा दिया गया था।
माना जा रहा है कि लक्ष्मी वेणु मौजूदा विवाद को सुलझाने के लिए उसी तरीके को अपनाने के पक्ष में हैं। लेकिन दोनों मामलों में बड़ा अंतर है। साल 2020 में बंटवारा परिवार की अलग-अलग शाखाओं के बीच हुआ था, जबकि मौजूदा मामला वेणु श्रीनिवासन के अपने परिवार के भीतर संपत्ति के आर्थिक बंटवारे से जुड़ा है। इसलिए पुराने फॉर्मूले को यहां सीधे लागू करना आसान नहीं है।
किसके पास है कितनी हिस्सेदारी?
टीवीएस मोटर कंपनी की कमान सुदर्शन वेणु के पास है, जबकि सुंदरम-क्लेटन का कारोबार लक्ष्मी वेणु संभाल रही हैं। टीवीएस होल्डिंग्स के जरिए परिवार की दूसरी कारोबारी कंपनियों में हिस्सेदारी बनी हुई है।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, टीवीएस होल्डिंग्स में प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी 74.45 प्रतिशत है। इसमें से 66.55 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले वेणु श्रीनिवासन के पास वीएस ट्रस्ट (VS Trust) के जरिए है।
हालांकि, केवल शेयरों की हिस्सेदारी देखकर परिवार की पूरी संपत्ति के बंटवारे का फैसला नहीं किया जा सकता। इसमें शेयरों के अलावा देनदारियां, ट्रस्ट से जुड़ी व्यवस्थाएं और दूसरी आर्थिक जिम्मेदारियां भी शामिल हो सकती हैं।
फिलहाल टीवीएस परिवार के सदस्य बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि परिवार के बीच संपत्ति के बंटवारे पर सहमति कब बनती है और इस लंबे समय से उलझे मामले का समाधान किस तरीके से निकलता है।


