2 October को नहीं चलेगा UPI! मोबाइल दुकानदारों ने किया ‘No UPI Day’ का ऐलान, जानें पूरा मामला

UPI Charges 2026: 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के पात्र मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लागू होने वाले 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर है।

Priya Singh Bisen
Published on: 27 Sept 2026 6:50 PM IST
UPI Charges 2026
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UPI Charges 2026

UPI Charges 2026: यूपीआई (UPI) पेमेंट को लेकर मोबाइल रिटेलर्स (Mobile Retailers) ने विरोध का ऐलान किया है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने 2 अक्टूबर 2026 को ‘नो यूपीआई डे’ (No UPI Day) मनाने का आह्वान किया है। यह विरोध 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के पात्र मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन (Merchant UPI Transactions) पर लागू होने वाले 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर है।

एआईएमआरए के वाइस प्रेसिडेंट और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अध्यक्ष तरविंदर सिंह (तरविंदर सिंह) ने कहा कि इस अभियान का मकसद मोबाइल रिटेलर्स पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि रिटेलर्स 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के दिन अपने यूपीआई क्यूआर कोड (UPI QR Code) को काले कपड़े से ढकेंगे और यूपीआई पेमेंट स्वीकार नहीं करेंगे।

छोटे दुकानदारों पर कितना पड़ेगा असर

एआईएमआरए की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (निर्मला सीतारमण) को भेजे गए ज्ञापन में इस शुल्क को लेकर छोटे मोबाइल कारोबारियों की चिंता जताई गई है। संगठन के मुताबिक, जो छोटा रिटेलर हर महीने यूपीआई के जरिए 5 लाख रुपये से 30 लाख रुपये तक का कारोबार करता है, उसे 0.4 फीसदी एमडीआर के कारण करीब 2,000 रुपये से 12,000 रुपये तक का मासिक नुकसान हो सकता है।

मोबाइल रिटेलर्स संगठन का अनुमान है कि 0.4 फीसदी एमडीआर से देशभर के छोटे मोबाइल रिटेलर्स पर हर महीने करीब 40 करोड़ रुपये और सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

रिटेलर्स बोले- UPI के खिलाफ नहीं है विरोध

तरविंदर सिंह ने साफ किया कि यह विरोध यूपीआई (UPI) या डिजिटल इंडिया (Digital India) के खिलाफ नहीं है। रिटेलर्स की मुख्य चिंता डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले कारोबारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को लेकर है।

उन्होंने कहा कि अगर डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाना है तो डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) पूरे रिटेल इकोसिस्टम के लिए सस्ता रहना चाहिए। मोबाइल रिटेलर्स की स्पष्ट मांग है कि मर्चेंट यूपीआई पेमेंट (UPI Merchant Payment) के लिए जीरो एमडीआर (Zero MDR) व्यवस्था जारी रखी जाए।

15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है

नए नियम के अनुसार, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के पात्र व्यक्ति-से-व्यापारी यानी पी2एम (P2M) यूपीआई भुगतान पर 0.4 फीसदी एमडीआर लागू होगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति यानी पी2पी (P2P) भुगतान पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

इसी बदलाव को लेकर मोबाइल रिटेलर्स ने 2 अक्टूबर को सांकेतिक विरोध की तैयारी की है। गांधी जयंती के दिन क्यूआर कोड पर काला कपड़ा लगाकर यूपीआई स्वीकार नहीं करने का यह अभियान एमडीआर को लेकर उनकी मांगों को सामने रखने का तरीका होगा।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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