UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड! अक्टूबर में हर दिन हुआ 1 लाख करोड़ का लेनदेन, टूट गए पुराने सभी रिकॉर्ड

UPI Transaction Record 2026: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में यूपीआई के जरिए कुल 31.53 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।

Priya Singh Bisen
Published on: 1 Nov 2026 3:20 PM IST
UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड! अक्टूबर में हर दिन हुआ 1 लाख करोड़ का लेनदेन, टूट गए पुराने सभी रिकॉर्ड
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UPI Transaction Record 2026: देश में डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। अक्टूबर महीने में यूपीआई के जरिए रोजाना होने वाले औसत लेनदेन (Daily Average Transaction) का आंकड़ा पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में यूपीआई के जरिए कुल 31.53 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। किसी एक महीने में लेनदेन का आंकड़ा पहली बार 30 लाख करोड़ रुपये की सीमा को पार कर गया है।

त्योहारी सीजन (Festive Season) में लोगों की ओर से की गई जमकर खरीदारी को इस रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी से लेकर ऑनलाइन भुगतान तक, हर जगह यूपीआई का इस्तेमाल बढ़ा है। इसका असर अक्टूबर के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है।

अक्टूबर में रोजाना 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजैक्शन

अक्टूबर का महीना यूपीआई के लिए कई मायनों में खास रहा। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस महीने रोजाना औसतन 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। इससे पहले रोजाना के औसत लेनदेन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड सितंबर 2026 में बना था। उस समय हर दिन औसतन करीब 98,000 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन दर्ज किया गया था।

अब अक्टूबर ने सितंबर के इस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इतना ही नहीं, पूरे महीने के कुल लेनदेन मूल्य के मामले में भी नया रिकॉर्ड बना है। इससे पहले मई 2026 में यूपीआई के जरिए 29.9 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था। अक्टूबर में यह बढ़कर 31.53 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह अक्टूबर ने सितंबर के दैनिक औसत और मई के मासिक लेनदेन मूल्य, दोनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

1 महीने में 25.47 अरब ट्रांजैक्शन हुए प्रोसेस

UPI के इस्तेमाल में बढ़ोतरी सिर्फ पैसों के लेनदेन तक सीमित नहीं रही, बल्कि ट्रांजैक्शन की संख्या के मामले में भी अक्टूबर सबसे आगे निकल गया। इस पूरे महीने में कुल 25.47 अरब यानी 2,547 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए गए। इसका मतलब है कि अक्टूबर में हर दिन औसतन 82.1 करोड़ यानी 821 मिलियन बार यूपीआई के जरिए पैसे भेजे गए।

इससे पहले सितंबर 2026 में रोजाना औसतन 80.2 करोड़ ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। वहीं, एक महीने में सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन का पिछला रिकॉर्ड अगस्त के नाम था। अगस्त में कुल 24.5 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे। अक्टूबर में यह आंकड़ा भी पीछे छूट गया।

एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 30 दिनों की तुलना में 31 दिनों वाले महीने में यूपीआई लेनदेन की संख्या अक्सर ज्यादा रहती है। इसकी वजह यह है कि उपभोक्ताओं को खर्च और भुगतान करने के लिए एक अतिरिक्त दिन मिल जाता है। हालांकि, अक्टूबर में दर्ज हुआ रिकॉर्ड डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल को भी दिखाता है।

देश के डिजिटल पेमेंट में यूपीआई की 89 फीसदी हिस्सेदारी

भारत में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। आज देश के कुल डिजिटल पेमेंट (Digital Payments) में अकेले यूपीआई की हिस्सेदारी 89 फीसदी हो चुकी है। यानी डिजिटल माध्यम से होने वाले कुल भुगतानों में सबसे बड़ा हिस्सा यूपीआई के जरिए हो रहा है।

छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक, यूपीआई के जरिए भुगतान का चलन बढ़ा है। अक्टूबर के आंकड़े बताते हैं कि त्योहारों के दौरान खरीदारी और भुगतान के लिए लोगों ने इस माध्यम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया।

दिवाली के बाद लागू हो सकता है एमडीआर शुल्क

UPI के इस्तेमाल में यह रिकॉर्डतोड़ तेजी ऐसे समय आई है, जब पेमेंट सेक्टर कुछ खास यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लागू करने की तैयारी कर रहा है। पिछले महीने एनपीसीआई ने इस शुल्क को लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया था। दिवाली नवंबर के दूसरे सप्ताह में है।

दरअसल, व्यापारिक संगठनों, फिनटेक कंपनियों और पेमेंट संस्थाओं ने त्योहारों से पहले एमडीआर शुल्क लागू होने पर चिंता जताई थी। उनका मानना था कि इससे त्योहारी सेल के दौरान ग्राहकों के भुगतान और खरीदारी के व्यवहार पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से इस फैसले को आगे बढ़ाने की मांग की गई थी।

इसके अलावा एमडीआर की दरों, नीतियों और इसे लागू करने के तरीकों को लेकर भी अलग-अलग पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। इन मतभेदों के चलते एनपीसीआई ने फिलहाल इस फैसले को टाल दिया।

कुल मिलाकर, अक्टूबर के आंकड़ों ने यूपीआई के जरिए होने वाले डिजिटल लेनदेन का नया स्तर तय कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि दिवाली के बाद एमडीआर शुल्क को लेकर क्या फैसला होता है और इसका यूपीआई के इस्तेमाल पर क्या असर पड़ता है।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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