भाई कैश लेकर ही आना! 15 अक्टूबर से बदल जाएगा पेमेंट का नियम, अंडे वाले की मांग ने बढ़ाई टेंशन

UPI Update 2026: नए नियम के अंतर्गत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई मर्चेंट पेमेंट (UPI Merchant Payment) पर 0.4% MDR लग सकता है।

Priya Singh Bisen
Published on: 3 Oct 2026 8:51 AM IST
UPI Update 2026
X

UPI Update 2026

UPI Update 2026: यूपीआई (UPI) में नया अपडेट आ चुका है। अब UPI से पेमेंट करने वालों के लिए 15 अक्टूबर 2026 की तारीख बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाली है। इस दिन से चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन (Merchant Transaction) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर (MDR) लागू होग जाएगा। नए नियम के अंतर्गत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई मर्चेंट पेमेंट (UPI Merchant Payment) पर 0.4% MDR लग सकता है। हालांकि, इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि 15 अक्टूबर से हर UPI पेमेंट पर चार्ज लगने लगेगा।

2,000 रुपये तक का UPI पेमेंट रहेगा बिलकुल FREE

नए नियम में आम ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि अब 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI पेमेंट पर एमडीआर नहीं लगेगा। यानी रोजमर्रा की छोटी खरीदारी के लिए UPI का यूज़ करने वाले ग्राहकों पर सीधे तौर पर कोई नया चार्ज नहीं आएगा।

इसके अलावा पर्सन टू पर्सन यानी पी2पी (Person-to-Person) ट्रांजैक्शन भी मुफ्त रहेंगे। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि यदि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को UPI के माध्यम से पैसे भेजता है, तो इस तरह के लेनदेन पर नए MDR का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सरकार के अनुसार, लगभग 96% मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे। इसलिए छोटी-मोटी खरीदारी में UPI का यूज़ करने वाले अधिकतर लोगों को सीधे तौर पर किसी शुल्क की चिंता नहीं करनी होगी।

फिर दुकानदार कैश क्यों मांग सकता है?

असल बदलाव की बात करें तो इसका प्रभाव छोटे कारोबारियों के स्तर पर देखने को मिल सकता है। मान लीजिए किसी दुकानदार को अपने सप्लायर या थोक कारोबारी को 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान करना है और उस ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है। ऐसी स्थिति में उसके लिए डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) की लागत बढ़ सकती है।

यही कारण है कि कुछ कारोबारी बड़े भुगतान के मामले में कैश को प्राथमिकता दे सकते हैं। संबंधित उदाहरण में एक अंडा विक्रेता का जिक्र किया गया है, जिसने 15 अक्टूबर के बाद ग्राहकों से कैश लाने को कहा। उसका तर्क था कि उसके थोक विक्रेता को बड़े भुगतान पर MDR देना पड़ सकता है।

0.4% MDR का अर्थ क्या है?

MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है जो मर्चेंट पेमेंट को प्रोसेस करने वाले सिस्टम में जुड़े संबंधित पक्षों के बीच लागू होता है। नए UPI ढांचे में पात्र 2,000 रुपये से अधिक के पी2एम यानी पर्सन टू मर्चेंट (Person-to-Merchant) ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR रखा गया है।

वहीं, 75,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन तय की गई है। कुछ आवश्यक और कम मार्जिन वाले सेक्टर के लिए अलग फ्लैट चार्ज का प्रावधान भी किया गया है।

क्या ग्राहक से सीधे वसूला जाएगा पैसा?

यह समझना आवश्यक है कि नया MDR ग्राहक से सीधे वसूले जाने वाला UPI चार्ज नहीं है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, MDR न तो टैक्स है और न ही सरकार या भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी एनपीसीआई (NPCI) की तरफ से वसूला जाने वाला शुल्क है। यह भुगतान इकोसिस्टम (Payment Ecosystem) से जुड़े अलग-अलग भागीदारी के बीच वितरित होता है।

हालांकि, किसी कारोबारी की लागत बढ़ती है तो उसके सामने इसे खुद वहन करने, कीमत में परिवर्तन करने या कैश भुगतान को बढ़ावा देने जैसे विकल्प हो सकते हैं। इसलिए MDR का प्रभाव केवल पेमेंट सिस्टम तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इससे छोटे कारोबारियों के भुगतान व्यवहार में भी परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

UPI पर MDR क्यों लाया गया?

UPI के पीछे बैंक, पेमेंट ऐप और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लागत होती है। MDR व्यवस्था का मकसद पूरे पेमेंट सिस्टम को लंबे वक़्त तक आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखना है। साथ ही आम यूजर्स और छोटे कारोबारियों पर प्रभाव सीमित रखने के लिए कई तरह के ट्रांजैक्शन को MDR से बाहर रखा गया है।

ऐसे में 15 अक्टूबर 2026 के बाद तस्वीर इस बात से स्पष्ट होगी कि कारोबारी नए नियमों को किस तरह अपनाते हैं। विशेष तौर पर यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि बड़े यूपीआई भुगतान के मामलों में कैश की मांग कितनी बढ़ती है और छोटे कारोबारी इस परिवर्तन की लागत को किस प्रकार संभालते हैं।

Priya Singh Bisen
ABOUT THE AUTHOR

Priya Singh Bisen

Content Writer Mail ID - Priyasinghbisen96@gmail.comPriyasinghbisen96@gmail.com

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

Next Story