UPI Payment Charges 2026: UPI पर चार्ज लगाने का फैसला दिवाली तक टला, क्या अब ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा पैसा?

UPI Payment Charges 2026: UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने के प्रस्ताव को दिवाली तक टालने की खबर है। जानिए ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर चार्ज लगेगा या नहीं, सामान्य UPI भुगतान पर क्या नियम हैं और कारोबारियों पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

Jyotsana Singh
Published on: 13 Oct 2026 2:15 PM IST (Updated on: 13 Oct 2026 2:36 PM IST)
UPI Payment Charges 2026: Will Payments Above ₹2,000 Attract Charges After Diwali?
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UPI Payment Charges 2026: Will Payments Above ₹2,000 Attract Charges After Diwali?


UPI Payment Charges 2026: दिवाली से पहले यूपीआई से भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों और कारोबारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के प्रस्ताव को फिलहाल दिवाली के बाद तक टालने की जानकारी सामने आई है। यह फैसला 15 अक्टूबर से लागू होने वाला था। त्योहारी सीजन में खरीदारी बढ़ने और कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका को देखते हुए इस फैसले को आगे बढ़ाने की बात कही गई है। हालांकि, इसे यूपीआई पर चार्ज लगाने का प्रस्ताव पूरी तरह रद्द होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिवाली के बाद डिजिटल पेमेंट के नियमों में क्या बदलाव होगा और क्या आम ग्राहकों को भी इसका असर झेलना पड़ेगा।

15 अक्टूबर से लागू होना था यूपीआई चार्ज का फैसला

यूपीआई पेमेंट पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारी लगातार अपनी चिंता जाहिर कर रहे थे। कारोबारियों का कहना है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार के दौरान बाजार में खरीदारी तेजी से बढ़ती है। ऐसे में डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने से उनकी लागत बढ़ सकती है। खासकर छोटे दुकानदारों और कम मुनाफे पर काम करने वाले कारोबारियों के लिए यह खर्च परेशानी का कारण बन सकता है। इसी वजह से व्यापारी इस व्यवस्था को त्योहारी सीजन के बाद लागू करने की मांग कर रहे थे। अब इस फैसले को टालने की जानकारी सामने आने के बाद कारोबारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या होता है मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR?

मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की सुविधा से जुड़े लेनदेन पर कारोबारी से लिया जा सकता है। यह शुल्क भुगतान की प्रक्रिया में शामिल बैंक या अन्य सेवा प्रदाताओं की लागत से जुड़ा होता है। अगर किसी ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है, तो व्यापारी को भुगतान स्वीकार करने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। हालांकि, शुल्क की दर और इसे किन लेनदेन पर लागू किया जाएगा, यह संबंधित नियमों पर निर्भर करता है।

आम लोगों के लिए अभी भी मुफ्त है सामान्य UPI पेमेंट

यूपीआई की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह इसका आसान और आम तौर पर मुफ्त इस्तेमाल है। लोग मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड के जरिए कुछ ही सेकंड में भुगतान कर सकते हैं। मौजूदा व्यवस्था में सामान्य बैंक खाते से किए जाने वाले यूपीआई भुगतान पर आम ग्राहकों से आम तौर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। दोस्तों और परिवार के सदस्यों को पैसे भेजने तथा रोजमर्रा की खरीदारी में यूपीआई का इस्तेमाल इसी वजह से तेजी से बढ़ा है।

प्रस्तावित MDR व्यवस्था को लेकर किसी भी बदलाव का मतलब यह नहीं है कि आम लोगों के सभी यूपीआई ट्रांजैक्शन पर शुल्क लग जाएगा। ग्राहकों को नई व्यवस्था के दायरे और आधिकारिक नियमों के बीच अंतर समझना जरूरी है।


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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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