Chhattisgarh: तरबूज बना ‘जहर’! 15 साल के किशोर की हुई मौत, 3 बच्चे बीमार, एक छोटी चूक पड़ रही भारी

Chhattisgarh Watermelon Death Case: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में तरबूज खाने के बाद एक 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई।

Shishumanjali kharwar
Published on: 12 May 2026 8:33 AM IST
Chhattisgarh Watermelon Death Case
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Chhattisgarh Watermelon Death Case

Chhattisgarh Watermelon Death Case: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के घुरकोट गांव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तरबूज खाने के बाद एक 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

पहले से कटा हुआ खाया था तरबूज

जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 15 वर्षीय अखिलेश धीवर के रूप में हुई है, जो पोड़ी दलहा गांव का रहने वाला था। अखिलेश अपने रिश्तेदारों के साथ मामा के घर घूमने आया हुआ था। अखिलेश समेत बच्चों ने घर में पहले से कटा हुआ तरबूज खाया था। कुछ घंटों बाद अखिलेश की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्याएं होने लगीं। धीरे-धीरे यही लक्षण अन्य तीन बच्चों में भी दिखाई देने लगे।

बीमार पड़े बच्चों की पहचान अवारिद गांव के 4 वर्षीय श्री धीवर, खटोला गांव के 12 वर्षीय पिंटू धीवर और कोटगढ़ के 13 वर्षीय हितेश धीवर के रूप में हुई है। परिजनों ने बच्चों की हालत बिगड़ती देख तुरंत एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अखिलेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया।

फाॅरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा सच

इस मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर ने बताया कि तरबूज सुबह काटा गया था और कई घंटों बाद बच्चों ने उसे खाया। लंबे समय तक खुले में रखे रहने के कारण उसमें संक्रमण पनपने की आशंका जताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार शुरुआती जांच में मामला फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। डॉ. कुजूर ने बताया कि अखिलेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए विसरा सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं।

वहीं घर में रखा दूसरा तरबूज भी खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत और बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि कटे हुए फलों को लंबे समय तक खुले में न रखें और खाने से पहले उनकी ताजगी की जांच जरूर करें। खासकर गर्मियों में लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

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मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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