Chhattisgarh Home Escape: बाल सुधार गृह से 11 नाबालिग फरार, बारिश और अंधेरे का उठाया फायदा, पुलिस में मचा हड़कंप

Chhattisgarh Home Escape: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में तेज बारिश और बिजली गुल होने के दौरान जुवेनाइल ऑब्जर्वेशन होम से 11 बाल अपचारी फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है ।

Aditya Kumar Verma
Published on: 24 Jun 2026 11:52 AM IST (Updated on: 24 Jun 2026 11:53 AM IST)
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Chhattisgarh Home Escape: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर (Ambikapur) शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। शहर के बाल सुधार गृह यानी जुवेनाइल ऑब्जर्वेशन होम (Juvenile Observation Home) से मंगलवार देर शाम 11 बाल अपचारी फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रबंधन और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद गांधीनगर थाना (Gandhinagar Police Station) पुलिस मौके पर पहुंची और फरार नाबालिगों की तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया।

तेज बारिश और बिजली गुल होने का उठाया फायदा

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अंबिकापुर में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान इलाके की बिजली भी गुल हो गई, जिससे पूरे परिसर में अंधेरा छा गया। बताया जा रहा है कि नाबालिगों ने इसी मौके का फायदा उठाया और भागने की योजना को अंजाम दिया।

अंधेरा होते ही उन्होंने सबसे पहले सुधार गृह की एक खिड़की तोड़ दी। इसके बाद पीछे की तरफ स्थित दीवार को फांदकर परिसर से बाहर निकल गए। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

मुख्य द्वार पर तैनात थे सुरक्षाकर्मी, फिर भी हो गई चूक

बाल सुधार गृह के मुख्य द्वार पर दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे। हालांकि फरारी की पूरी घटना परिसर के पिछले हिस्से से हुई। यही वजह रही कि सुरक्षाकर्मियों को समय रहते इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। जब तक किसी को घटना का पता चलता, तब तक सभी 11 नाबालिग परिसर से बाहर निकल चुके थे। इसके बाद सुधार गृह प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू किया तलाशी अभियान

11 बाल अपचारियों के फरार होने की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फरार हुए सभी नाबालिगों का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहली बार नहीं है जब अंबिकापुर के बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी यहां से अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होने को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में इससे भी गंभीर घटनाएं सामने आ सकती हैं।

प्रबंधन ने बताया कैसे हुई पूरी घटना

बाल सुधार गृह प्रबंधन से जुड़े मनीष ने बताया कि मंगलवार शाम तेज बारिश के दौरान बिजली चली गई थी। अंधेरे का फायदा उठाकर 11 बच्चे परिसर से फरार हो गए। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी तुरंत थाना प्रभारी को दे दी गई है। पुलिस लगातार तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी फरार बाल अपचारियों को पकड़ लिया जाएगा।

जांच के साथ तलाश जारी

फिलहाल पुलिस (Police) पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार हुए सभी 11 बाल अपचारियों की तलाश जारी है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर बाल सुधार गृह (Juvenile Observation Home) की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था के बीच इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और 11 नाबालिग एक साथ परिसर से बाहर निकलने में कैसे सफल हो गए।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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