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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में रेत की रंजिश बनी मौत का कारण, भाजपा नेता सहित 3 की दर्दनाक मौत
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन लोगों की मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन के कारोबार को लेकर चल रही पुरानी रंजिश ने मंगलवार रात भयावह रूप ले लिया। सोनहत तहसील के कटगोड़ी गांव में दो गुटों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
रेत खनन को लेकर हुआ खूनी संघर्ष
पुलिस के अनुसार, यह विवाद रेत खनन के कारोबार को लेकर दो परिवारों के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का परिणाम है। मंगलवार रात भरत सिंह और उनके कुछ साथी दो अलग-अलग वाहनों में सवार होकर विरोधी पक्ष के लोगों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने भरत सिंह के वाहन टोयोटा फॉर्च्यूनर को एक टिपर ट्रक से कई बार टक्कर मारी। इससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके दरवाजे जाम हो गए, जिससे अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके।
फॉर्च्यूनर में लगी आग, जिंदा जल गए भरत सिंह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद फॉर्च्यूनर में आग लग गई। वाहन में सवार भाजपा नेता भरत सिंह (60) आग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जाता है कि कुछ लोग वाहन की खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन पर भी हमला किया गया। फॉर्च्यूनर में मौजूद नागेंद्र सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे। उन्हें इलाज के लिए रायपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
स्कोडा कार को भी बनाया गया निशाना
हमलावरों ने दूसरी कार, स्कोडा सेडान, को भी निशाना बनाया। इस वाहन में सवार वीरेंद्र प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। दो अन्य घायलों का इलाज रायपुर में चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी, चार आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
घटना को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई थी। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। जांच में यह भी सामने आया है कि वाहन एक बिजली के खंभे से टकराया था। फॉरेंसिक टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आग जानबूझकर लगाई गई थी या दुर्घटनावश लगी।
सीबीआई जांच की मांग, राजनीति भी गरमाई
घटना के बाद क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ज्ञापन सौंपकर मामले की CBI जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि यह पूर्व नियोजित हत्या थी और पीड़ितों को समझौते के बहाने बुलाकर हमला किया गया। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर कांग्रेस ने इस घटना को राज्य में बढ़ते अवैध खनन और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है।


