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CG News: 5वीं तक हिंदी और 8वीं तक अंग्रेजी जरूरी! बच्चों की भाषा कमजोर हुई तो शिक्षकों पर भी होगी कार्रवाई, शिक्षा मंत्री का ऐलान
CG News: नई व्यवस्था के तहत कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए हिंदी बोलना और लिखना जरूरी किया जाएगा।
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CG News: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों (Government Schools) में बच्चों की पढ़ाई और भाषा से जुड़ी क्षमताओं (Language Skills) को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग अब कई बड़े बदलाव करने जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि पहली से आठवीं कक्षा तक बच्चों को आसानी से पास करने की व्यवस्था का असर उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमता पर पड़ा है। अब सरकार का फोकस बच्चों की बुनियादी शिक्षा (Basic Education) को मजबूत करने पर रहेगा।
पहली से पांचवीं तक हिंदी पर रहेगा जोर
नई व्यवस्था के तहत कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए हिंदी बोलना और लिखना (Hindi Speaking and Writing) जरूरी किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की शुरुआती शिक्षा को मजबूत करना है, ताकि वे आगे की कक्षाओं में पढ़ाई को बेहतर तरीके से समझ सकें।
शिक्षा विभाग अब यह सुनिश्चित करने पर जोर देगा कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे हिंदी में ठीक से बोल और लिख सकें। इसके लिए स्कूलों में बच्चों की भाषा से जुड़ी बुनियादी क्षमताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
छठवीं से आठवीं तक अंग्रेजी बोलना-लिखना जरूरी
वहीं, कक्षा छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को अंग्रेजी बोलने और लिखने (English Speaking and Writing) में सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले प्रदेशभर के शिक्षकों (Teachers) को अंग्रेजी भाषा की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
ट्रेनिंग लेने के बाद शिक्षक बच्चों को अंग्रेजी सिखाएंगे। सरकार की ओर से बच्चों के लिए एक निर्धारित स्तर तय किया जाएगा। अगर किसी स्कूल के बच्चे उस तय स्तर तक अपनी अंग्रेजी की क्षमता नहीं पहुंचा पाते हैं, तो उससे जुड़े शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
आत्मानंद स्कूलों में 5000 संविदा शिक्षकों की भर्ती
शिक्षा मंत्री ने आत्मानंद स्कूलों (Atmanand Schools) को मजबूत करने की योजना के बारे में भी जानकारी दी। इसके तहत 5000 संविदा शिक्षकों (Contract Teachers) की भर्ती की जाएगी। इन शिक्षकों का चयन ऑनलाइन परीक्षा (Online Exam) के माध्यम से किया जाएगा।
इसके अलावा 5000 नियमित शिक्षकों (Regular Teachers) की भर्ती के लिए विज्ञापन पहले ही जारी किया जा चुका है। ऑनलाइन उपस्थिति (Online Attendance) व्यवस्था लागू होने के बाद अलग-अलग कार्यालयों में संलग्न 10,600 शिक्षक वापस स्कूलों में लौट चुके हैं। वर्तमान में करीब 85 प्रतिशत शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
इग्नाइट स्कूलों को फिर शुरू करने की तैयारी
बंद होने की स्थिति में पहुंचे इग्नाइट स्कूलों (Ignite Schools) को विवेकानंद योजना के तहत दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन स्कूलों का संचालन पीपीपी मॉडल (PPP Model) के जरिए होगा और यहां अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई जारी रहेगी।
दिसंबर तक स्कूलों में स्मार्ट क्लास (Smart Class) की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिन स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध नहीं होंगे, वहां ऑनलाइन कक्षाओं (Online Classes) के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी।
दूसरे स्कूलों के शिक्षक जांचेंगे आंसर शीट
शिक्षा की गुणवत्ता (Education Quality) बढ़ाने के लिए मूल्यांकन व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है। बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं की आंसर शीट अब दूसरे स्कूलों के शिक्षक जांचेंगे। इससे मूल्यांकन में पारदर्शिता (Evaluation Transparency) आने की उम्मीद है।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्कूलों में किए जा रहे इन नए प्रयोगों का असर धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) में भी दिखाई देने लगा है। सरकार का जोर अब बच्चों की बुनियादी पढ़ाई, भाषा कौशल और शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने पर है।


