Chhattisgarh weather: छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी! 4 जिलों में येलो अलर्ट, 13 जुलाई से फिर बरसेंगे बादल

Chhattisgarh weather: छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। जानिए किन जिलों में येलो अलर्ट जारी हुआ, मानसून की ताजा स्थिति, बारिश के आंकड़े और IMD का लेटेस्ट मौसम अपडेट।

Aditya Kumar Verma
Published on: 12 July 2026 11:06 AM IST (Updated on: 12 July 2026 11:06 AM IST)
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Chhattisgarh weather: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे ज्यादा असर सरगुजा (Surguja) संभाग में देखने को मिला, जहां कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अगले पांच दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं 13 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।

इन चार जिलों में येलो अलर्ट जारी

रविवार के लिए मौसम विभाग ने सरगुजा (Surguja), सूरजपुर (Surajpur), बलरामपुर (Balrampur) और जशपुर (Jashpur) में बारिश का येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। हालांकि जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रदेश में मानसून (Monsoon) की रफ्तार कमजोर पड़ गई है।

सामान्य से 21 प्रतिशत कम हुई बारिश

मानसून की धीमी रफ्तार का असर बारिश के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। एक जून से 11 जुलाई तक पूरे प्रदेश में औसत से 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में राज्य में 252.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर 320.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी।

सरगुजा में ज्यादा असर, बस्तर में भी अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं बस्तर (Bastar) संभाग के कुछ इलाकों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन की बात करें तो छत्तीसगढ़ अब भी सामान्य बारिश के आंकड़े से 21 प्रतिशत पीछे चल रहा है।

दुर्ग सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग (Durg) में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर (Ambikapur) में रिकॉर्ड किया गया।

अगले 24 घंटे में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है।

दो बड़े मौसमी सिस्टम बने बारिश की वजह

मौसम विभाग के अनुसार इस समय दो बड़े मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। पहला, पूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern Uttar Pradesh) के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। दूसरा, उत्तर-पश्चिम बिहार (North-West Bihar) और आसपास के इलाके में भी ऊपरी हवा का एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।

सरल भाषा में समझें तो ये दोनों सिस्टम वातावरण में नमी को लगातार अपनी ओर खींच रहे हैं। बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से आने वाली नम हवाएं इन सिस्टमों की वजह से मध्य भारत (Central India), खासकर छत्तीसगढ़ तक पहुंच रही हैं। इससे लगातार बादल बन रहे हैं और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का माहौल बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि 13 जुलाई से इन सिस्टमों का असर और बढ़ सकता है, जिससे बारिश की गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।

रायपुर में दिनभर छाए रहेंगे बादल

राजधानी रायपुर (Raipur) में रविवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। बीच-बीच में बारिश हो सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

प्रदेश के आधे जिले बारिश की कमी से जूझ रहे

पिछले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होने के बावजूद प्रदेश में मानसून की चाल फिर धीमी पड़ गई है। 11 जुलाई तक प्रदेश में 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 32 जिलों में से 16 जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 14 जिलों में बारिश सामान्य रही है, जबकि एक जिले में बहुत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (Sarangarh-Bilaigarh) प्रदेश का इकलौता जिला है, जहां बहुत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यहां 462.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 265.7 मिलीमीटर होती है। यानी यहां सामान्य से 74 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।

मुंगेली सामान्य से आगे, कई जिलों में स्थिति संतुलित

मुंगेली (Mungeli) में 331.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 21 प्रतिशत ज्यादा है। यह जिला अधिक बारिश की श्रेणी में शामिल है। वहीं बालोद (Balod), बलौदाबाजार (Baloda Bazar), बलरामपुर (Balrampur), दंतेवाड़ा (Dantewada), दुर्ग (Durg), गरियाबंद (Gariaband), जांजगीर-चांपा (Janjgir-Champa), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai), कोरबा (Korba), महासमुंद (Mahasamund), नारायणपुर (Narayanpur), रायपुर (Raipur), राजनांदगांव (Rajnandgaon), सक्ती (Sakti) और बिलासपुर (Bilaspur) में बारिश सामान्य के आसपास बनी हुई है।

उत्तर छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश की कमी

बारिश की सबसे ज्यादा कमी उत्तर छत्तीसगढ़ में दर्ज की गई है। सरगुजा में सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जशपुर में 42 प्रतिशत, सूरजपुर में 30 प्रतिशत, कोरिया (Korea) में 39 प्रतिशत और मनेन्द्रगढ़-भरतपुर (Manendragarh-Bharatpur) में 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। यही वजह है कि मौसम विभाग लगातार उत्तर छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश की संभावना जता रहा है।

बस्तर में भी उम्मीद से कम बारिश

आमतौर पर बस्तर मानसून का सबसे मजबूत क्षेत्र माना जाता है, लेकिन इस बार यहां भी कई जिले सामान्य से पीछे चल रहे हैं। बस्तर में 27 प्रतिशत, बीजापुर (Bijapur) में 20 प्रतिशत, कोंडागांव (Kondagaon) में 34 प्रतिशत और सुकमा (Sukma) में 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि दंतेवाड़ा और नारायणपुर में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।

किसानों के लिए अहम है अगले कुछ दिन

जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ (Kharif) फसलों की बुआई के लिए सबसे अहम माना जाता है। जिन जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, वहां धान और दूसरी फसलों की बुआई तथा शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि 13 से 15 जुलाई के बीच अनुमान के मुताबिक अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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