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Chhattisgarh की बदलेगी तस्वीर! PM Modi के सामने CM Vishnudev Sai ने रखीं 3 बड़ी मांगें, जानें क्या-क्या है प्लान
Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बस्तर के कायाकल्प के लिए लगातार कार्य कर रही है और इसके लिए एक व्यापक विकास रोडमैप भी तैयार किया गया है, जिसे प्रधानमंत्री के सामने पेश किया गया।
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने खासतौर पर बस्तर (Bastar) के समग्र विकास और राज्य की प्रमुख परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बस्तर के कायाकल्प के लिए लगातार कार्य कर रही है और इसके लिए एक व्यापक विकास रोडमैप भी तैयार किया गया है, जिसे प्रधानमंत्री के सामने पेश किया गया।
PM Modi के सामने रखीं 3 अहम मांगें
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सामने सबसे पहले राजनांदगांव (Rajnandgaon) में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना (Gas Based Urea Project) को जल्द मंजूरी देने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और राज्य सरकार की सभी आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी हो चुकी हैं।
उनका कहना था कि परियोजना शुरू होने से किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में बड़ी सुविधा मिलेगी और राज्य के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
बिजली से वंचित गांवों को स्थायी ग्रिड से जोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने अपनी दूसरी मांग में उन 461 गांवों का मुद्दा उठाया, जहां सुरक्षा कारणों से अब तक बिजली ग्रिड नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने बताया कि इन गांवों में फिलहाल ऑफ-ग्रिड (Off-Grid) व्यवस्था के जरिए बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से विशेष सहायता देने का आग्रह किया, ताकि इन सभी गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ा जा सके और लोगों को बेहतर बिजली सुविधा मिल सके।
Raipur या Bastar में आयुर्वेद संस्थान खोलने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने तीसरे प्रस्ताव के रूप में रायपुर (Raipur) अथवा बस्तर (Bastar) में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (All India Institute of Ayurveda-AIIA) की स्थापना का सुझाव दिया। उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया कि इस महत्वपूर्ण संस्थान की स्थापना के लिए सकारात्मक पहल की जाए, जिससे प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिल सके।
राज्य में तेजी से बढ़ रहा निवेश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते निवेश की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 (Industrial Development Policy 2024-30) लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क (AI Data Center Park), सेमीकंडक्टर प्लांट (Semiconductor Plant), हाइपरस्केल डेटा सेंटर (Hyperscale Data Center), ग्लोबल बीपीओ (Global BPO), गारमेंट निर्माण, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग (Chocolate Manufacturing), इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण और इंट्राऑक्यूलर लेंस (Intraocular Lens) निर्माण जैसे नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने का दावा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने कहा कि निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इसी का परिणाम है कि नीति आयोग (NITI Aayog) के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (Investment Friendliness Index) में नियामकीय और संस्थागत माहौल के मामले में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) को देश में पहला स्थान मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 (Ease of Doing Business Act-2026) लागू किया है, जो देश का पहला ऐसा कानून है जिसमें जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था, सेल्फ सर्टिफिकेशन (Self Certification) और समयबद्ध अनुमतियों को कानूनी स्वरूप दिया गया है।
केंद्र के सहयोग से विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य के विकास से जुड़े इन सभी महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्र सरकार सकारात्मक रूप से बड़ा निर्णय लेगी, जिससे बस्तर समेत पूरे प्रदेश के विकास को नई दिशा और नई रफ्तार मिल सकेगी।


