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Chhattisgarh News: ईडी ने माओवादी इलाकों में विदेशी फंडिंग नेटवर्क का किया खुलासा
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के माओवादी इलाकों में ईडी की छापेमारी, विदेशी फंडिंग नेटवर्क और नकदी के सबूत मिले
ED raid Chhattisgarh
रायपुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क की अपनी जांच में एक बड़ी सफलता मिलने की जानकारी दी।कई राज्यों में एक साथ की गई छापेमारी की एक श्रृंखला के बाद, जिसमें धमतरी और बस्तर जिलों में लक्षित अभियान भी शामिल थे, केंद्रीय एजेंसी ने ऐसे ठोस सबूत जुटाए हैं जो विदेशी फंडिंग की एक संगठित प्रणाली की ओर इशारा करते हैं।सूत्रों के अनुसार, इस अभियान के दौरान विदेशी मूल के कई डेबिट कार्ड, बड़ी मात्रा में बिना हिसाब-किताब वाली नकदी, विभिन्न डिजिटल उपकरण और संवेदनशील दस्तावेजों का एक जखीरा बरामद किया गया।
चल रही जांच से पूंजी के लेन-देन के एक बेहद साफ तरीके का पता चलता है, जिसमें इन अंतरराष्ट्रीय डेबिट कार्डों का उपयोग करके भारत के अंदर ही व्यवस्थित रूप से बड़ी रकम निकाली जाती थी।इसके बाद, कथित तौर पर इन निधियों को छत्तीसगढ़ के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में भेजा जाता था, ताकि पारंपरिक बैंकिंग निगरानी की नजर से बचते हुए स्थानीय गतिविधियों को वित्तपोषित किया जा सके।इन खुलासों पर राज्य के नेतृत्व की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है।
जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पूछा गया कि क्या ईडी ने 6 करोड़ रुपए के वित्तीय लेन-देन को जब्त किया है, तो उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में केंद्रीय एजेंसी की जांच से एक वित्तीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और एजेंसी इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।खबरों के अनुसार, इस बड़ी रकम का इस्तेमाल संवेदनशील आदिवासी बेल्ट में धार्मिक धर्मांतरण की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा थ
इस घटनाक्रम ने बस्तर की सुरक्षा स्थिति में एक नई जटिलता जोड़ दी है, क्योंकि अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ये वित्तीय निशान किसी ऐसे व्यापक नेटवर्क से जुड़े हैं, जो इस क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा हैईडी वर्तमान में डिजिटल सबूतों और बैंक विवरणों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि इन विदेशी जमाओं के अंतिम स्रोत का पता लगाया जा सके।जांचकर्ता विदेशों में मौजूद उन व्यक्तियों और संगठनों की पहचान करने में जुटे हैं, जो इन स्थानीय अभियानों को वित्तपोषित करने के लिए जिम्मेदार हैं।
यह कार्रवाई संघीय एजेंसियों के उस व्यापक प्रयास का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य 'रेड कॉरिडोर' में सक्रिय अवैध समूहों की वित्तीय जीवनरेखाओं को पूरी तरह से काट देना है।जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, अधिकारियों को उम्मीद है कि उन्हें इस बारे में और अधिक विस्तृत जानकारी मिलेगी कि ये विदेशी निधियां जमीनी स्तर पर किस तरह वितरित की गईं और इसमें कौन-कौन से विशिष्ट मध्यस्थ शामिल थे।
--आईएएनएस
एससीएच


