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₹11 हजार की डील...एंडोस्कोपिक कैमरे से ली तस्वीर, ऐसे लीक हुआ BSc एग्रीकल्चर का पेपर, 6 गिरफ्तार
Chhattisgarh Paper Leek: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में BSc एंटोमोलॉजी पेपर लीक मामले में प्रोफेसर और पांच छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि सीलबंद लिफाफा खोलकर एंडोस्कोपिक कैमरे से पेपर की फोटो खींची गई और ₹11 हजार में सौदा हुआ।
Image Source- Social Media
Chhattisgarh Paper Leek: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya) यानी आईजीकेवी (IGKV) के बीएससी एंटोमोलॉजी (BSc Entomology) के प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक प्रोफेसर (Professor) और पांच छात्रों (Students) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे (Sealed Envelope) को चुपके से खोलकर एंडोस्कोपिक कैमरा (Endoscopic Camera) की मदद से उसकी तस्वीर खींची थी।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद कथित तौर पर प्रश्नपत्र को 11 हजार रुपये में एक छात्र और दो अन्य छात्रों को बेचा गया और फिर पेपर के सवाल दूसरे छात्रों तक पहुंचाए गए।
20 अगस्त को रद्द कर दी गई थी परीक्षा
बीएससी एग्रीकल्चर (BSc Agriculture) के दूसरे वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा (Entomology Examination) 20 अगस्त को होनी थी। यह परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आईजीकेवी से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों (Agriculture Colleges) में आयोजित की जानी थी।
लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही विश्वविद्यालय को जानकारी मिली कि प्रश्नपत्र के सवाल छात्रों के बीच पहले से ही प्रसारित हो रहे हैं। इसके बाद 20 अगस्त को परीक्षा रद्द (Exam Cancelled) कर दी गई।
36 घंटे के अंदर हुई गिरफ्तारियां
दुर्ग पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस क्राइम एंड साइबर (DCP Crime and Cyber) स्मृतिकी राजनाला (Smruthik Rajanala) ने बताया कि शिकायत मिलने के 36 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की साइबर टीम (Cyber Team) ने लीक हुए प्रश्नपत्र, उसके स्क्रीनशॉट (Screenshots), तस्वीरों, मैसेज (Messages) और सोशल मीडिया पोस्ट (Social Media Posts) की जांच की। जांच के दौरान पेपर के प्रसार का लिंक दुर्ग के रहने वाले छात्र अनुज मिंज (Anuj Minj) तक पहुंचा।
प्रोफेसर समेत 5 छात्र गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज (Bharti Agriculture College) के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (Yogesh Sonkesariya) को गिरफ्तार किया। उनके साथ पांच छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार छात्रों की पहचान अजय नायक (Ajay Nayak), उम्र 20 साल, त्रिदेव पटेल (Tridev Patel), उम्र 22 साल, नितिन पांडे (Nitin Pandey), उम्र 22 साल, अनुज मिंज (Anuj Minj), उम्र 22 साल और आदित्य साहू (Aditya Sahu), उम्र 20 साल के रूप में हुई है।
एंडोस्कोपिक कैमरे से खींची तस्वीर
पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे को गुपचुप तरीके से खोला। इसके बाद उन्होंने एंडोस्कोपिक कैमरा (Endoscopic Camera) की मदद से प्रश्नपत्र की तस्वीर खींची।
आरोप है कि पेपर की तस्वीर कैप्चर करने के बाद इसे आगे छात्रों तक पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि इसी प्रक्रिया के जरिए परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र के सवाल छात्रों के बीच फैल गए।
11 हजार रुपये में पेपर बेचने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर ने कथित तौर पर कैमरे से कैप्चर किया गया प्रश्नपत्र 11 हजार रुपये में अजय नायक और दो अन्य छात्रों को बेचा था। इसके बाद प्रश्नपत्र के सवाल दूसरे छात्रों के साथ साझा किए गए।
इस तरह परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र की जानकारी छात्रों के बीच पहुंच गई थी। विश्वविद्यालय को जब इसकी जानकारी मिली तो परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
8.41 बजे मिला पेपर लीक का ईमेल
मामले में आईजीकेवी के अंडरग्रेजुएट एग्जामिनेशन सेल (Undergraduate Examination Cell) के प्रभारी और वरिष्ठ वैज्ञानिक एनआर रंगारे (N R Rangare) की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत के मुताबिक, 20 अगस्त को सुबह 8 बजकर 41 मिनट पर कवर्धा (Kawardha) स्थित एग्रीकल्चर कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर (Agriculture College and Research Centre) को एक ईमेल मिला। इस ईमेल में दावा किया गया था कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया है।
इसके कुछ ही देर बाद सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर विश्वविद्यालय के दूसरे अधिकारियों को भी इसी तरह का ईमेल मिला।
छात्रों ने भी व्हाट्सऐप पर दी थी जानकारी
पेपर लीक की जानकारी सिर्फ ईमेल के जरिए ही नहीं मिली थी। छात्रों और उनके प्रतिनिधियों ने भी विश्वविद्यालय के अधिकारियों को व्हाट्सऐप (WhatsApp) के जरिए अलर्ट किया था।
उन्होंने अधिकारियों को बताया था कि परीक्षा में आने वाले बताए जा रहे सवाल पहले से ही छात्रों के बीच प्रसारित किए जा रहे हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया और परीक्षा रद्द कर दी गई
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने इस मामले में शुरुआत में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पब्लिक एग्जामिनेशन यानी सार्वजनिक परीक्षा (Public Examination) में अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े कानून के तहत मामला दर्ज किया था।
इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 316 (Section 316) के तहत भी केस दर्ज किया गया। यह धारा आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) से संबंधित है। जांच के दौरान पुलिस ने मामले में प्रोफेसर और पांच छात्रों की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
साइबर टीम ने ऐसे जोड़ा पेपर कनेक्शन
पुलिस की साइबर टीम ने मामले की जांच के दौरान लीक हुए पेपर से जुड़े स्क्रीनशॉट, तस्वीरें, मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट खंगाले। इन्हीं डिजिटल सबूतों की जांच के जरिए पुलिस ने पेपर के प्रसार की कड़ी को अनुज मिंज तक पहुंचाया।
इसके बाद जांचकर्ताओं ने प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया समेत पांच छात्रों को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि सभी गिरफ्तारियां शिकायत मिलने के 36 घंटे के भीतर की गईं।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र को कितने छात्रों तक पहुंचाया गया और इस पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका किस तरह रही।


