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नेपाल बाढ़ ने बरपाया कहर! छत्तीसगढ़ BJP नेता की बेटी समेत 2 डॉक्टर लापता, रायपुर के 5 सुरक्षित
Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद छत्तीसगढ़ की 2 डॉक्टरों से संपर्क टूट गया है। इनमें भाजपा नेता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता भी शामिल हैं। रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित हैं।
Image Source- Social Media
Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ (Nepal-Tibet Border Flood) के बाद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दो लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें अंबिकापुर की डॉ. मीना गुप्ता और बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी शामिल हैं। वहीं बिलासपुर की 65 वर्षीय ब्यूटीशियन मंजू राय चौधरी के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। उनसे संपर्क करने की कोशिश जारी है। राज्य सरकार तीनों की जानकारी जुटा रही है।
यात्रा के दौरान इमिग्रेशन सेंटर में थीं डॉ. मीना गुप्ता
अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) पर गई थीं। जिस समय नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ आई, उस वक्त वह इमिग्रेशन सेंटर (Immigration Centre) में मौजूद थीं।
बताया गया है कि उनके साथ यात्रा कर रहे करीब 80 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। हादसे के बाद से मीना गुप्ता से भी संपर्क नहीं हो सका है। परिवार को उम्मीद है कि वह सुरक्षित होंगी और जल्द उनकी सकुशल वापसी होगी।
मीना के पिता करता राम गुप्ता को भी उन्होंने अपने साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर चलने के लिए कहा था, लेकिन व्यस्तता की वजह से वह यात्रा पर नहीं जा सके। डॉ. मीना की शुरुआती पढ़ाई अंबिकापुर के होलीक्रॉस स्कूल में हुई है। वह इंग्लैंड में स्किन स्पेशलिस्ट (Skin Specialist) हैं।
पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल केंद्र सरकार के संपर्क में हैं। उन्होंने करता राम गुप्ता से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
डॉ. प्रियंका से 25 अगस्त सुबह हुई थी आखिरी बात
बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी भी नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ के बाद लापता हैं। उनके पिता रमेश चौधरी ने बताया कि 25 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे उनकी बेटी की रोज की तरह अपनी मां से फोन पर बात हुई थी।
प्रियंका ने फोन पर बताया था कि वह चीन एंबेसी के पास इमिग्रेशन की प्रक्रिया के लिए जा रही हैं। इसके कुछ देर बाद ही नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ की खबर सामने आई और प्रियंका से संपर्क टूट गया।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने फिनलैंड में रह रहे प्रियंका के पति से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे भी बात नहीं हो सकी।
रक्षाबंधन पर बिलासपुर लौटने वाली थीं प्रियंका
कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद डॉ. प्रियंका को काठमांडू से दिल्ली और फिर रक्षाबंधन पर बिलासपुर लौटना था। लेकिन बाढ़ की वजह से उनका परिवार लगातार चिंतित है और उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा है।
प्रियंका ने स्कूल की पढ़ाई बिलासपुर से की है। इसके बाद उन्होंने राजनांदगांव से बीडीएस (BDS), यूके से एमडीएस (MDS) और फिनलैंड से पीएचडी (PhD) की। वह करीब 10 साल से फिनलैंड में रह रही हैं।
मंजू राय चौधरी के सुरक्षित होने की मिली जानकारी
बिलासपुर की 65 वर्षीय ब्यूटीशियन मंजू राय चौधरी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूट गया था। हालांकि अब उनके सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। उनसे संपर्क करने की कोशिश जारी है और संबंधित एजेंसियों से उनकी स्थिति की पुष्टि की जा रही है।
प्रशासन का मंजू के परिजनों से संपर्क हो चुका है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि मंजू के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है और उनसे संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
मंजू अकेले बिलासपुर से गई थीं
मंजू राय चौधरी बिलासपुर से अकेले कलकत्ता गई थीं। वहां से वह 21 अगस्त को 30 लोगों के दल के साथ नेपाल के लिए रवाना हुई थीं। 25 अगस्त को उनकी परिजनों से आखिरी बार बात हुई थी। उनकी वापसी 3 सितंबर को होनी थी।
नेपाल में आपदा के बाद जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया तो परिवार ने प्रशासन से मदद मांगी। अब प्रशासन संबंधित एजेंसियों से जानकारी लेकर उनकी स्थिति की पुष्टि करने में जुटा है।
मोनिका यादव को लेकर भी प्रशासन जुटा
रायपुर की मोनिका यादव के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासन ने उनके परिजनों से संपर्क कर लिया है। संबंधित एजेंसियों से उनकी स्थिति की जानकारी ली जा रही है।
मोनिका यादव रायपुर के महादेव घाट की रहने वाली हैं और 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूट गया था। अब प्रशासन उनके परिजनों के संपर्क में है और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित, लौटने के लिए रवाना
रायपुर के पांच नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। इनमें माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर शामिल हैं। पांचों 21 अगस्त को नेपाल गए थे। सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद पांचों नेपाल से रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं।
32 देशों के 1400 से ज्यादा नागरिक लापता
नेपाल में आई भीषण बाढ़ (Nepal Flood) के बाद 32 देशों के 1400 से ज्यादा नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे लोग भी शामिल हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 जवान और रसुवा जिले के 161 लोग शामिल हैं। अब तक 50 विदेशियों को हेलिकॉप्टर (Helicopter Rescue) की मदद से सुरक्षित निकाला जा चुका है।
लापता लोगों में भारत के 290, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33, कनाडा के 25 और दक्षिण कोरिया के 9 नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा सिंगापुर, जर्मनी और रूस के 8-8, दक्षिण अफ्रीका और लातविया के 6-6 तथा जापान और न्यूजीलैंड के 5-5 नागरिक भी लापता बताए गए हैं। फ्रांस के 4 नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई इस भीषण बाढ़ के बाद छत्तीसगढ़ सरकार और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाने में लगे हैं। डॉ. मीना गुप्ता और डॉ. प्रियंका चौधरी से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनके परिवारों की चिंता बढ़ी हुई है, जबकि मंजू राय चौधरी के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार को कुछ राहत मिली है।


