घंटों बाद पहुंची दमकल, तब तक जलकर खाक हुए लाखों के सपने! रायपुर यूनिवर्सिटी में आग से भारी तबाही

Chhatishgarh News: रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आधी रात को लगी भीषण आग से हड़कंप मच गया। खेत परीक्षण क्षेत्र में लगी इस आग से करीब 20 लाख रुपये के रिसर्च और संपत्ति का नुकसान हुआ है।

Harsh Sharma
Published on: 1 May 2026 11:46 AM IST (Updated on: 1 May 2026 11:47 AM IST)
घंटों बाद पहुंची दमकल, तब तक जलकर खाक हुए लाखों के सपने! रायपुर यूनिवर्सिटी में आग से भारी तबाही
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Chhatishgarh News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आधी रात को मौत का सन्नाटा चीरती हुई आग की लपटें उठने लगीं। रात के लगभग एक बजे विश्वविद्यालय परिसर अचानक किसी जलते हुए टापू में तब्दील हो गया। आग की तीव्रता इतनी भयानक थी कि आसमान लाल हो गया और देखते ही देखते हॉस्टल से लेकर पूरे परिसर की बिजली गुल हो गई। छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-बधर भागने लगे। तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुई इस रूह कंपा देने वाली घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इस आग ने उस मेहनत को राख कर दिया जिसे वैज्ञानिकों ने सालों की रिसर्च से सींचा था।

खेत परीक्षण क्षेत्र बना आग का गोला और लाखों का नुकसान

विश्वविद्यालय के जिस खेत परीक्षण क्षेत्र (फिल्ड टेस्ट एरिया) में नए-नए कृषि प्रयोग किए जा रहे थे, वहां अचानक आग भड़क उठी। सूखी घास और फसलों के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया और कई एकड़ क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। यह सिर्फ फसलों की आग नहीं थी, बल्कि कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में हो रहे बड़े परीक्षणों की आहुति थी। प्रारंभिक आंकड़ों की मानें तो इस अग्निकांड में करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति और रिसर्च मटेरियल जलकर खाक हो चुका है। आग की वजह से घंटों तक विश्वविद्यालय और हॉस्टल अंधेरे में डूबे रहे, जिससे वहां रह रहे छात्रों के बीच दहशत का माहौल बना रहा।

सुरक्षाकर्मियों की कोशिश नाकाम और दमकल की देरी पर उठे सवाल

जब आग की लपटें बेकाबू होने लगीं, तब वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और जाग रहे छात्रों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की जद्दोजहद शुरू की। बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि किसी की हिम्मत उसके करीब जाने की नहीं हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआत में दमकल विभाग को सूचना देने में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण आग को और फैलने का मौका मिल गया। जब स्थिति हाथ से निकल गई, तब प्रशासन को होश आया और दमकल विभाग को फोन किया गया। अगर समय रहते सूचना दी जाती, तो शायद लाखों का नुकसान बचाया जा सकता था।

अधिकारियों की अनुपस्थिति और जांच का घेरा

इस पूरी घटना के दौरान एक और शर्मनाक बात सामने आई कि विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद थे। जब छात्र और कर्मचारी आग से जूझ रहे थे, तब बड़े पदों पर बैठे लोग चैन की नींद सो रहे थे। दमकल की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस और प्रशासनिक टीमें अब इस बात की जांच कर रही हैं कि आखिर आग लगी कैसे? क्या यह महज एक शॉर्ट सर्किट था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? हालांकि राहत की खबर यह रही कि किसी भी छात्र या कर्मचारी को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन इस घटना ने रायपुर के शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

Harsh Sharma

Harsh Sharma

Content Writer Mail ID - harsha4avan@gmail.com

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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