एग्जाम से पहले ही बिक गया पेपर…व्हाट्सऐप पर 700 रुपये में लगी बोली, सीसीटीवी ने खोली पूरी पोल

RGPV Paper Leak: मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी तकनीकी यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी आरजीपीवी में डिप्लोमा फार्मेसी की पूरक परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 25 April 2026 5:24 PM IST (Updated on: 25 April 2026 5:29 PM IST)
RGPV Paper Leak
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RGPV Paper Leak: मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी तकनीकी यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी आरजीपीवी एक बार फिर अपनी परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। यहां डिप्लोमा फार्मेसी की पूरक परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरी व्यवस्था की गोपनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परीक्षा शुरू होने से पहले ही मोबाइल पर पहुंचा पेपर

6 अप्रैल को ग्वालियर में डिप्लोमा फार्मेसी की पूरक परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होनी थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही आरएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के बाहर छात्रों के मोबाइल फोन में वही प्रश्नपत्र दिखाई देने लगा। इससे साफ हो गया कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो चुका था और छात्रों तक पहुंच चुका था।

वीडियो वायरल हुआ तो खुला पूरा खेल

परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ छात्र मोबाइल पर पेपर दिखाते हुए पैसों की डील करते नजर आए। इस वीडियो में साफ तौर पर दावा किया गया कि प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध था। यह वीडियो आरजीपीवी के परीक्षा नियंत्रक योगेंद्र राठौर तक भी पहुंचा, जिसके बाद पूरे मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई और जांच शुरू हुई।

879 छात्रों की परीक्षा, लेकिन सिस्टम फेल

इस पूरक परीक्षा में कुल 879 छात्र शामिल हुए थे और यह परीक्षा आरजीपीवी से जुड़े 255 कॉलेजों में आयोजित की जा रही थी। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा होने के बावजूद पेपर का पहले ही लीक हो जाना, परीक्षा व्यवस्था की बड़ी खामी को उजागर करता है।

खुलेआम हो रही थी पेपर की सौदेबाजी

जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ छात्र खुलेआम पेपर दिखाकर सौदेबाजी कर रहे थे। जिन छात्रों के नाम सामने आए उनमें सोहेल मलिक, वीरेंद्र सिंह धाकड़, किशन धाकड़ और दीपक धाकड़ शामिल हैं। वीडियो में अंकेश धाकड़ अपने मोबाइल में पेपर होने का दावा करते हुए पैसे लेने की बात करता नजर आया।

तीन आरोपी गिरफ्तार, सभी निकले छात्र

पुलिस ने अब तक तीन छात्रों को गिरफ्तार किया है। इनमें अरविंद सिंह धाकड़, अंकेश सिंह धाकड़ और जीतेश कुशवाह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इन सभी ने एक-दूसरे को प्रश्नपत्र फॉरवर्ड किया था और इसी के जरिए पेपर तेजी से फैल गया।

कंप्यूटर ऑपरेटर पर शक, मास्टरमाइंड फरार

पूछताछ में बड़ा खुलासा यह हुआ कि यह प्रश्नपत्र शिवनाथ कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर राज सक्सेना ने व्हाट्सएप के जरिए भेजा था। पुलिस के मुताबिक दीपेश कुशवाह को भी यही पेपर उसी ने भेजा था। फिलहाल राज सक्सेना फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

मोबाइल में मिले दूसरे पेपर, बढ़ा शक

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन में अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी मौजूद हैं। इससे यह आशंका और गहरा गई है कि यह सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि बड़ा पेपर लीक नेटवर्क हो सकता है।

700 से 1000 रुपये में बिक रहा था पेपर

जांच के दौरान मोबाइल चैट और लेन-देन के सबूत मिले हैं, जिनसे पता चला है कि यह प्रश्नपत्र 700 से 1000 रुपये में बेचा जा रहा था। इससे यह साफ होता है कि यह कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि संगठित तरीके से किया गया पूरा खेल था।

CCTV फुटेज ने खोली पोल

सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के मुताबिक आरएनएस कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। फुटेज में दिखा कि परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्र का पैकेट सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर खोला गया, जबकि छात्र 10 बजकर 45 मिनट पर ही बाहर मोबाइल में पेपर देख रहे थे। इससे यह पूरी तरह साफ हो गया कि पेपर परीक्षा केंद्र खुलने से पहले ही लीक हो चुका था।

जांच में यह भी सामने आया कि यही परीक्षा पहले 13 मार्च को होनी थी और तब यह पेपर झांसी रोड थाने तक पहुंच गया था। उस दिन अवकाश होने के कारण परीक्षा 6 अप्रैल को कराई गई, लेकिन उसी पुराने पेपर का दुरुपयोग किया गया।

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से खुल सकते हैं राज

पुलिस का मानना है कि जैसे ही कंप्यूटर ऑपरेटर राज सक्सेना की गिरफ्तारी होगी, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और नाम और तरीके सामने आ सकते हैं। फिलहाल यह मामला सिर्फ एक पेपर लीक का नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था की साख से जुड़ा हुआ बन चुका है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

Aditya Kumar Verma
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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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