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Chhattisgarh में AAP को बड़ा झटका! कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने दिया इस्तीफा, दिल्ली नेतृत्व पर फूटा गुस्सा
Chhattisgarh AAP News: जायसवाल ने खास तौर पर दिल्ली से आने वाले नेताओं और वहां से लिए जा रहे फैसलों को लेकर नाराजगी जाहिर की है।
Chhattisgarh AAP News
Chhattisgarh AAP News: छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा सियासी झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जायसवाल ने खास तौर पर दिल्ली से आने वाले नेताओं और वहां से लिए जा रहे फैसलों को लेकर नाराजगी जाहिर की है।
Delhi से थोपे जा रहे फैसलों का आरोप
उत्तम जायसवाल ने अपने इस्तीफा पत्र में पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की शुरुआती विचारधारा संघर्ष, समानता और कार्यकर्ताओं के सम्मान पर आधारित थी, लेकिन अब दिल्ली से लिए गए फैसलों और बाहरी नेताओं की पसंद-नापसंद के कारण जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका कमजोर होती जा रही है।
जायसवाल के मुताबिक, संगठन को मजबूत करने के लिए लंबे समय से मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं के सम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता होते हैं और यदि उनका भरोसा खत्म हो जाए तो संगठन की मजबूती प्रभावित होना तय है।
2023 विधानसभा चुनाव का भी किया जिक्र
अपने त्यागपत्र में उत्तम जायसवाल ने 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी के पुराने, समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर उपेक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा।
जायसवाल ने उम्मीद जताई थी कि चुनाव में मिली हार से पार्टी सबक लेगी और अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करेगी। हालांकि, उनके मुताबिक आगामी चुनावों को लेकर भी संगठन की स्पष्ट रणनीति या रोडमैप दिखाई नहीं दे रहा है।
8 बार जेल जाने का किया जिक्र
उत्तम जायसवाल ने अपने पत्र में अपने राजनीतिक संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पार्टी के लिए संघर्ष करते हुए उन्हें आठ बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि वर्षों तक संगठन के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं का स्वाभिमान और सम्मान बनाए रखना पार्टी की जिम्मेदारी है।
उनके इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के संगठन और उसकी आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से इस इस्तीफे और लगाए गए आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही AAP के लिए यह घटनाक्रम चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में पार्टी इस असंतोष को किस तरह संभालती है और जमीनी कार्यकर्ताओं का भरोसा वापस कैसे हासिल करती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।


