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सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: महंगाई भत्ते में 2% बढ़ोतरी, वेतन में होगा इजाफा
Dearness Allowance: केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
Dearness Allowance: महंगाई के इस दौर में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में लिए गए इस फैसले का फायदा देश के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा। पेंशनर्स के लिए इसे महंगाई राहत कहा जाता है। यह बढ़ोतरी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के पिछले 12 महीनों के औसत आंकड़ों के आधार पर की गई है।
कितनी बढ़ेगी सैलरी?
कर्मचारियों को दिया जाने वाला महंगाई भत्ता उनकी बेसिक सैलरी के अनुसार तय होता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 60,000 रुपये है, तो पहले 58% DA के हिसाब से उसे 34,800 रुपये महंगाई भत्ता मिल रहा था। लेकिन, अब नई बढ़ोतरी के बाद 60% DA के अनुसार उसका महंगाई भत्ता 36,000 रुपये हो जाएगा। इसका मतलब है कि हर महीने कर्मचारी की सैलरी में 1200 रुपये का इजाफा होगा।
कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत
पिछले कुछ समय से महंगाई दर में वृद्धि के कारण कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में DA में यह 2% की बढ़ोतरी उनके लिए राहत भरी खबर है। इसके अलावा, यह फैसला आगामी वेतन संशोधनों और संभावित 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्यों बढ़ाया जाता है DA?
महंगाई भत्ता सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई के प्रभाव से बचाने के लिए दिया जाता है। इसका निर्धारण औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर किया जाता है। आमतौर पर DA में संशोधन साल में दो बार—जनवरी और जुलाई—में किया जाता है।
घोषणा में हुई देरी की वजह
आमतौर पर सरकार होली के आसपास डीए बढ़ोतरी का ऐलान कर देती है, लेकिन इस बार घोषणा में हुई देरी ने कर्मचारियों के बीच काफी बेचैनी पैदा कर दी थी। साल 2016 में सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद यह पहली बार है जब डीए के ऐलान में इतना वक्त लगा। जानकारों का मानना है कि इस देरी के पीछे दो मुख्य कारण हो सकते हैं पहला, सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन की तैयारी और ट्रांजिशन प्रक्रिया। दूसरा, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बढ़ता वित्तीय दबाव। हालांकि, अब इस फैसले से कर्मचारियों की सभी आशंकाएं दूर हो गई हैं।
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
कैबिनेट ने सिर्फ DA बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि कुछ और अहम फैसले भी लिए हैं। सॉवरेन मैरीटाइम फंड के लिए ₹13,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे जहाजों को सस्ती और स्थिर बीमा सुविधा मिल सके। वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को 2028 तक बढ़ाने के साथ ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त बजट भी मंजूर किया गया है।
8वें वेतन आयोग की मांग भी तेज
इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग को लेकर अपनी मांगें भी तेज कर दी हैं। एनसी-जेसीएम ने फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकती है। इसके अलावा परिवार की परिभाषा में बदलाव, ज्यादा इंक्रीमेंट और महंगाई से जुड़ी भत्तों में सुधार की मांग भी की गई है।


