घर में घुसकर निकालेंगे! 26/11 के 18 साल बाद एक्शन, पाकिस्तान में बैठे हाफिज सईद समेत 6 पर भारत में चलेगा मुकदमा

26/11 मुंबई आतंकी हमले के करीब 18 साल बाद भारत ने पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपियों के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

Sachin Singh
Published on: 21 Aug 2026 1:04 PM IST (Updated on: 21 Aug 2026 1:04 PM IST)
घर में घुसकर निकालेंगे! 26/11 के 18 साल बाद एक्शन, पाकिस्तान में बैठे हाफिज सईद समेत 6 पर भारत में चलेगा मुकदमा
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26/11 Mumbai attacks: मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले के करीब 18 साल बाद भारतीय जांच एजेंसियों और मुंबई पुलिस ने मामले में बड़ा कानूनी कदम उठाया है। पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी और साजिद मीर समेत छह आरोपियों के खिलाफ भारत में उनकी गैरमौजूदगी में यानी 'इन एब्सेंटिया' कार्रवाई शुरू की गई है। ये सभी आरोपी फिलहाल पाकिस्तान में हैं और भारतीय अदालत के सामने पेश नहीं हुए हैं।

मुंबई पुलिस ने सोमवार को इन छह फरार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई का मकसद उन आरोपियों के खिलाफ अदालत की कार्यवाही आगे बढ़ाना है, जो भारत की न्यायिक प्रक्रिया से बचते हुए देश से बाहर रह रहे हैं।

पाकिस्तान में बैठे आरोपियों पर अब भारत में कार्रवाई

इस मामले में विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम अदालत के सामने एक प्रोक्लेमेशन रिपोर्ट पेश कर सकते हैं। इसके जरिए आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत फरार घोषित करने और उनकी गैरमौजूदगी में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ करने की मांग की जाएगी। छह आरोपियों में हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी और साजिद मीर के अलावा अबू अल-कामा, आसिम उर्फ अबू काहफा और मेजर अब्दुल रहमान पाशा शामिल हैं।

भारत लाना अभी भी बड़ी चुनौती

भारत में कार्रवाई शुरू होने के बावजूद एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सभी छह आरोपी पाकिस्तान में हैं और उन्हें भारतीय अदालत के सामने पेश नहीं किया गया है। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। अगर अदालत की कार्रवाई में आरोप साबित होते हैं, तो आरोपियों को भारत लाए जाने पर उनके खिलाफ सजा की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुआ था हमला

26 नवंबर 2008 की रात पाकिस्तान से समुद्र के रास्ते आए 10 आतंकियों ने मुंबई में हमला किया था। आतंकियों ने शहर की कई प्रमुख जगहों को निशाना बनाया। करीब चार दिन तक चले इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई और लगभग 300 लोग घायल हुए थे।

आतंकियों ने ताज महल पैलेस होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, लियोपोल्ड कैफे और नरीमन हाउस जैसी जगहों पर हमला किया था।

हाफिज सईद पर पहले भी जारी हो चुका है वारंट

हाफिज सईद के खिलाफ भारत में कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इसी साल जुलाई में जम्मू की एक अदालत ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के मामले में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। उस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। यह वारंट राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक अतिरिक्त चार्जशीट के बाद जारी हुआ था, जिसमें हाफिज सईद को हमले का मास्टरमाइंड बताया गया था।

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