Janmashtami 2026: कान्हा के स्वागत को दुल्हन की तरह सजी मथुरा, 12 बजे होगा जन्म, चाक-चौबंद सुरक्षा

Janmashtami 2026: 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर मथुरा दुल्हन की तरह सजी है। रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव होगा, जबकि 6 हजार तक जवान और ड्रोन से सुरक्षा रहेगी।

Jyotsana Singh
Published on: 4 Sept 2026 7:56 AM IST
Janmashtami 2026: Mathura Decked Up for Krishna’s Birth, Tight Security in Place
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Janmashtami 2026: Mathura Decked Up for Krishna’s Birth, Tight Security in Place


Janmashtami 2026: मथुरा में इस समय आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है। सजी हुई गलियां, रोशनी से नहाए चौराहे, बारिश की फुहार और हर ओर गूंजता राधे-कृष्ण का नाम सब मिलकर उस आधी रात का इंतजार कर रहे हैं, जब घड़ी की सुई 12 पर पहुंचेगी और ब्रज में एक साथ गूंजेगा....'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की।' चारों दिशाओं में कृष्ण की भक्ति से सराबोर ब्रजभूमि दुल्हन की तरह सज चुकी है। दूसरी ओर, लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर यातायात तक व्यापक इंतजाम किए हैं।

बारिश के बीच कान्हा के स्वागत में सजी मथुरा

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का उत्साह साफ नजर आ रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान रंग-बिरंगी रोशनी से झिलमिला रहा है। जन्मस्थान तक पहुंचने वाले रास्तों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। भूतेश्वर तिराहा, गोवर्धन चौराहा और स्टेट बैंक चौराहा समेत शहर के प्रमुख स्थानों पर सजावट श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है।

ब्रज में इस बार काले मेघों के साथ फुहारों से गुलजार मौसम भी जैसे कान्हा के जन्म की कथा दोहरा रहा है। मान्यता है कि जब कंस की कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, तब घनघोर वर्षा हो रही थी। ऐसे में बारिश के बीच जन्मभूमि पहुंच रहे श्रद्धालु इस माहौल को भी कान्हा की लीला से जोड़कर देख रहे हैं।

आज की रात जन्मेंगे नंदलाल

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी चार सितंबर को मनाई जा रही है। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान के जन्म के बाद अभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना होगी। जन्मोत्सव के अद्भुत क्षण का साक्षी बनने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं का मथुरा पहुंचना जारी है। कोई ब्रज की धरती पर कदम रखते ही भावुक है तो कोई उस जन्मभूमि की देहरी छूकर खुद को भाग्यशाली मान रहा है, जहां द्वापर युग में कान्हा ने जन्म लिया था।

जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रहा है, जन्मस्थान के आसपास श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ रही है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस आस्था के सैलाब को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संभालने की है।

5500 से 6000 जवानों की सुरक्षा व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मथुरा-वृंदावन में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है। पुलिस और पीएसी के करीब 5500 से 6000 जवानों की तैनाती की तैयारी है। मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का आला अधिकारियों ने लगातार निरीक्षण भी किया है।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह परिसर के आसपास तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा रखा गया है। इसे रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी के साथ पीएसी और आरएएफ की तैनाती भी की गई है।

ड्रोन और वॉच टावर से होगी निगरानी

भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों के साथ वॉच टावरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। पहले से तैयार योजना में बड़ी संख्या में बैरियर और दो दर्जन से अधिक पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं के वाहनों को शहर के भीतर अनावश्यक रूप से प्रवेश न करना पड़े और प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।

प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक प्रतिबंध

जन्माष्टमी के दौरान मथुरा-वृंदावन में यातायात व्यवस्था भी चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। तीन सितंबर से पांच सितंबर तक श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर जाने वाले कई प्रमुख मार्गों पर भारी और व्यावसायिक वाहनों समेत अन्य वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है। जन्मस्थान के आसपास वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और दमकल वाहनों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।

वृंदावन में भीड़ को देखते हुए वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक सीमित रखने की व्यवस्था है। छटीकरा-वृंदावन मार्ग पर भी यातायात नियंत्रण की योजना बनाई गई है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे निजी वाहन लेकर मंदिरों के बिल्कुल नजदीक जाने के बजाय निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें।

सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर

जन्माष्टमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए पुलिस सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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