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राहुल गांधी, हेमंत सरकार से समर्थन वापस लो... झारखंड आंदोलन के छात्रों कांग्रेस को ने दे दिया अल्टिम
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने राहुल गांधी से JMM सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग की है।
Jharkhand Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मांग की है कि अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो कांग्रेस को JMM के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य में कुछ भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने इन परीक्षाओं को रद्द करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
20 अगस्त को सीएम आवास घेरने का ऐलान
JPSC-JSSC Reforms Manch के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी को JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन से समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करेंगे। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी उठाई है। छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
JSSC-CGL और JPSC परीक्षाओं पर उठे सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा समेत कुछ JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनकी प्रमुख मांग है कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं, उन्हें रद्द किया जाए और पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
JPSC-JSSC Reforms Manch ने जांच के लिए CBI जांच या फिर झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की कमेटी बनाने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच होने पर ही भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का निष्पक्ष जवाब मिल सकेगा।
चंपई सोरेन ने भी सरकार पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक चंपई सोरेन ने भी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार की ओर से CBI जांच की सिफारिश करने में कथित हिचकिचाहट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार किसी नौकरी बेचने वाले गिरोह का हिस्सा नहीं है, तो उसे CBI जांच की सिफारिश करने में क्या परेशानी है।


