'4 लेयर की जांच, CISF-CCTV की निगरानी...सेंध लगाना है मुश्किल', SC में केंद्र ने बताया कैसे सुरक्षित होगा NEET एग्जाम

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET-UG के प्रश्नपत्र तैयार करने और छापने की मौजूदा व्यवस्था बेहद सुरक्षित है और इसमें सेंध लगाना मुश्किल है।

Sachin Singh
Published on: 19 Aug 2026 3:21 PM IST (Updated on: 19 Aug 2026 3:21 PM IST)
4 लेयर की जांच, CISF-CCTV की निगरानी...सेंध लगाना है मुश्किल, SC में केंद्र ने बताया कैसे सुरक्षित होगा NEET  एग्जाम
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Supreme Court NEET hearing: NEET-UG परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रश्नपत्र में सेंध लगाना बेहद मुश्किल है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट के सामने प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसकी छपाई और सुरक्षा तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी।

केंद्र का यह बयान उस समय आया है जब NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के मामले के बाद परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं।

500 सवालों के बैंक से तैयार होते हैं प्रश्नपत्र

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया कई स्तरों पर होती है। सबसे पहले अलग-अलग मॉडरेटर की टीम करीब 500 सवालों का एक बड़ा प्रश्न बैंक तैयार करती है। इसके बाद दूसरे मॉडरेटर इसी बैंक से चार अलग-अलग प्रश्नपत्र तैयार करते हैं।

हर प्रश्नपत्र में 100 सवाल रखे जाते हैं। इन चार सेटों में से दो प्रश्नपत्रों का चयन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के महानिदेशक करते हैं। इसके बाद चुने गए प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से प्रिंटिंग के लिए भेजा जाता है।

CISF और CCTV की निगरानी में होती है छपाई

केंद्र के मुताबिक, प्रश्नपत्र की सुरक्षा के लिए प्रिंटिंग प्रक्रिया में कई स्तरों की निगरानी रखी जाती है। प्रश्नपत्रों का बॉक्स डिजिटल चाबी के साथ सुरक्षित रखा जाता है और उसका एक्सेस कोड संबंधित प्रिंटिंग प्रेस के मालिक द्वारा NTA महानिदेशक से संपर्क करने के बाद ही प्राप्त किया जा सकता है।

बॉक्स खुलने के बाद बाहरी व्यक्ति को प्रक्रिया में प्रवेश की अनुमति नहीं होती। प्रश्नपत्र की छपाई की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाती है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में CISF की भूमिका और CCTV निगरानी को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुधारों को संस्थागत बनाने पर दिया जोर

सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ मौजूदा व्यवस्था की जानकारी लेने के बजाय NEET परीक्षा में लंबे समय के लिए सुधार लागू करने की जरूरत पर भी जोर दिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने NTA से पूछा कि परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

NTA में बड़े बदलाव की तैयारी

केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि NTA की परीक्षा टीम में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

इसके अलावा प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार स्तर वाली व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसका मकसद परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले सवालों की समीक्षा और सत्यापन को ज्यादा मजबूत बनाना है।

पेपर लीक के बाद उठे थे गंभीर सवाल

NEET-UG परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक की घटना के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर देशभर में बहस हुई थी। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।

अब केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने मौजूदा व्यवस्था को सुरक्षित बताते हुए परीक्षा प्रणाली में किए जा रहे बदलावों का खाका पेश किया है। कोर्ट की निगरानी में इन सुधारों की प्रगति पर भी नजर रखी जा रही है।

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