'आधुनिक राष्ट्र बनने की राह पर भारत',स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर दिया।

Sachin Singh
Published on: 14 Aug 2026 7:30 PM IST (Updated on: 14 Aug 2026 8:06 PM IST)
आधुनिक राष्ट्र बनने की राह पर भारत,स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के विकास का लाभ समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और भारत को आधुनिक राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहने चाहिए।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में विकास को समावेशी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति तभी सार्थक होगी, जब विकास की रोशनी देश के हर नागरिक तक पहुंचे और हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिले।


'आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहे'

उन्होंने कहा कि आज 14 अगस्त को हम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहे हैं। इस मौके पर हम उन लाखों नागरिकों को याद करते हैं, जो विभाजन से जुड़ी हिंसा में मारे गए या विस्थापन की त्रासदी झेलने को मजबूर हुए। सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा और विभाजन की भयावहता झेलनी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी। देश की आजादी के समय विभाजन के गंभीर परिणामों के साथ-साथ 550 से अधिक रियासतों को नए स्वतंत्र भारत में शामिल करना भी एक बड़ी चुनौती थी।

राष्ट्रपति ने की सराकारी योजनाओं की तारीफ

राष्ट्रपति ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवर दिया गया है। पीएम-किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए खेती, डेयरी, मुर्गी पालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसे कामों से जुड़े किसानों को सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि आज देश में यह जागरूकता बढ़ रही है कि सांस्कृतिक गौरव की भावना हमारी संप्रभुता को आंतरिक मजबूती देती है।

'वंचित वर्गों को मिलना चाहिए न्याय'

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हर नागरिक, खासकर समाज के वंचित वर्गों को समानता और सम्मान के आधार पर समय पर न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से कुछ अधिक समय में देश ने तेज और समावेशी विकास हासिल किया है। भारत ने विरासत और विकास के बीच संतुलन बनाने को प्राथमिकता दी है और कई दशकों से प्रगति में बाधा बन रही पुरानी रुकावटों को दूर किया है।

‘वसुधैव कुटुम्बकम’ भारत की विदेश नीति के प्रमुख आधार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने सतत विकास लक्ष्यों (SDG) 2030 के कुछ लक्ष्यों को तय समय से पहले ही हासिल कर लिया है। पिछले कुछ वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति राष्ट्रीय हित पर आधारित है। शांति, सहयोग, संवाद और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ भारत की विदेश नीति के प्रमुख आधार हैं। आर्थिक सहयोग बढ़ाने और आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही

राष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 13 स्वर्ण पदकों में से 8 पदक महिलाओं ने जीते। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है। देश में स्वयं सहायता समूहों से 10 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया था और यह लक्ष्य पहले ही हासिल किया जा चुका है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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