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यूं ही नहीं वंदे भारत पर दांव लगा रही भारतीय रेलवे, करोड़ों यात्रियों के साथ मुनाफे का मजबूत कनेक्शन
भारतीय रेलवे के FY25 आंकड़ों में AC 3-Tier और AC Chair Car ही ऐसी यात्री श्रेणियां रहीं, जिन्होंने मुनाफा दर्ज किया।
Vande Bharat: भारत में वंदे भारत ट्रेनें अब सिर्फ तेज सफर और बेहतर सुविधाओं की पहचान नहीं रह गई हैं। बल्कि भारतीय रेल की मोटी कमाई का जरिया भी बन गया है। इसके प्रीमियम AC कोच से रेलवे को मुनाफा हो रहा है। यही वजह है कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों का नेटवर्क लगातार बढ़ाया जा रहा है।
वित्त वर्ष 2024-25 यानी FY25 के आंकड़ों पर नजर डालें तो AC 3-Tier और AC Chair Car ही ऐसी दो यात्री श्रेणियां रहीं, जिन्होंने मुनाफा दर्ज किया। यह आंकड़ा वंदे भारत के लिए खास मायने रखता है, क्योंकि इन ट्रेनों में Chair Car को प्रमुखता से इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा अब वंदे भारत स्लीपर सेवा भी शुरू हो चुकी है, जिससे प्रीमियम रेल यात्रा का दायरा और बड़ा हो रहा है।
वंदे भारत ट्रेनों में Chair Car सेवा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। वंदे भारत का किराया आम तौर पर शताब्दी की तुलना में प्रीमियम स्तर पर रखा जाता है। यात्रियों को इसके बदले तेज यात्रा, आधुनिक कोच, बेहतर सुविधाएं और कम यात्रा समय जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
टिकटों की बढ़ती मांग बता रही है यात्रियों की पसंद
वंदे भारत ट्रेनों की लोकप्रियता का अंदाजा यात्रियों की संख्या से लगाया जा सकता है। FY26 में इन ट्रेनों से करीब 3.98 करोड़ यात्रियों ने सफर किया, जबकि FY25 में यह आंकड़ा करीब 2.97 करोड़ था। यानी एक साल में यात्रियों की संख्या में करीब 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
2019 में पहली वंदे भारत सेवा शुरू होने के बाद से मार्च 2026 तक इन ट्रेनों में 9.1 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया है। इस दौरान करीब एक लाख यात्राएं पूरी की गईं। इनमें नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत रूट सबसे व्यस्त कॉरिडोर के तौर पर सामने आया है। इस रूट पर शुरुआत से अब तक 73 लाख से ज्यादा यात्रियों के सफर करने की जानकारी सामने आई है।
अब रात में भी चलेगी प्रीमियम वंदे भारत
वंदे भारत की कहानी अब सिर्फ दिन के सफर तक सीमित नहीं है। भारतीय रेलवे ने जनवरी 2026 में वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत की। इसका उद्देश्य लंबी दूरी की रात वाली यात्राओं में भी प्रीमियम रेल सेवा उपलब्ध कराना है।
शुरुआती तीन महीनों में वंदे भारत स्लीपर ने 119 यात्राओं में करीब 1.21 लाख यात्रियों को सफर कराया। इस दौरान इसकी ऑक्यूपेंसी 100 फीसदी से ज्यादा रही। यह आंकड़ा बताता है कि यात्रियों के बीच लंबी दूरी के लिए भी प्रीमियम रेल सेवा की मांग मजबूत है।
वंदे भारत स्लीपर के विस्तार में AC 3-Tier की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। FY25 में इसी श्रेणी ने 3,645.44 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था और यह पिछले तीन वित्त वर्षों से लगातार मुनाफे में रही है। हालांकि, इसे लेकर सटिक आंकड़ा सामने नहीं आया हैं।
रेलवे क्यों बढ़ा रहा है प्रीमियम ट्रेनों का नेटवर्क?
भारतीय रेलवे को देश के हर वर्ग के यात्रियों को सस्ती से लेकर प्रीमियम यात्रा तक की सुविधा देनी होती है। कम किराए वाली कई यात्री श्रेणियां घाटे में चलती हैं, लेकिन दूसरी तरफ ऐसे यात्री भी हैं जो बेहतर सुविधा, आराम और कम समय के लिए ज्यादा किराया देने को तैयार हैं।
वंदे भारत इसी बाजार को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। तेज सफर और आधुनिक सुविधाओं के साथ इसका किराया प्रीमियम श्रेणी में आता है। इससे रेलवे को ऐसे यात्रियों तक पहुंच मिलती है, जो बेहतर यात्रा अनुभव के लिए अधिक भुगतान करने को तैयार हैं।
फिलहाल देशभर में वंदे भारत की 162 सेवाएं संचालित होने की जानकारी दी गई है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और स्लीपर वर्जन की मजबूत मांग के बीच प्रीमियम ट्रेनें भारतीय रेलवे की भविष्य की रणनीति में अहम भूमिका निभाती नजर आ रही हैं।
असली कहानी सिर्फ वंदे भारत की संख्या नहीं
AC 3-Tier और AC Chair Car का मुनाफे में रहना और वंदे भारत की बढ़ती मांग यह इशारा है कि प्रीमियम रेल यात्रा के लिए देश में बड़ा बाजार तैयार हो चुका है। अब स्लीपर वंदे भारत के जरिए रेलवे इस बाजार को लंबी दूरी तक ले जाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आने वाले समय में वंदे भारत भारतीय रेलवे के लिए सिर्फ तेज ट्रेन नहीं, बल्कि यात्री कारोबार में बेहतर कमाई का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बन सकती है।


