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Delhi Murder :शोर-शराबे का विरोध करना पड़ा भारी, दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या
Delhi Murder: किलोकरी में शोर-शराबे का विरोध करने पर मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह पर हमला हुआ। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार हैं।
Delhi Murder: Noise Dispute Turns Fatal, Manipuri Musician Chongtham Vikram Singh Killed
Delhi Murder: राजधानी दिल्ली में देर रात घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे का विरोध करना मणिपुर के प्रसिद्ध संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह को भारी पड़ गया। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी इलाके में कथित तौर पर कुछ डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबे से जुड़े लोगों ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल 55 वर्षीय विक्रम सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
घर के बाहर शोर का विरोध करने पर शुरू हुआ विवाद
घटना रविवार, 6 सितंबर की रात करीब 11.30 बजे की बताई जा रही है। विक्रम सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ किलोकरी गांव स्थित एक अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर रहते थे। उनके घर के बाहर कुछ लोग कथित तौर पर शराब पी रहे थे और शोर-शराबा कर रहे थे। विक्रम ने नीचे जाकर उन्हें आवाज कम करने के लिए कहा।
पुलिस और परिवार से सामने आई जानकारी के मुताबिक, इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। आरोप है कि समूह ने विक्रम सिंह का पीछा करते हुए बिल्डिंग के भीतर तक पहुंचकर उन पर हमला किया।
सीसीटीवी में दिखी आरोपियों की हलचल
इस मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने घटना के बाद की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। फुटेज में कथित तौर पर कुछ लोगों को बिल्डिंग से नीचे जाते देखा गया। इसके करीब 10 मिनट बाद परिवार के लोग विक्रम सिंह को गंभीर हालत में नीचे लाते नजर आए। पुलिस अब उपलब्ध फुटेज और दूसरे सबूतों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
हमले के बाद विक्रम के बेटे याइफाबा उन्हें तुरंत होली फैमिली अस्पताल लेकर गए। उनकी हालत बेहद गंभीर थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी मौत गंभीर चोटों के कारण हुई।
सात गिरफ्तार, एक नाबालिग भी हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भरत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी अलग-अलग खाने के स्टॉल, ढाबों और डिलीवरी से जुड़े काम करते थे।
पुलिस ने हत्या के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हमले के पीछे केवल शोर को लेकर हुआ विवाद था या इसके अलावा कोई दूसरा कारण भी था। पुलिस ने फिलहाल किसी नस्ली या जातीय मकसद की पुष्टि नहीं की है।
कौन थे चोंगथम विक्रम सिंह?
चोंगथम विक्रम सिंह केवल एक संगीत शिक्षक नहीं थे, बल्कि मणिपुर के पश्चिमी और रॉक संगीत के शुरुआती दौर से जुड़े महत्वपूर्ण कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने Ultra Vires, Phoenix और Eastern Dark जैसे बैंड के साथ काम किया और गिटारवादक के रूप में पहचान बनाई। बाद में वे दिल्ली में संगीत सिखाने लगे और करीब 17 वर्षों से निजी संगीत शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे।
विक्रम सिंह एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार से भी आते थे। उनकी मां चोंगथाम कमला देवी मणिपुर की जानी-मानी शास्त्रीय और आधुनिक गायिका हैं। रिपोर्टों के मुताबिक विक्रम सिंह फिल्म निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी के रिश्तेदार भी थे, जिनकी फिल्म Boong को BAFTA में पुरस्कार मिला था।
राहुल गांधी ने उठाया सुरक्षा का सवाल
घटना के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपने ही घर के बाहर एक पिता की हत्या होना गंभीर चिंता का विषय है और दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर के परिवार पूछ रहे हैं कि क्या वे राजधानी में सुरक्षित हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से मामले की जल्द जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।
बीरेन सिंह और पूर्वोत्तर संगठनों ने मांगा न्याय
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने विक्रम सिंह के निधन पर दुख जताते हुए दिल्ली पुलिस से तेज और उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने संगीत के क्षेत्र में विक्रम के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को परिवार, संगीत जगत और मणिपुर के लोगों के लिए बड़ी क्षति बताया।
दिल्ली विश्वविद्यालय की नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी (NESSDU) ने भी घटना की निंदा की है। संगठन ने इसे हिंसा का संवेदनहीन कृत्य बताते हुए तेज, निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। घटना के बाद पूर्वोत्तर समुदाय से जुड़े लोगों और संगठनों ने सनलाइट कॉलोनी थाने के बाहर भी न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
जांच से सामने आएगा हमले का पूरा सच
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा है कि सभी आठ आरोपियों को पकड़ लिया गया है और मामले में मजबूत चार्जशीट दाखिल करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।


