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189 दिनों में रचा था इतिहास, अब ब्रॉड पीक पर लापता हुए पर्वतारोही निर्मल पुर्जा
Nirmal Purja Missing: 189 दिनों में 14 चोटियां फतह करने वाले निर्मल पुर्जा ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन के बाद लापता।
Nirmal Purja Missing: 14 Peaks Record Holder Goes Missing on Broad Peak After Avalanche
Nirmal Purja Missing: दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में शामिल निर्मल पुर्जा यानी निम्स दाई को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में स्थित 8,047 मीटर ऊंची ब्रॉड पीक पर आए भीषण हिमस्खलन के बाद वह अन्य पर्वतारोहियों के साथ लापता हो गए हैं। राहत और बचाव दल लगातार उनकी तलाश में जुटा है, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम इलाका अभियान को मुश्किल बना रहे हैं। 14 सबसे ऊंची चोटियों को रिकॉर्ड समय में फतह करने वाले निर्मल पुर्जा की सलामती के लिए दुनिया भर से दुआएं की जा रही हैं।
ब्रॉड पीक पर कैसे हुआ हादसा?
कराकोरम पर्वतमाला में स्थित ब्रॉड पीक पर पर्वतारोहियों का एक दल शिखर की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बर्फीले तूफान के साथ बड़ा हिमस्खलन आ गया। इस हादसे में करीब 10 पर्वतारोही लापता हो गए। इनमें नेपाल, पाकिस्तान, अमेरिका, चीन और ओमान के पर्वतारोही शामिल हैं। राहत दल अब तक चार शव बरामद कर चुका है, जबकि बाकी लोगों की तलाश हेलिकॉप्टर और जमीनी टीमों की मदद से जारी है।
कौन हैं निर्मल पुर्जा?
निर्मल पुर्जा का जन्म नेपाल में हुआ था। लेकिन बाद में उन्होंने ब्रिटेन की नागरिकता हासिल कर ली। पर्वतारोहण की दुनिया में उन्हें 'निम्स दाई' के नाम से जाना जाता है। अपनी असाधारण उपलब्धियों और कठिन परिस्थितियों में भी शांत निर्णय लेने की क्षमता के कारण उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई। आज वे दुनिया के सबसे सफल और प्रेरणादायक पर्वतारोहियों में गिने जाते हैं।
ब्रिटिश सेना से शुरू हुआ सफर
निर्मल पुर्जा ने वर्ष 2003 में ब्रिटिश सेना में भर्ती होकर अपने करियर की शुरुआत की। कुछ वर्षों बाद वे रॉयल मरीन की प्रतिष्ठित स्पेशल बोट सर्विस (SBS) का हिस्सा बने। जिसे दुनिया की सबसे कठिन स्पेशल फोर्स यूनिट्स में गिना जाता है। सेना में रहते हुए उन्होंने कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव हासिल किया। जिसने आगे चलकर उन्हें पर्वतारोहण में बड़ी सफलता दिलाई। बाद में उन्होंने सेना छोड़कर पूरी तरह पर्वतारोहण को अपना पेशा बना लिया।
189 दिनों में बनाया विश्व रिकॉर्ड
साल 2019 में निर्मल पुर्जा ने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' की शुरुआत की। इस अभियान का लक्ष्य दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों को सबसे कम समय में फतह करना था। उन्होंने यह असंभव सा दिखने वाला लक्ष्य केवल 189 दिनों में पूरा कर दुनिया को चौंका दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड पूरा करने में लगभग आठ साल लगे थे। उनकी इस उपलब्धि को आधुनिक पर्वतारोहण के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।
नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री से मिली वैश्विक पहचान
निर्मल पुर्जा की इस ऐतिहासिक यात्रा पर नेटफ्लिक्स ने '14 Peaks: Nothing Is Impossible' नाम से डॉक्यूमेंट्री बनाई। इस फिल्म में उनके संघर्ष, साहस और रिकॉर्ड बनाने की पूरी कहानी दिखाई गई। डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने के बाद दुनिया भर में लाखों लोगों ने उनके सफर को देखा और वे पर्वतारोहण के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए।
कई पर्वतारोहियों की बचाई जान
निर्मल पुर्जा केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे पर्वतारोहियों की मदद करने के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने कई अभियानों के दौरान जोखिम उठाकर फंसे हुए पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि उन्हें पर्वतारोहण समुदाय में एक बहादुर और जिम्मेदार पर्वतारोही के रूप में सम्मान दिया जाता है।
चढ़ाई से पहले लिखा था भावुक संदेश
ब्रॉड पीक अभियान शुरू करने से पहले निर्मल पुर्जा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की थी। उन्होंने लिखा था कि वह इस पर्वत से केवल सुरक्षित शिखर तक पहुंचने और सुरक्षित वापस लौटने की कामना करते हैं। हादसे के बाद उनका यही संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।
ब्रॉड पीक क्यों है इतना खतरनाक?
ब्रॉड पीक दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी है और इसकी ऊंचाई 8,047 मीटर है। यह पर्वत अपने कठिन रास्तों, अचानक बदलते मौसम, तेज बर्फीली हवाओं, हिमस्खलन और ऑक्सीजन की कमी के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए भी इस चोटी पर चढ़ाई बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही हैं मुश्किलें
हादसे के बाद पाकिस्तान की सेना, स्थानीय प्रशासन और एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया है। हेलिकॉप्टरों और विशेष बचाव टीमों को मौके पर लगाया गया है। हालांकि लगातार खराब मौसम, कम दृश्यता, तेज हवाएं और गिरता तापमान राहत कार्य को प्रभावित कर रहे हैं। इसके बावजूद बचाव दल लापता पर्वतारोहियों की तलाश में लगातार जुटा हुआ है।
पूरी दुनिया की निगाहें बचाव अभियान पर
निर्मल पुर्जा का नाम आज साहस, जुनून और असंभव को संभव बनाने की मिसाल माना जाता है। उनके लापता होने की खबर से पर्वतारोहण जगत में चिंता का माहौल है। दुनिया भर के पर्वतारोही, एडवेंचर प्रेमी और उनके लाखों प्रशंसक उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।


