Old Note Scam: पुराने 5 रुपये के नोट के बदले मिल रहे थे 17 लाख! किसान के साथ फिर क्या हुआ?

Old Note Scam: गुजरात के वडोदरा में पुराने 5 रुपये के नोट के बदले 17 लाख रुपये देने का लालच देकर किसान से ₹1,06,400 की ठगी की गई। जानें कैसे हुआ फ्रॉड और इससे बचने के तरीके।

Jyotsana Singh
Published on: 12 Oct 2026 2:57 PM IST (Updated on: 12 Oct 2026 5:30 PM IST)
Old Note Scam: Gujarat Farmer Loses ₹1.06 Lakh After ₹17 Lakh Offer for Old ₹5 Notes
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Old Note Scam: Gujarat Farmer Loses ₹1.06 Lakh After ₹17 Lakh Offer for Old ₹5 Notes

Old Note Scam: पुराने नोट या सिक्के घर में रखे हैं और उन्हें बेचकर लाखों रुपये कमाने की उम्मीद कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। सोशल मीडिया पर दिखने वाला एक विज्ञापन आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकता है। गुजरात के वडोदरा में एक किसान को पुराने 5 रुपये के नोट के बदले लाखों रुपये देने का लालच दिया गया। किसान के पास ऐसे दो नोट थे, इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि बदले में 34 लाख रुपये मिल जाएंगे। लेकिन लाखों रुपये कमाने की चाहत में वह साइबर ठगों के जाल में फंस गए। महज तीन दिनों में किसान को 1,06,400 रुपये का नुकसान हो गया। ठगों ने कभी पार्सल भेजने तो कभी पकड़े गए लोगों को छुड़ाने के नाम पर उनसे पैसे वसूले। आइए जानते हैं कि किसान के साथ ठगी कैसे हुई और पुराने नोट बेचने के नाम पर होने वाले ऐसे फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है।

फेसबुक पर रील देखते समय मिला 17 लाख रुपये का ऑफर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला गुजरात के वडोदरा जिले के जुनी सायेर गांव का है। यहां रहने वाले 42 वर्षीय किसान महेंद्रभाई करीब 15 दिन पहले मोबाइल पर रील देख रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर फेसबुक पर एक विज्ञापन पर पड़ी। इसमें दावा किया गया था कि पुराने 5 रुपये के नोट के बदले 17 लाख रुपये तक दिए जा सकते हैं।

किसान के पास भी ऐसे दो पुराने नोट मौजूद थे। उन्हें लगा कि इन नोटों को बेचकर अच्छी रकम मिल सकती है। इसी उम्मीद में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क किया और व्हाट्सऐप के जरिए दोनों नोटों की तस्वीरें भेज दीं। इसके बाद ठगों ने उनसे बातचीत शुरू की और लाखों रुपये मिलने का भरोसा दिलाया।

पार्सल भेजने के नाम पर सबसे पहले मांगे 750 रुपये

6 अक्टूबर को किसान के पास एक व्यक्ति का फोन आया। उसने बताया कि पुराने नोट लेने के लिए एक व्यक्ति उनके पास आएगा और बदले में 34 लाख रुपये का पार्सल दिया जाएगा। इसके बाद पार्सल की डिलीवरी के नाम पर किसान से 750 रुपये मांगे गए। फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें एक क्यूआर कोड भेजा, जिसके जरिए किसान ने रकम ट्रांसफर कर दी।

शुरुआत में रकम छोटी थी, इसलिए किसान को किसी तरह का शक नहीं हुआ। उन्हें लगा कि पैसे देने के बाद जल्द ही लाखों रुपये का पार्सल मिल जाएगा। लेकिन ठगों की योजना कुछ और ही थी।

पकड़े गए व्यक्ति को छुड़ाने के नाम पर वसूले 25,500 रुपये

7 अक्टूबर को ठगों ने किसान को दोबारा फोन किया। इस बार उन्होंने बताया कि पार्सल लेकर जाने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया गया है। उसे छुड़ाने के लिए 25,500 रुपये देने होंगे।

लाखों रुपये मिलने की उम्मीद में किसान ने यह रकम भी भेज दी। उन्हें भरोसा था कि यह आखिरी भुगतान होगा और इसके बाद पार्सल मिल जाएगा। लेकिन अगले दिन ठगों ने फिर एक नया बहाना बना दिया।

तीन दिन में खाते से निकल गए 1,06,400 रुपये

8 अक्टूबर को ठगों ने किसान को फिर फोन किया और कुछ अन्य लोगों के पकड़े जाने की बात कही। उन्हें छुड़ाने के नाम पर 53,000 रुपये की मांग की गई। किसान ने यह रकम भी ट्रांसफर कर दी। इस तरह 6 से 8 अक्टूबर के बीच किसान ने कुल 1,06,400 रुपये गंवा दिए। हर बार उन्हें बड़ी रकम मिलने का भरोसा दिया गया, लेकिन पैसे मिलने के बजाय नई मांग सामने आती रही। आखिरकार किसान को एहसास हुआ कि पुराने नोटों के बदले 34 लाख रुपये देने का वादा केवल ठगी का तरीका था।

क्या पुराने नोट बेचने पर सच में मिल सकते हैं लाखों रुपये?

पुराने नोटों और सिक्कों का संग्रह करना कई लोगों का शौक है। कुछ दुर्लभ नोटों और सिक्कों की मांग संग्रहकर्ताओं के बीच हो सकती है। हालांकि, हर पुराना नोट लाखों रुपये का नहीं होता। उसकी कीमत उसकी दुर्लभता, स्थिति, सीरियल नंबर, ऐतिहासिक महत्व और खरीदारों की वास्तविक मांग पर निर्भर करती है।

इसलिए सोशल मीडिया पर किसी नोट के बदले लाखों रुपये देने का दावा देखकर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक भी स्पष्ट कर चुका है कि वह पुराने नोटों और सिक्कों की खरीद-बिक्री नहीं करता और इस काम के लिए किसी से कमीशन या शुल्क नहीं मांगता। RBI के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति से सावधान रहें।

पुराने नोट बेचने के नाम पर ठगी से कैसे बचें?

अगर आपके पास पुराने नोट या सिक्के हैं, तो उन्हें बेचने से पहले खरीदार और उसके दावों की अच्छी तरह जांच करें। फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सऐप पर लाखों रुपये देने वाले विज्ञापनों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। नोट खरीदने, पार्सल भेजने, रजिस्ट्रेशन या टैक्स के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को एडवांस पैसे न दें। किसी अनजान व्यक्ति के भेजे क्यूआर कोड को स्कैन करने या उसके कहने पर भुगतान करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें। UPI के जरिए पैसे प्राप्त करने के लिए अपना UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। अगर कोई व्यक्ति रकम देने के बदले आपसे बार-बार पैसे मांग रहा है, तो इसे धोखाधड़ी का संकेत समझें।

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

अगर आपके साथ पुराने नोट या सिक्के बेचने के नाम पर साइबर ठगी हो जाती है, तो बिना देर किए अपने बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से संपर्क करें। इसके साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।

जल्दी शिकायत करने से संदिग्ध लेनदेन को रोकने या रकम वापस मिलने की संभावना बेहतर हो सकती है, हालांकि इसकी गारंटी नहीं है। वडोदरा के किसान का मामला बताता है कि कुछ हजार या लाख रुपये कमाने की उम्मीद में बिना जांच-पड़ताल के उठाया गया कदम बड़ी आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए पुराने नोट बेचने से पहले उनकी वास्तविक कीमत और खरीदार की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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