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पंजाब में खूनी खेल! हेड कांस्टेबल ने परिवार को मारी गोली, फिर खुद दी जान
Mansa Head Constable: पंजाब के मानसा में हेड कांस्टेबल गुरविंदर सिंह ने कथित तौर पर पत्नी और बेटों को गोली मार दी। घटना में एक बेटे और हेड कांस्टेबल की मौत, पत्नी और दूसरा बेटा गंभीर।
Mansa Head Constable
Mansa Head Constable: पंजाब के मानसा में एक ही परिवार के भीतर हुई गोलीबारी (Firing) ने पूरे इलाके को दहला दिया है। डिप्टी कमिश्नर के गनमैन (Gunman) के तौर पर तैनात हेड कांस्टेबल गुरविंदर सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो बेटों को गोली मारने के बाद खुदकुशी (Suicide) कर ली। इस घटना में गुरविंदर और उसके एक बेटे की मौत हो गई, जबकि पत्नी और दूसरा बेटा गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, परिवार में चल रहे विवाद (Family Dispute) को इस खौफनाक घटना की वजह माना जा रहा है। हालांकि, विवाद की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सुबह सात बजे हुई वारदात, इलाके में मचा हड़कंप
यह घटना मानसा (Mansa) जिले के वार्ड नंबर पांच में मंगलवार सुबह करीब सात बजे हुई। घटनास्थल मानसा कोर्ट कॉम्प्लेक्स (Court Complex) के नजदीक बताया जा रहा है। अचानक गोलियां चलने की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
गुरविंदर सिंह मानसा के डिप्टी कमिश्नर (Deputy Commissioner) की सुरक्षा में गनमैन के रूप में तैनात था। पुलिसकर्मी के अपने ही परिवार के खिलाफ इस तरह का कदम उठाने की खबर सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
एक बेटे की मौत, पत्नी और दूसरा बेटा गंभीर
मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वैभव चौधरी के मुताबिक, परिवार में विवाद चल रहा था। गोली लगने के बाद गुरविंदर सिंह के एक बेटे को मानसा सिविल अस्पताल (Civil Hospital) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरविंदर सिंह की भी मौत हो गई है। वहीं, उसकी पत्नी और दूसरे बेटे की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर (Refer) किया गया है।
पारिवारिक विवाद की वजह तलाश रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, फिलहाल घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। जांच के तहत गुरविंदर सिंह के रिश्तेदारों से पूछताछ की जाएगी, ताकि परिवार में चल रहे विवाद की प्रकृति और घटना से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके। पत्नी की हालत में सुधार होने पर उसका बयान भी दर्ज किया जा सकता है।


