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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, 25 हजार में खरीदी पल्सर; कागज क्यों नहीं हुए ट्रांसफर?
Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में इस्तेमाल पल्सर बाइक 25 हजार रुपये में खरीदी गई थी। नवरात्रि के बाद आरसी ट्रांसफर होना था। जानिए जांच में क्या खुलासा हुआ।
Tiger Shroff Firing Case
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) पर फायरिंग की वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक को लेकर जांच में नया खुलासा हुआ है। जिस पीले रंग की पल्सर बाइक (Pulsar Bike) से हमलावर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे, उसे कथित तौर पर महज 25 हजार रुपये में खरीदा गया था। हैरानी की बात यह है कि बाइक की खरीद-फरोख्त पूरी होने के बावजूद उसके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Registration Certificate-RC) और दूसरे दस्तावेजों का ट्रांसफर नहीं कराया गया था। जांच में सामने आया है कि नवरात्रि (Navratri) के बाद कागजी प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई थी। अब मुंबई पुलिस (Mumbai Police) बाइक के मालिकों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खरीद-बिक्री के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और बाइक हमलावरों तक कैसे पहुंची।
तीन मालिकों के हाथों से गुजरी बाइक
जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, पीले रंग की पल्सर बाइक पहले जोगेश्वरी के एक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसके बाद बाइक एक दूसरे व्यक्ति को बेची गई और फिर तीसरे व्यक्ति के पास पहुंची। बताया जा रहा है कि तीसरे मालिक को बाइक की पूरी रकम मिल चुकी थी, लेकिन आरसी और अन्य दस्तावेजों के हस्तांतरण (Document Transfer) की प्रक्रिया नवरात्रि के बाद पूरी करने का फैसला हुआ था।
इसी बीच कथित तौर पर इस बाइक का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना में किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक आरोपियों के पास कब पहुंची और खरीद-बिक्री के दौरान किन लोगों की भूमिका रही।
कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीनों आरोपी
मुंबई के जुहू (Juhu) इलाके में रविवार शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को करीब 15 घंटे के भीतर सोमवार को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में एक बिहार के बेगूसराय और दो हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। फिलहाल उन्हें कोटा की रेलवे कॉलोनी पुलिस स्टेशन में रखा गया है। मुंबई पुलिस की टीम ने उनसे कई दौर की पूछताछ की है। अब उन्हें मुंबई ले जाकर आगे की जांच किए जाने की संभावना है।
अनिल पंडित के नाम से वायरल पोस्ट में जिम्मेदारी का दावा
इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें विदेश में मौजूद गैंगस्टर अनिल पंडित ने कथित तौर पर वारदात की जिम्मेदारी ली। उसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह (Lawrence Bishnoi Gang) का सहयोगी बताया जाता है। हालांकि, पोस्ट की प्रामाणिकता और हमले से उसके संबंध की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है।
फायरिंग की घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। अब पुलिस बाइक की खरीद-बिक्री, आरोपियों के संपर्कों और हमले के पीछे की संभावित वजह की कड़ियां जोड़ रही है।


