CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन पोर्टल सुबह से बंद, छात्र परेशान, बोर्ड ने दिया जल्द लाइव होने का भरोसा

CBSE Revaluation 2026: सीबीएसई 12वीं री-वैल्यूएशन पोर्टल 1 जून को भी सही से काम नहीं कर पाया, जिससे छात्रों और अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Akriti Pandey
Published on: 1 Jun 2026 2:53 PM IST
CBSE Revaluation 2026
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CBSE Revaluation 2026

CBSE Revaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) एक बार फिर अपनी व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। 12वीं कक्षा की कॉपियों के री-वैल्यूएशन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी समस्याओं ने छात्रों और उनके अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। बोर्ड ने पहले दावा किया था कि 1 जून से री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन पोर्टल शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन निर्धारित समय पर वेबसाइट का पोर्टल मेंटेनेंस मोड में नजर आया, जिससे हजारों छात्र आवेदन नहीं कर पाए।

री-वैल्यूएशन पोर्टल में देरी से छात्रों में नाराजगी

CBSE द्वारा री-वैल्यूएशन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटि-मुक्त बनाने का दावा किया गया था। हालांकि, 1 जून को जब पोर्टल लाइव होना था, उस समय भी वेबसाइट ठीक से काम नहीं कर रही थी। दिन के पीक समय में पोर्टल का मेंटेनेंस मोड में होना छात्रों के लिए बड़ी समस्या बन गया। इस वजह से छात्रों में असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है। बोर्ड ने बाद में बयान जारी कर कहा कि तकनीकी कारणों से पोर्टल को अस्थायी रूप से रोका गया है और इसे जल्द ही दोबारा लाइव कर दिया जाएगा।

पहले भी सामने आ चुकी हैं तकनीकी समस्याएं

यह पहली बार नहीं है जब CBSE की ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कतें आई हों। इससे पहले 12वीं की स्कैन आंसरशीट प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। मई में शुरू की गई इस प्रक्रिया के दौरान पहले ही दिन पोर्टल कई घंटों तक ठप रहा था। इसके बाद आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी गई थी, लेकिन दूसरे दिन भी पोर्टल धीमा और अस्थिर रहा। कई छात्रों को भुगतान करने और आवेदन पूरा करने में समस्याएं आईं। इसके साथ ही कॉपी में धुंधलापन, गलत स्कैनिंग और कुछ मामलों में कॉपियों के गायब होने जैसी शिकायतें भी सामने आईं।

4 लाख से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन

CBSE के अनुसार इस साल बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है। बोर्ड को कुल 4,04,319 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके तहत 11,31,961 आंसर शीट की मांग की गई थी। बोर्ड ने डिजिटल माध्यम से अब तक 8,98,214 आंसर शीट छात्रों को उपलब्ध कराई हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों के चलते प्रक्रिया को संभालना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

पहले 29 मई से शुरू होनी थी प्रक्रिया

री-वैल्यूएशन (CBSE Revaluation 2026) प्रक्रिया को पहले 29 मई से शुरू किया जाना था। लेकिन स्कैन आंसरशीट से जुड़े विवादों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया और प्रक्रिया को संशोधित किया गया। बाद में निर्णय लिया गया कि पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित करने के लिए री-वैल्यूएशन पोर्टल 1 जून से शुरू किया जाएगा।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

फिलहाल सीबीएसई (CBSE Revaluation 2026) ने कहा है कि तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर कर पोर्टल को फिर से सक्रिय किया जाएगा। हालांकि, लगातार आ रही समस्याओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बोर्ड कब तक इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू कर पाता है।

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Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

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