CBSE Revaluation Portal: लॉन्च के कुछ देर बाद ही क्रैश हुआ पोर्टल, छात्रों को हुई परेशानी, सीबीएसई ने दी सफाई

CBSE Revaluation Portal: सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ियों से हजारों छात्र परेशान हैं। लॉगिन, सत्यापन और उत्तर पुस्तिका से जुड़ी शिकायतें बढ़ी हैं।

Akriti Pandey
Published on: 2 Jun 2026 10:55 AM IST (Updated on: 2 Jun 2026 10:56 AM IST)
CBSE Revaluation Portal
X

CBSE Revaluation Portal

CBSE Revaluation Portal: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। करीब चार दिन के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के लिए पोर्टल शुरू किया गया। पोर्टल एक्टिव होने की खबर मिलते ही छात्र और अभिभावक राहत महसूस करने लगे, क्योंकि वे काफी समय से इस प्रक्रिया के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन उनकी यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।

पोर्टल शुरू होने के कुछ ही समय बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने तकनीकी समस्याओं की शिकायत करनी शुरू कर दी। कई छात्रों का कहना था कि सभी लॉगिन विवरण भरने के बाद स्क्रीन फ्रीज हो रही थी, जिससे वे आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे थे। कुछ छात्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर पोर्टल में मौजूद खामियों को भी दिखाया।

सोशल मीडिया पर फूटा छात्रों का गुस्सा (CBSE Revaluation)

तकनीकी दिक्कतों के कारण छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार शिकायतें सामने आने लगीं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर बोर्ड इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को बिना पूरी तैयारी के कैसे शुरू कर सकता है। कुछ छात्रों ने तो यह तक कहा कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद बोर्ड व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित नहीं कर पा रहा है। हालांकि बाद में बोर्ड ने पोर्टल को दोबारा सक्रिय कर दिया, लेकिन शुरुआती समस्याओं ने छात्रों का भरोसा जरूर कमजोर किया है।

चार लाख से ज्यादा छात्र हुए प्रभावित

इस तकनीकी गड़बड़ी का असर 4,04,319 से अधिक छात्रों पर पड़ा है। ये सभी छात्र सत्यापन, उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में पोर्टल की खराबी ने उनकी चिंता बढ़ा दी। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले अनुमान लगाया था कि मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को देखने वाले लगभग पांच में से एक छात्र सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। ऐसे में करीब 80 हजार आवेदन मिलने की संभावना जताई गई थी।

पहले भी सामने आ चुकी हैं कई शिकायतें

कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद से ही पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया विवादों में बनी हुई है। छात्रों और अभिभावकों ने भुगतान गेटवे में गड़बड़ी, अतिरिक्त शुल्क कटने, रसीद न मिलने, लॉगिन संबंधी समस्याओं और स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों की शिकायत की है।

कुछ छात्रों का यह भी आरोप है कि उन्हें जो उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं, वे धुंधली या अधूरी थीं। वहीं कुछ मामलों में छात्रों ने दावा किया कि उपलब्ध कराई गई कॉपियां उनके द्वारा लिखे गए मूल उत्तरों से मेल नहीं खाती थीं। इन लगातार सामने आ रही शिकायतों ने CBSE की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और पूरी पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Akriti Pandey
ABOUT THE AUTHOR

Akriti Pandey

Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

Next Story