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CBSE Third Language Policy: जुलाई 2026 से स्कूलों में लागू होगी 'थर्ड लैंग्वेज पॉलिसी', तीसरी भाषा की नहीं होगी बोर्ड परीक्षा
CBSE Third Language Policy: सीबीएसई ने NEP 2020 के तहत कक्षा 9 में तीन भाषाएं अनिवार्य कर दी हैं। जुलाई 2026 से सभी स्कूलों में नया नियम लागू होगा।
CBSE Third Language Policy
CBSE Third Language Policy: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 (NCFSE 2023) के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education ने “थर्ड लैंग्वेज पॉलिसी 2026” (CBSE Third Language Policy) को लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि जुलाई 2026 से सभी संबद्ध स्कूलों में इस नीति को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा। इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं से जोड़ना और बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देना है।
क्या है नई थर्ड लैंग्वेज पॉलिसी?
नई नीति के अनुसार कक्षा 9 में पढ़ने वाले सभी छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना अनिवार्य होगा। इनमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए। यदि कोई छात्र विदेशी भाषा चुनना चाहता है, तो वह उसे तीसरी भाषा के रूप में तभी चुन सकेगा जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों। इसके अलावा विदेशी भाषा को चौथी अतिरिक्त भाषा के रूप में भी लिया जा सकता है। CBSE ने 15 मई को जारी अपने दिशा-निर्देशों में कहा कि यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल उद्देश्य यानी “बहुभाषिक शिक्षा” ( Multilingual Education) को ध्यान में रखकर किया गया है। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों में भारतीय भाषाओं के प्रति समझ और सम्मान बढ़ेगा।
स्कूलों में जुलाई 2026 से होगा सख्ती से पालन
सीबीएसई (CBSE Third Language Policy) ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे जुलाई 2026 से इस नीति को पूरी तरह लागू करें। बोर्ड ने यह भी संकेत दिया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए अब स्कूलों को समय रहते भाषा विकल्प, शिक्षक व्यवस्था और पाठ्यक्रम की तैयारी करनी होगी।
तीसरी भाषा की नहीं होगी बोर्ड परीक्षा
हालांकि इस नई व्यवस्था के साथ छात्रों को कुछ राहत भी दी गई है। सीबीएसई (CBSE New Rules) ने साफ किया है कि तीसरी भाषा के लिए अलग से बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही आंतरिक परीक्षा या प्रोजेक्ट के माध्यम से किया जाएगा। इसके बावजूद छात्रों के प्रदर्शन को हल्के में नहीं लिया जाएगा, क्योंकि प्राप्त अंक प्रमाण पत्र में दर्ज किए जाएंगे। यानी यह विषय अकादमिक रिकॉर्ड का हिस्सा रहेगा।
छठी कक्षा की किताबों से होगी पढ़ाई
सीबीएसई और National Council of Educational Research and Training (NCERT) फिलहाल कक्षा 9 के लिए नई आर3 पाठ्यपुस्तकें तैयार कर रहे हैं। चूंकि 2026-27 सत्र तक नई किताबें उपलब्ध नहीं होंगी, इसलिए शुरुआती दौर में कक्षा 6 की आर3 पुस्तकों का उपयोग किया जाएगा।
19 भारतीय भाषाओं में तैयार हो रही किताबें
एनसीईआरटी(NCERT) असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संथाली, सिंधी, तमिल और तेलुगु समेत 19 भारतीय भाषाओं में नई आर 3 किताबें तैयार कर रहा है। इससे देश के अलग-अलग राज्यों के छात्रों को अपनी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ने का अवसर मिलेगा।


