CBSE New Guidelines 2026: सीबीएसई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी में बड़ा बदलाव, 10वीं के छात्रों को मिली राहत

CBSE New Guidelines 2026: CBSE ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। 10वीं के छात्रों को राहत मिली है। जानें नए नियम और इसका छात्रों पर असर।

Akriti Pandey
Published on: 29 Jun 2026 3:03 PM IST
CBSE New Guidelines 2026
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CBSE New Guidelines 2026

CBSE New Guidelines 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने अपनी थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, मौजूदा बैच के कक्षा 10वीं के छात्रों को अब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय के बाद छात्रों और अभिभावकों को काफी राहत मिली है। बोर्ड का यह फैसला लंबे समय से चल रहे विरोध और असंतोष के बाद आया है, जिससे लाखों छात्रों की पढ़ाई से जुड़ी चिंता कम हुई है।

मौजूदा छात्रों को मिली बड़ी छूट

नई गाइडलाइन के अनुसार, वर्तमान में 10वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्रों पर यह नियम लागू नहीं होगा। उन्हें पहले की तरह सामान्य तरीके से अपनी पढ़ाई जारी रखनी होगी और किसी अतिरिक्त बोर्ड परीक्षा का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा। इसके अलावा, जो छात्र अभी कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं में अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें भी भविष्य में 10वीं में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। यह बदलाव छात्रों के लिए पढ़ाई को आसान और कम तनावपूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी क्या है?

थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के तहत पहले CBSE ने यह नियम प्रस्तावित किया था कि छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होना अनिवार्य था। इस नीति को देशभर के CBSE स्कूलों में लागू करने की योजना थी। हालांकि, अब संशोधित नियमों के अनुसार यह पॉलिसी केवल उन छात्रों पर लागू होगी जो वर्ष 2026 में कक्षा 6 में प्रवेश लेंगे। इसका मतलब है कि पुराने और मौजूदा बैच के छात्रों को इससे राहत दी गई है।

विरोध के बाद बदला गया फैसला

CBSE के इस नियम को लेकर शुरुआत से ही विरोध देखने को मिला था। कई छात्र, अभिभावक और राज्य सरकारों ने इस नीति पर आपत्ति जताई थी। कुछ राज्यों ने इस मुद्दे को लेकर न्यायालय का भी रुख किया था। लगातार बढ़ते विरोध और असहमति के बाद बोर्ड ने अपने निर्णय में संशोधन करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है।

विदेशी भाषा और भारतीय भाषा का नियम

नए नियमों के अनुसार, जो छात्र पहले से दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं, वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। हालांकि, अब उन्हें एक अतिरिक्त भारतीय भाषा को भी अपने पाठ्यक्रम में शामिल करना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को भाषाई विविधता से जोड़ना और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना बताया जा रहा है। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों को भाषा ज्ञान के साथ सांस्कृतिक समझ भी मजबूत होगी।

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Akriti Pandey is a journalist with more than three years of experience in the media industry. She holds a degree in Mass Communication and Journalism and specializes in writing on education, lifestyle, health, and astrology-related topics. Known for her reader-focused approach and engaging storytelling, Akriti is passionate about creating informative and accessible content. In her free time, she enjoys writing, sports, and traveling.

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