Central Government Employees Bonus: 7,000 से 21,000 हो सकती है बोनस सीलिंग, जानें क्या है मांग

Central Government Employees Bonus: NC-JCM ने केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की गणना सीमा ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 करने की मांग की है। जानें दशहरा से पहले क्या मिल सकता है फायदा।

Jyotsana Singh
Published on: 31 Aug 2026 10:16 AM IST
Central Government Employees Bonus: Bonus Ceiling May Rise From ₹7,000 to ₹21,000
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Central Government Employees Bonus: Bonus Ceiling May Rise From ₹7,000 to ₹21,000

Central Government Employees Bonus: दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बोनस को लेकर एक बड़ी मांग सामने आई है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मौजूदा बोनस सीमा को तीन गुना बढ़ाने की मांग की है। अभी बोनस की गणना के लिए अधिकतम वेतन सीमा 7,000 रुपये मानी जाती है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने इसे बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग की है। जबकि, 21,000 रुपये की नई बोनस सीमा अभी सरकार ने मंजूर नहीं की है। यह फिलहाल कर्मचारी संगठनों की मांग है।

दशहरा से पहले सरकार को भेजा गया प्रस्ताव

केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े संगठन NC-JCM ने इस मुद्दे को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र भेजा है। संगठन के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 27 अगस्त 2026 को लिखे पत्र में बोनस से जुड़े आदेश जल्द जारी करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि दशहरा नजदीक है और सरकार जल्द ही प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB), नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस और एड हॉक बोनस से संबंधित आदेश जारी कर सकती है।

संगठन का कहना है कि मौजूदा 7,000 रुपये की सीमा काफी पुरानी हो चुकी है। इसलिए बोनस की गणना के लिए तय सीमा को बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाना चाहिए। अगर सरकार इस मांग को स्वीकार करती है तो पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली बोनस राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।

21,000 रुपये की सीमा का क्या है मामला?

यहां एक जरूरी अंतर समझना जरूरी है। 21,000 रुपये अभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए तय बोनस राशि नहीं है। यह वह वेतन सीमा है, जिसे कर्मचारी संगठन बोनस की गणना के लिए लागू करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग के पीछे हाल में बदली गई बोनस से जुड़ी वेतन सीमा को आधार बनाया गया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 25 अगस्त 2026 को एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें बोनस के लिए पात्रता से जुड़ी वेतन सीमा 21,000 रुपये प्रति माह किए जाने का उल्लेख है। यह बदलाव 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है।

यही वजह है कि कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि, जब बोनस के लिए वेतन पात्रता सीमा 21,000 रुपये तक की जा रही है तो केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की गणना में इस्तेमाल होने वाली पुरानी 7,000 रुपये की सीमा पर भी दोबारा विचार होना चाहिए।

अभी कितने बोनस पर होती है गणना?

केंद्रीय कर्मचारियों के नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Ad-hoc Bonus) की गणना के लिए लंबे समय से 7,000 रुपये की सीमा का इस्तेमाल होता रहा है। मौजूदा व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के बोनस के बराबर राशि दी जाती है।

7,000 रुपये की गणना सीमा और 30 दिन के आधार पर बोनस करीब 6,908 रुपये बैठता है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस रकम को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। संगठनों का कहना है कि महंगाई, वेतन और न्यूनतम मजदूरी में समय के साथ बदलाव हुआ है, लेकिन बोनस की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाली सीमा लंबे समय से नहीं बदली गई है। ऐसे में मौजूदा राशि कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतों के मुकाबले काफी कम रह गई है।

कर्मचारी संगठन क्यों चाहते हैं बड़ा बोनस?

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने भी बोनस की मौजूदा सीमा पर सवाल उठाया है। उनका तर्क है कि एक दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद कर्मचारियों को लगभग 6,908 रुपये का नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस मिल रहा है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बोनस की गणना वास्तविक वेतन और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप होनी चाहिए। अप्रैल 2026 में न्यूनतम दैनिक वेतन से जुड़ी राशि में बदलाव का हवाला देते हुए संगठन का दावा है कि नई गणना के आधार पर बोनस की रकम करीब 27,694 रुपये तक पहुंच सकती है।

मई की बैठक में भी उठा था मुद्दा

बोनस सीमा बढ़ाने का मुद्दा नया नहीं है। NC-JCM के मुताबिक, 11 मई 2026 को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई 49वीं बैठक में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी।

उस समय सरकार की ओर से संकेत दिया गया था कि बोनस की सीलिंग लिमिट में बदलाव होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस पर आगे विचार किया जाएगा। अब 21,000 रुपये की वेतन सीमा से जुड़े नए बदलाव के बाद कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांग फिर से रखी है।

क्या इस दशहरा 21,000 रुपये का बोनस मिलेगा?

21,000 रुपये की राशि अभी स्वीकृत बोनस नहीं है। NC-JCM ने सिर्फ मौजूदा 7,000 रुपये की गणना सीमा को बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग की है। अगर सरकार बोनस सीलिंग में बदलाव को मंजूरी देती है तो इसका सीधा फायदा पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकता है। लेकिन जब तक सरकार की ओर से औपचारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक 21,000 रुपये या इससे अधिक बोनस मिलने की खबर को पक्की घोषणा नहीं माना जा सकता।

दशहरा से पहले सरकार की ओर से बोनस से जुड़े आदेश जारी होने की उम्मीद के बीच केंद्रीय कर्मचारियों की नजर अब इसी फैसले पर टिकी है। अगर मांग मंजूर होती है तो यह त्योहारी सीजन में कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर साबित हो सकती है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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