ISRO Scientist Salary: ISRO में नौकरी कैसे मिलती है? जानें सैलरी, ड्यूटी और इस्तीफे के नए नियम

IISRO Scientist Salary: ISRO वैज्ञानिकों की सैलरी कितनी होती है? जानें वेतन, भत्ते और सुविधाएं

Jyotsana Singh
Published on: 18 July 2026 6:14 PM IST (Updated on: 18 July 2026 6:40 PM IST)
ISRO Scientist Job
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ISRO Scientist Job: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO में वैज्ञानिक बनना देश के लाखों युवाओं का सपना होता है। चंद्रयान, आदित्य-एल1 और गगनयान जैसे मिशनों ने इसरो को दुनिया की अग्रणी अंतरिक्ष एजेंसियों में शामिल कर दिया है। इसी के साथ हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार हर साल करीब 100 से 120 वैज्ञानिक इसरो छोड़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर काम कर रहे वैज्ञानिकों के इस्तीफे से जुड़े नियम पहले से अधिक सख्त कर दिए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं ISRO में नौकरी पाने की पूरी प्रक्रिया, सैलरी, काम का माहौल, ड्यूटी टाइमिंग और इस्तीफे के नए नियमों के बारे में विस्तार से-

हर साल करीब 120 वैज्ञानिक क्यों छोड़ रहे हैं ISRO

हाल के महीनों में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक इसरो के अलग-अलग केंद्रों से हर साल लगभग 100 से 120 वैज्ञानिक इस्तीफा दे रहे हैं। इनमें यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC) और विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) के कई अनुभवी वैज्ञानिक भी शामिल हैं। इनमें से कुछ वैज्ञानिक चंद्रयान-3, गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों का हिस्सा रह चुके हैं। माना जा रहा है कि भारत में तेजी से बढ़ रहे निजी स्पेस सेक्टर की वजह से अनुभवी वैज्ञानिकों को बेहतर वेतन, नई जिम्मेदारियां और तेजी से करियर ग्रोथ के अवसर मिल रहे हैं। जिसके कारण कई लोग निजी कंपनियों का रुख कर रहे हैं।

सरकार ने इस्तीफे के नियम क्यों किए सख्त

वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफों को देखते हुए अंतरिक्ष विभाग ने 14 जुलाई को नया आंतरिक निर्देश जारी किया है। इसके तहत गगनयान और दूसरे राष्ट्रीय महत्व के मिशनों पर काम कर रहे ग्रुप-ए वैज्ञानिकों के इस्तीफे या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) को अब सामान्य प्रक्रिया के तहत मंजूरी नहीं दी जाएगी। संबंधित केंद्र के निदेशक केवल अपनी सिफारिश भेजेंगे, जबकि अंतिम फैसला अंतरिक्ष विभाग और केंद्र सरकार के स्तर पर लिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अनुभवी वैज्ञानिकों की कमी न होने देना है।

ISRO में वैज्ञानिक बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए

अगर आप ISRO में वैज्ञानिक या इंजीनियर बनना चाहते हैं तो शुरुआत 12वीं कक्षा से ही करनी होगी। 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) विषय होना जरूरी माना जाता है। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, सिविल, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग या फिजिक्स जैसे विषयों में बीई, बीटेक या संबंधित डिग्री हासिल करनी होती है। अधिकांश पदों के लिए कम से कम 65 प्रतिशत अंक या निर्धारित सीजीपीए जरूरी होता है। अच्छी तकनीकी समझ और मजबूत शैक्षणिक रिकॉर्ड चयन की संभावना बढ़ा देता है।

ISRO में भर्ती की प्रक्रिया कैसे होती है

इसरो में वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की भर्ती इसरो सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड (ICRB) के माध्यम से की जाती है। समय-समय पर विभिन्न पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी होती है। उम्मीदवारों का चयन आमतौर पर लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाता है। वहीं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIST) से पढ़ाई करने वाले योग्य छात्रों को भी उनके प्रदर्शन के आधार पर ISRO में नौकरी का अवसर मिल सकता है।

ISRO वैज्ञानिकों को कितनी सैलरी मिलती है

इसरो में वैज्ञानिक व इंजीनियर 'SC' पद पर नियुक्ति सातवें वेतन आयोग के पे-लेवल 10 के तहत होती है। शुरुआती बेसिक सैलरी 56,100 रुपये प्रतिमाह होती है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS), प्रोफेशनल अपडेट अलाउंस और अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं। इन सभी भत्तों को जोड़ने के बाद शुरुआती मासिक वेतन लगभग 95 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। अनुभव और प्रमोशन के साथ वेतन में लगातार बढ़ोतरी होती रहती है।

ISRO में काम का माहौल और ड्यूटी टाइमिंग कैसी होती है

इसरो में काम पूरी तरह रिसर्च और मिशन आधारित होता है। सामान्य तौर पर कार्यालय का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रहता है और सप्ताह में पांच दिन काम करना होता है। हालांकि किसी रॉकेट लॉन्च, सैटेलाइट मिशन या बड़े प्रोजेक्ट के दौरान वैज्ञानिकों को अतिरिक्त समय तक काम करना पड़ सकता है। यहां का कार्य वातावरण अत्याधुनिक तकनीक, रिसर्च और टीमवर्क पर आधारित होता है। जहां हर परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी की जाती है।

सुरक्षा नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है

ISRO देश की सबसे संवेदनशील वैज्ञानिक संस्थाओं में से एक है। इसलिए यहां सुरक्षा से जुड़े नियम बेहद सख्त हैं। कई संवेदनशील प्रयोगशालाओं और परियोजना क्षेत्रों में मोबाइल फोन या निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होती। वैज्ञानिकों को गोपनीय जानकारी की सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।

वैज्ञानिकों को वेतन के अलावा कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं

ISRO अपने कर्मचारियों को आकर्षक वेतन के साथ कई अन्य सुविधाएं भी देता है। कर्मचारियों को सरकारी आवास (जहां उपलब्ध हो), चिकित्सा सुविधा, परिवहन, अवकाश, प्रशिक्षण कार्यक्रम, रिसर्च के बेहतर अवसर और पेंशन संबंधी लाभ मिलते हैं। कई वैज्ञानिकों को देश और विदेश में आयोजित वैज्ञानिक सम्मेलन और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का भी मौका मिलता है। जिससे उनके ज्ञान और अनुभव में लगातार वृद्धि होती है।

ISRO में करियर क्यों माना जाता है खास

ISRO में नौकरी केवल एक सरकारी पद नहीं बल्कि देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर है। यहां वैज्ञानिक संचार उपग्रह, मौसम पूर्वानुमान, रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान, चंद्रमा और दूसरे ग्रहों से जुड़े मिशनों पर काम करते हैं। काम चुनौतीपूर्ण जरूर होता है, लेकिन देश के लिए नई उपलब्धियां हासिल करने का अवसर भी देता है। यही वजह है कि हर साल लाखों युवा ISRO में वैज्ञानिक बनने का सपना देखते हैं और इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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