JoSAA Counselling 2026: दूसरी मॉक सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी, आज ही सुधारें अपनी च्वॉइस

JoSAA Counselling 2026: JoSAA ने दूसरी मॉक सीट आवंटन सूची जारी कर दी है। उम्मीदवारों के पास अब चॉइस में बदलाव का अंतिम मौका है। पहला सीट आवंटन 13 जून को होगा।

Akriti Pandey
Published on: 11 Jun 2026 11:01 AM IST
JoSAA Counselling 2026
X

JoSAA Counselling 2026

JoSAA Counselling 2026: संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) ने काउंसलिंग 2026 के लिए दूसरी मॉक सीट आवंटन सूची जारी कर दी है। यह आवंटन उन विकल्पों के आधार पर तैयार किया गया है, जिन्हें उम्मीदवारों ने 9 जून शाम 5 बजे तक भरकर सेव किया था। मॉक सीट आवंटन का उद्देश्य अभ्यर्थियों को यह अनुमान देना है कि उनकी वर्तमान पसंद और जेईई मेन या जेईई एडवांस्ड में प्राप्त रैंक के आधार पर उन्हें कौन-सी सीट मिल सकती है।

अंतिम बार विकल्पों में बदलाव का अवसर

दूसरी मॉक सीट आवंटन सूची उम्मीदवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए छात्र अपने संभावित सीट आवंटन का आकलन कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी चॉइस फिलिंग में संशोधन कर सकते हैं। यह विकल्पों में बदलाव करने का अंतिम अवसर है, क्योंकि एक बार चॉइस लॉक होने के बाद उन्हें बदला नहीं जा सकता।

JoSAA ने स्पष्ट किया है कि जो उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा तक स्वयं अपने विकल्प लॉक नहीं करेंगे, उनके सेव किए गए विकल्पों को सिस्टम स्वतः लॉक कर देगा और वही अंतिम माने जाएंगे।

मॉक आवंटन अंतिम सीट ऑफर नहीं

उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि मॉक सीट आवंटन केवल एक अनुमानित परिणाम है। इसे अंतिम सीट आवंटन नहीं माना जाएगा। JoSAA के अनुसार पहले राउंड के वास्तविक सीट आवंटन का परिणाम 13 जून को सुबह 10 बजे जारी किया जाएगा। वहीं काउंसलिंग के लिए पंजीकरण और चॉइस फिलिंग प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित की गई है।

JoSAA काउंसलिंग क्यों है महत्वपूर्ण?

JoSAA देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए केंद्रीकृत सीट आवंटन प्रक्रिया संचालित करता है। इसके माध्यम से कुल 138 संस्थानों में दाखिला दिया जाता है। इनमें 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु, 31 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), IIEST शिबपुर, 26 भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) तथा 56 अन्य सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थान (GFTI) शामिल हैं। आईआईटी में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस्ड रैंक को आधार बनाया जाता है, जबकि एनआईटी, आईआईआईटी और जीएफटीआई में सीट आवंटन जेईई मेन रैंक के आधार पर किया जाता है।

75 प्रतिशत से कम अंक वालों के लिए राहत

आईआईटी रुड़की ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से कम अंक हैं, वे भी JoSAA काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। हालांकि ऐसे उम्मीदवारों को 15 जुलाई तक अपनी अंतिम मार्कशीट जमा करनी होगी। निर्धारित समय तक आवश्यक दस्तावेज जमा न करने पर उनकी प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

Akriti Pandey
ABOUT THE AUTHOR

Akriti Pandey

Akriti Pandey is a Education & job Desk Content Writer at Newstrack.com.

Next Story