NCERT का बड़ा फैसला, अब स्कूली किताबों में पढ़ाया जाएगा 'चुनाव आयोग-SIR', वेदों और महिला आरक्षण को भी मिली जगह

Vedas in NCERT Book: एनसीईआरटी की नई कक्षा 9 सोशल साइंस किताब में चुनाव आयोग, SIR, वेद, EVM और महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से शामिल किया गया है।

Akriti Pandey
Published on: 26 Jun 2026 1:16 PM IST (Updated on: 26 Jun 2026 1:16 PM IST)
Vedas in NCERT Book
X

Vedas in NCERT Book

Vedas in NCERT Book: एनसीईआरटी की नई कक्षा 9 की सोशल साइंस पुस्तक में भारत के चुनाव आयोग और देश की चुनावी प्रक्रिया को विस्तार से शामिल किया गया है। किताब में भारत की चुनाव व्यवस्था को विश्व में एक बेहतरीन और मजबूत लोकतांत्रिक प्रणाली के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसके अनुसार, चुनाव आयोग एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी संस्था है, जो देश में चुनावों के सफल संचालन की जिम्मेदारी निभाती है। इसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में मतदाता सूची तैयार करना, चुनाव कराना और लोकतांत्रिक भागीदारी को सुनिश्चित करना शामिल है।

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया

पुस्तक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया के रूप में समझाया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची पूरी तरह से सही और त्रुटि रहित हो। इस प्रक्रिया के तहत यह ध्यान रखा जाता है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदान से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

इसमें नए 18 वर्ष के मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, जबकि मृत्यु, स्थान परिवर्तन, दोहरे पंजीकरण या अन्य त्रुटियों के आधार पर नाम हटाए जाते हैं। अंतिम मतदाता सूची जारी करने से पहले नागरिकों से दावे और आपत्तियां भी आमंत्रित की जाती हैं ताकि सूची को और अधिक सटीक बनाया जा सके।

चुनावी प्रणाली के सुरक्षा उपाय

किताब में चुनाव प्रक्रिया में उपयोग होने वाली तकनीकों और व्यवस्थाओं को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), वीवीपैट, आदर्श आचार संहिता और मतदाता जागरूकता अभियानों को चुनाव की पारदर्शिता और सुरक्षा के प्रमुख साधन के रूप में समझाया गया है। साथ ही छात्रों को विभिन्न लोकसभा चुनावों जैसे 1977, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के बाद बनी गठबंधन सरकारों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया गया है।

वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश

नई पुस्तक में भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को भी विशेष स्थान दिया गया है। इसमें वेदों को शामिल करते हुए छात्रों को ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के बारे में जानकारी दी जाएगी। पुस्तक में वेदों को भारतीय सभ्यता और संस्कृति की नींव बताया गया है। इनके माध्यम से धर्म, दर्शन, समाज, शिक्षा, संगीत और जीवन मूल्यों जैसे विषयों को समझाने का प्रयास किया गया है। इसे भारत की सबसे प्राचीन ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण स्रोत माना गया है।

महिला आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी

किताब में महिला आरक्षण और राजनीति में महिलाओं की भूमिका पर भी एक विशेष अध्याय शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि मतदान में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक होने के बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व अभी भी सीमित है। पंचायत और स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी के उदाहरणों को भी शामिल किया गया है।

पुस्तक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि शासन व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाती है, तो इससे सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव हैं।

Akriti Pandey
ABOUT THE AUTHOR

Akriti Pandey

Akriti Pandey is a journalist with more than three years of experience in the media industry. She holds a degree in Mass Communication and Journalism and specializes in writing on education, lifestyle, health, and astrology-related topics. Known for her reader-focused approach and engaging storytelling, Akriti is passionate about creating informative and accessible content. In her free time, she enjoys writing, sports, and traveling.

Next Story