Homebound Review: प्रवासी मजदूरों के दर्द को बया करती हैं होमबाउंड सच्ची घटना पर आधारित

Homebound Movie Review: विशाल जेठवा, ईशान खट्टर और जान्हवी कपूर की फिल्म होमबाउंड जानिए कैसी फिल्म है

Shikha Tiwari
Published on: 26 Sept 2025 8:00 AM IST
Homebound Movie Review In Hindi
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Homebound Movie Review (Image Credit- Social Media)

Homebound Review: जान्हवी कपूर, ईशान खट्टर एक बार फिर से साथ में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ विशाल जेठवा भी स्क्रीन भी शेयर करेंगे। फिल्म के रिलीज से पहले ही फिल्म को काफी ज्यादा तारीफ मिली है। तो वहीं अब जाकर फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, चलिए जानते हैं कैसी है होमबाउंड मूवी और दर्शकों को कितनी पसंद आने वाली है।

होमबाउंड मूवी रिव्यू (Homebound Movie Review In Hindi)-

नीरज घेवान द्वारा निर्देशित फिल्म Homebound जिसमें ईशान खट्टर, जान्हवी कपूर और विसाल जेठवा लीड रोल में हैं। आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी हैं। इस फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है। कोविड महामारी के समय न्यूयॉर्क टाइम्स के एक निबंध से प्रेरित है। उन्होंने इस नाजुक विषय को पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया है।

Homebound एक मार्मिक वास्तविक जीवन की कहानी पर आधारित है, जिसे पहली बार भारत में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान न्यूयॉर्क टाइम्स के एक लेख में बताया गया था कि दो लड़के शोएब और चंदन जोकि काफी गहरे दोस्त हैं।यह फिल्म दो युवा वयस्कों के संघर्षों और दुखों, उनके टूटे और अधूरे सपनों, जातिगत मतभेदों और जो कुछ वे हासिल करना चाहते हैं उसके प्रति अटूट जुनून को दर्शाती है। शोएब और चंदन कैसे पुलिस प्रशिक्षु बनने की इच्छा रखते हैं। और कैसे नियति उनके होसले को तोड़ देती है। दोनों लड़को को काफी संघर्ष का सामना करना पड़ता है। दोनों को एक खास जाति और धर्म से जुड़े होने के कारण अपमान सहन करते हैं।

शोएब एक मुस्लिम लड़का है उसको वहाँ भी अपमानित किया जाता है जहाँ पर वो नौकरी करता है। जहाँ पढ़े-लिखे लोग उसे नीचा दिखाने की कोशिक करते हैं। वो दुबई जाने से मना कर देता हैं जहाँ उसके पिता अपने एक दोस्त से उसके लिए नौकरी के लिए बात करते हैं। वो अपने देश से काफी प्यार करता है। तो वही चंदन की जिंदगी भी कुछ अच्छी नहीं हैं। वह इस डर से अपना उपनाम छुपाता है कि लोग उसके साथ बेइज्जती करेंगे। वह विभिन्न सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए आवेद करने से भी इनकार करदेता है। दोनों दिहाड़ी मजदूरी करने के लिए शहर जाते हैं। उनकी हालत सुधरने ही वाली होती है कि कोविड आ जाता है। दिखाया जाता है कि कोविड की वजह से सभी लोग परेशान हुए थे। लेकिन सबके ज्यादा यदि किसी पर असर पड़ा था तो वो प्रवासी मजदूर ही थे। आगे की कहानी देखने के लिए आपको पूरी फिल्म देखनी होगी। फिल्म की कहानी काफी शानदार है तो वहीं दोनों एक्टर्स ने काफी बेहतरीन एक्टिंग की है।

इन सबके बीच फिल्म क्रिटिक्स तरण आदर्श ने भी अपना रिव्यू दिया है तरण आदर्श ने इस एक बेहतरीन फिल्म बताया है और 5 में से 4 स्टार दिए हैं।



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Shikha Tiwari

Shikha Tiwari

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मनोरंजन की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनानी है, इसलिए मैं हमेशा नई-नई स्किल सीखने और अपने काम को बेहतर बनाने में लगी रहती हूँ।

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