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Chumbak 2 Review: चुंबक सीजन 2 नएपन और पुरानी यादों का बेहतरीन मेल है, नेटफ्लिक्स पर हुआ रिलीज
Chumbak Season 2 Review: चुंबक सीजन 1 के बाद चुंबक सीजन 2 आ गया है, देखने से पहले जान लीजिए कैसा है सीजन 2
Chumbak 2 Review (Image Credit- Social Media)
Chumbak 2 Review: नीना गुप्ता और देवेन भोजानी की कॉमेडी सीरीज़ का दूसरा पार्ट अब नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रहा है। क्या आप इसे देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आज हम आपके लिए चुबंक सीजन 2 का रिव्यू लेकर आए हैं। चलिए जानते हैं क्या चुंबक सीजन 1 की ही तरह मजेदार है, चुंबक सीजन 2 और इस बार चुंबक कॉलोनी में दर्शकों को क्या नया देखने को मिलने वाला है।
चुंबक भाग 2 समीक्षा (Chumbak Season 2 Review)-
चुंबक: पार्ट 1' से सभी को हंसाने-गुदगुदाने के बाद, डायरेक्टर आतिश कपाड़िया आठ नए एपिसोड्स के साथ वापस आ गए हैं। कहने की ज़रूरत नहीं है कि 'चुंबक: पार्ट 2' जो आज (1 अक्टूबर) नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुआ है । हमें 2000 के दशक की शुरुआत में ले जाता है, जब 'साराभाई वर्सेस साराभाई' और 'खिचड़ी' जैसे शो लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाते थे और उन्हें ज़ोर-ज़ोर से हंसाते थे। चलिए जानते हैं चुंबक सीजन 2 के बारे में
चुंबक सीज़न 1 की एक छोटी सी झलक के साथ, 'चुंबक 2' की शुरुआत एक अच्छे नोट पर होती है, जहाँ पड़ोस के पाँच परिवार मिलकर एक-एक करके समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करते हैं। जब रूहान अपनी माँ प्रियंका (मानसी पारेख) को 'तलाक का नोटिस' देता है, तो आदित्य (सुमीत व्यास) अपनी 'चुंबक कॉलोनी' के पड़ोसियों के साथ मिलकर घर पर ही एक नकली कोर्ट केस करने का फ़ैसला करता है। रोनित रॉय चौधरी (रोहित रॉय) जज बनते हैं। मिकी (अर्जुन बिजलानी) रूहान का पक्ष रखते हैं, जबकि आदित्य अपनी पत्नी प्रियंका के वकील बनते हैं। साथ ही, एपिसोड्स में 'चुंबक' की महिलाएँ मिकी और उनके कथित लव अफ़ेयर का सच सबके सामने लाने की योजना बनाती हुई भी दिखाई देती हैं।
यह कहने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन 'चुंबक 2' का जादू इसकी राइटिंग में है। शो के राइटर आतिश कपाड़िया ने कहानी लिखने में शानदार काम किया है। शो के सबसे हल्के-फुल्के मज़ाक भी असरदार लगते हैं और कहानी में ज़बरदस्ती थोपे हुए नहीं लगते। पहले पार्ट की तरह ही, दूसरा पार्ट भी ह्यूमर को बनाए रखता है, जिससे बोरियत की कोई गुंजाइश नहीं रहती। भले ही इसमें कई किरदार हैं, लेकिन अलग-अलग सब-प्लॉट्स के बीच का बदलाव बहुत सहज लगता है। मेकर्स ने कई कहानियों को खूबसूरती से एक बेहतरीन पैकेज में पिरोया है।
कूकू (देवेन भोजानी) और रजनी (नीना गुप्ता) वाले सीन बहुत मज़ेदार और देखने में अच्छे लगते हैं। दूसरे भाग में भी वे शो की जान बने हुए हैं। 'चुंबक 2' में प्रियंका और रूहान के रिश्ते में बदलाव आता है, और इसे देखना बहुत अच्छा लगता है। हालाँकि, एक समय के बाद शो का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आगे क्या होगा। कभी-कभी, अलग-अलग किरदार और कहानियाँ उलझी हुई लगती हैं और शो के लिए अच्छी नहीं रहतीं। कुछ कमियों के बावजूद, 'चुंबक 2' अपना मज़ा बनाए रखती है और खूब हँसाती है।
चुंबक 2' ज़रूर देखने लायक है। ऐसे समय में जब OTT पर क्राइम थ्रिलर और मर्डर मिस्ट्री की भरमार है, आतिश कपाड़िया और जेडी मजेठिया का यह शो एक ताज़ी हवा के झोंके जैसा है। यह शो नएपन और पुरानी यादों का बेहतरीन मेल है।


