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Tiger Shroff Firing Case: 'कोई आरोपी नाबालिग नहीं, जान से मारने आए थे', मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई पुलिस का बड़ा खुलासा। तीनों आरोपी बालिग, 20 टीमों ने जांच कर कोटा से पकड़ा। जानिए फायरिंग, गिरफ्तारी और धमकी के एंगल पर पुलिस ने क्या कहा।
Tiger Shroff Firing Case: मुंबई में बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस ने साफ किया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बालिग हैं और शुरुआती जांच में मामला हत्या के प्रयास का सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान दो आरोपी पिस्तौल लेकर पहुंचे थे, जबकि तीसरा मोटरसाइकिल पर मौजूद था। आरोपियों ने करीब पांच से सात राउंड गोलियां चलाई थीं। अब पुलिस इस हमले के पीछे की साजिश, आरोपियों के संपर्कों और संभावित मकसद की पड़ताल कर रही है।
मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रौशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले की जांच के लिए करीब 20 विशेष टीमें बनाई गई थीं। तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और अलग-अलग राज्यों की पुलिस से मिले सहयोग के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में कामयाबी मिली। गिरफ्तार आरोपियों में दो हरियाणा के सोनीपत और एक बिहार का रहने वाला है।
20 टीमों ने पीछा किया, कोटा में पकड़े गए तीनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, जुहू में फायरिंग की घटना के बाद आरोपियों की तलाश के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। जांच के दौरान आरोपियों की मोटरसाइकिल अंधेरी रेलवे स्टेशन पर मिली। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की आवाजाही के रास्ते का पता लगाया।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से संकेत मिला कि आरोपी वेस्टर्न रेलवे लाइन के रास्ते सूरत की ओर गए थे। आगे की जांच में जानकारी मिली कि वे सूरत से पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हुए हैं। मुंबई पुलिस ने ट्रेन और संबंधित कोच की जानकारी राजस्थान के कोटा पुलिस के साथ साझा की। इसके बाद कोटा में कार्रवाई कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस ऑपरेशन में मुंबई पुलिस ने राजस्थान और गुजरात पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस से भी मदद ली।
दो आरोपी पिस्तौल लेकर पहुंचे, तीसरा बाइक पर था
डीसीपी राज तिलक रौशन के मुताबिक, घटना वाले दिन टाइगर श्रॉफ किसी निजी काम से जुहू गए थे। इसी दौरान दो आरोपी पिस्तौल लेकर मौके पर पहुंचे, जबकि तीसरा मोटरसाइकिल पर मौजूद था। फायरिंग के दौरान करीब पांच से सात राउंड गोलियां चलाए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आरोपियों के पास से हथियार बरामद नहीं किए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस्तेमाल किए गए हथियार कहां हैं और हमले को अंजाम देने के पीछे किसका हाथ था।
क्या टाइगर श्रॉफ को पहले मिली थी धमकी?
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या टाइगर श्रॉफ को फायरिंग से पहले कोई धमकी दी गई थी? इस पर डीसीपी ने कहा कि फिलहाल पुलिस के रिकॉर्ड में ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे साबित हो कि अभिनेता को घटना से पहले धमकी भरे फोन आए थे।
उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और आगे की पड़ताल में बड़ी साजिश से जुड़े पहलू सामने आ सकते हैं। पुलिस इस मामले में मानक प्रक्रियाओं और संबंधित अदालती आदेशों का पालन कर रही है।
फिलहाल, धमकी मिलने की बात की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। ऐसे में हमले के पीछे की वजह और किसी संभावित साजिश की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
गिरफ्तार आरोपियों की पढ़ाई और सोशल मीडिया की भी जांच
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीन आरोपियों में से दो 12वीं पास हैं, जबकि एक ने नौवीं तक पढ़ाई की है। मामले में गिरफ्तार गिग वर्कर की पहचान रेहान अंसारी के रूप में बताई गई है, जो रैपिडो के साथ काम करता था और 12वीं तक पढ़ा है।
जांच एजेंसियां आरोपियों की सोशल मीडिया पोस्ट, संपर्कों और अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने किसी के निर्देश पर वारदात को अंजाम दिया था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी।
फिलहाल, तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी मामले के कई अहम सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं। पुलिस की जांच का केंद्र हमले का मकसद, हथियारों की बरामदगी और संभावित साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है।


