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Bokaro ESL Plant Accident: बोकारो ESL हादसा: दो की मौत के बाद क्यों भड़का गुस्सा? नौकरी-मुआवजे पर वार्ता फेल
Bokaro ESL Plant Accident: बोकारो के ESL स्टील प्लांट में गैस के संपर्क में आने से दो लोगों की मौत के बाद प्रदर्शन तेज हो गया है। परिजन मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। जानें पूरा मामला।
Bokaro ESL Plant Accident: Two Dead in Gas Incident, Talks Over Compensation and Jobs Fail
Bokaro ESL Plant Accident: बोकारो में वेदांता समूह की ESL स्टील लिमिटेड के प्लांट में गैस के संपर्क में आने से दो लोगों की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतकों में कंपनी के एग्जीक्यूटिव सोहन महतो और बिजनेस पार्टनर के इंजीनियर समीर अंसारी शामिल हैं। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर कंपनी के आरएमएसएच गेट को जाम कर दिया। प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता विफल रहने के बाद प्रदर्शनकारियों ने लिखित आश्वासन की मांग तेज कर दी है।
अब पीड़ित परिवार गहरे संकट में
झारखंड के बोकारो जिले में स्थित ESL स्टील लिमिटेड के प्लांट में रविवार को हुए हादसे ने दो परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। प्रथम पाली के दौरान प्लांट परिसर में काम करते समय दो लोग गैस के संपर्क में आ गए। तबीयत बिगड़ने पर दोनों को तत्काल तलगड़िया मोड़ स्थित हिलकैंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। अब यह मामला मुआवजे, रोजगार और औद्योगिक सुरक्षा की मांग को लेकर तूल पकड़ रहा है।
गैस के संपर्क में आने से गई एग्जीक्यूटिव और इंजीनियर की जान
हादसे में जान गंवाने वाले सोहन महतो बोकारो जिले के योगेश्वर बिहार थाना क्षेत्र के तिलैया गांव के रहने वाले थे। वह ESL स्टील लिमिटेड में एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में छह साल का बेटा और एक साल की बेटी है। सोहन की मौत के बाद परिवार के सामने बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। वहीं, दूसरे मृतक समीर अंसारी धनबाद जिले के डिगवाडीह स्थित जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के निवासी थे। वह ई-2 ऊर्जा नामक बिजनेस पार्टनर के अधीन इंजीनियर के रूप में काम करते थे। दोनों की मौत के बाद उनके परिजन आर्थिक सहायता और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्लांट में कौन-सी गैस के संपर्क में आने से हादसा हुआ और दुर्घटना की वजह क्या थी। इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
चास मुफस्सिल थाना परिसर में हुई त्रिपक्षीय वार्ता, नहीं बनी सहमति
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों की मांगों पर चर्चा के लिए चास मुफस्सिल थाना परिसर में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। इसमें जिला प्रशासन के अधिकारियों, कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधियों, परिजनों, राजनीतिक दलों और श्रमिक संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बातचीत के दौरान परिजनों ने उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और अन्य वैधानिक लाभ देने की मांग रखी।
परिजनों का कहना है कि परिवार के सदस्य की अचानक मौत के बाद उनके सामने आजीविका और बच्चों के भविष्य से जुड़ी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में कंपनी प्रबंधन को परिवारों की आर्थिक स्थिति और भविष्य को ध्यान में रखते हुए ठोस सहायता देनी चाहिए। हालांकि, लंबी बातचीत के बाद भी कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद मामला और गरमा गया।
आरएमएसएच गेट जाम कर प्रदर्शन, स्थायी नौकरी का लिखित आश्वासन मांगा
त्रिपक्षीय वार्ता विफल होने के बाद मृतकों के परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कंपनी के आरएमएसएच गेट को जाम कर दिया। प्रदर्शन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम), भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और बीकेएमएस यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की लिखित गारंटी मिले। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।
प्लांट परिसर में बसे भागाबांध गांव के लोग भी चिंतित
ESL स्टील प्लांट परिसर के भीतर भागाबांध गांव बसा हुआ है। ऐसे में औद्योगिक इकाई में हुए हादसे के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्लांट में कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि औद्योगिक इकाई में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी इंतजाम होने चाहिए। गैस से जुड़ी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निगरानी, चेतावनी प्रणाली, सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन बचाव व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, इस हादसे में सुरक्षा संबंधी किसी विशेष चूक की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जांच के दौरान यह पता लगाना जरूरी होगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
कंपनी ने जताया दुख, स्वतंत्र जांच कराने का दिया भरोसा
ESL स्टील लिमिटेड ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए दोनों मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। कंपनी ने कहा है कि मृतकों में उसका एक एग्जीक्यूटिव और बिजनेस पार्टनर का एक इंजीनियर शामिल था। प्रबंधन के अनुसार, दोनों परिवारों को हरसंभव सहायता और सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही, घटना की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, दो लोगों की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन का क्या नतीजा होगा, यह कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के अगले फैसले पर टिका है।


