जोरदार आवाज के साथ धंसी जमीन…12 घरों में पड़ी दरारें, दहशत में धनबाद के लोग

Dhanbad Land Subsidence: धनबाद के बस्ताकोला की कामिनी कल्याण बस्ती में जमीन धंसने से करीब एक दर्जन घरों में दरारें पड़ गईं। भूमिगत पाइपलाइन टूटने से जलापूर्ति ठप हो गई। आक्रोशित लोगों ने झरिया-धनबाद मार्ग जाम कर दिया।

Aditya Kumar Verma
Published on: 23 Aug 2026 8:58 AM IST
Dhanbad Land Subsidence
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Dhanbad Land Subsidence: झारखंड के धनबाद में जमीन धंसने की एक और घटना सामने आई है। यहां बस्ताकोला क्षेत्र में बंद झरिया आरएसपी कॉलेज (Jharia RSP College) के पास स्थित कामिनी कल्याण बस्ती (Kamini Kalyan Basti) में शनिवार दोपहर जोरदार आवाज के साथ अचानक जमीन धंस गई। भू-धंसान (Land Collapse) इतना तेज था कि करीब एक दर्जन घरों में दरारें पड़ गईं। घटना के बाद पूरी बस्ती में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

जमीन धंसने की घटना के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। अचानक जमीन धंसने से लोगों में डर फैल गया और प्रभावित परिवारों के सामने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता खड़ी हो गई।

भू-धंसान से टूटी पाइपलाइन

कामिनी कल्याण बस्ती में हुआ भू-धंसान इतना भीषण था कि कई घरों की भूमिगत पाइपलाइन (Underground Pipeline) टूट गई। पाइपलाइन टूटने के कारण पूरी बस्ती में जलापूर्ति (Water Supply) पूरी तरह ठप हो गई है।

घटना के बाद माइंस रेस्क्यू (Mines Rescue) की पूरी तकनीकी टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। टीम की ओर से जमीन धंसने की स्थिति और प्रभावित इलाके का तकनीकी स्तर पर निरीक्षण किया जा रहा है।

लोगों ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग किया जाम

जमीन धंसने की घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग (Jharia-Dhanbad Main Road) पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने सड़क के बीच खड़े होकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया। इसके चलते मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया।

लोगों में जमीन धंसने की घटना को लेकर काफी आक्रोश था। प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों ने मौके पर अधिकारियों से कार्रवाई और राहत की मांग की।

मेयर संजीव सिंह सबसे पहले पहुंचे

घटना की जानकारी मिलने के बाद मेयर संजीव सिंह (Mayor Sanjeev Singh) सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीसीसीएल (BCCL) अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने और युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।

इसके बाद बस्ताकोला जीएम एसके गायकवाड़ (SK Gaikwad) और राजापुर परियोजना पदाधिकारी एम कुंडू (M Kundu) भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद पीड़ित परिवारों से बातचीत की।

अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया

मौके पर सिंदरी डीएसपी प्रकाश चंद महतो (Prakash Chand Mahto) भी दलबल के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने आक्रोशित लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को समझाया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद किसी तरह लोगों का विरोध शांत कराया गया।

घटना के बाद प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया गया। साथ ही राहत कार्य को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई।

संजीव के समझाने पर शांत हुए प्रभावित परिवार

मेयर संजीव सिंह ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर बसाया जाएगा।

मेयर की ओर से तत्काल राहत के तौर पर बेघर हुए आशीष रवानी (Ashish Ravani), निरंजन रवानी (Niranjan Ravani), बेबी देवी (Baby Devi) और विश्वजीत दे (Vishwajit De) के परिवारों के लिए रात गुजारने की व्यवस्था कराई गई।

इन प्रभावित परिवारों को बस्ताकोला रेस्क्यू स्कूल (Bastacolla Rescue School) स्थित जीएम ऑफिस (GM Office) में रहने की व्यवस्था दी गई है। जमीन धंसने की घटना के बाद फिलहाल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था की गई है और मौके पर तकनीकी टीम जांच में जुटी है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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